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चेतेश्वर पुजारा ने ठोकी ताल, बोले- टेस्ट श्रंखला में इंग्लैंड के लिए पूरी तरह तैयार है 'विराट सेना'
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 24 Jul 2018 07:24 PM IST
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जब देश आजाद भी नहीं हुआ था तब 1932 में भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड का पहला दौरा किया था। उस दौर से लेकर अबतक कुल 17 बार टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर जा चुकी है। सिर्फ 3 में जीत हासिल करने वाले इस टीम को 13 बार हार का मुंह देखना पड़ा जबकि सिर्फ एक बार श्रंखला ड्रॉ पर छूटी।
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भारतीयों की उम्मीदों का बोझ इस बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली के कंधों पर है। शानदार फॉर्म में चल रही टीम इंडिया 5 मैच की इस लंबी टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड को टी-20 श्रंखला में मात दे चुकी है। हालांकि वनडे सीरीज में उसे 1-2 से हार का मुंह देखना पड़ा था। ऐसे में टेस्ट श्रंखला जीतने वाली टीम इस दौरे की असल सिकंदर कहलाएगी।
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वैसे भारतीय मध्यक्रम की जान चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि इस बार भारतीय दल बेहतर तैयारी से इंग्लैंड पहुंचा है और अंग्रेजों से दोगुना लगान वसूल कर ही वापस लौटेगा। पुजारा की माने तो आखिरी बार 2014 में इंग्लैंड दौरे के बाद से भारतीय टीम कई विदेशी दौरे कर चुकी है।
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यह अनुभव निश्चित तौर पर हमारे काम आएगा। सभी खिलाड़ी अनुभवी है, गेंदबाद गो या बल्लेबाज दोनों को स्विंग-सिम गेंदबाजी खेलने का अनुभव है।
इंग्लैंड में जीत का मंत्र
यॉर्कशायर की ओर से इस सीजन काउंटी क्रिकेट खेलने वाले सौराष्ट्र का यह बल्लेबाज अपनी तैयारी से पूरी तरह खुश है। इंग्लैंड में खेलने की सबसे बड़ी चुनौती वहां के हालातों में खुद को ढालना होता है, परिस्थितियों के अनुकूल होना एक बड़ी चुनौती होती है पुजारा जिस पार पाने का दावा कर रहे हैं।
इंग्लैंड में जीत का मंत्र पूछने पर 30 वर्षीय यह बल्लेबाज कहते हैं कि, 'इंग्लैंड के हालात हमेशा से बल्लेबाजी के लिए बेहद कठिन माने जाते रहे हैं, ऐसे वक्त में हमें अपना स्वभाव बनाए रखना होगा। दोनों दिशाओं की ओर गेंद कांटा बदलेगा ऐसे में खिलाड़ी को अपनी बल्लेबाजी शैली का उदाहरण देना होगा। एक बार क्रीज पर जमते ही आप अपने शॉट लगाने में सहज महसूस करने लगेंगे।
चेतेश्वर पुजारा को अगर 'रन मशीन' की संज्ञा दी जाए को गलत नहीं होगा। मौजूदा दौर में भारतीय टेस्ट टीम की जान पुजारा ने 2013 के बाद एशिया में खेले गए 31 टेस्ट मैच में 63.22 की औसत से 2845 रन बनाए, जिसमें 10 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उप महाद्वीप के बाहर जाते ही उनके खेल में फर्क नजर आने लगता है।
इसी समयकाल में बाहर खेले गए 15 टेस्ट मैच में पुजारा का औसत महज 28.76 का रह जाता है, जिसमें उनके नाम महज एक शतक है। ऐसे में इंग्लैंड दौरे में टीम इंडिया को जीत हासिल करने के लिए चेतेश्वर पुजारा के फॉर्म पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ सकता है।
राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर चलने का प्रयास करने वाला पुजारा के पास मजबूत तकनीक, एकाग्रता और तेज पिच पर खेलने का एटीट्यूट है इसलिए उन्हें टीम इंडिया में भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में देखा जाता है।
इंग्लैंड में जीत का मंत्र पूछने पर 30 वर्षीय यह बल्लेबाज कहते हैं कि, 'इंग्लैंड के हालात हमेशा से बल्लेबाजी के लिए बेहद कठिन माने जाते रहे हैं, ऐसे वक्त में हमें अपना स्वभाव बनाए रखना होगा। दोनों दिशाओं की ओर गेंद कांटा बदलेगा ऐसे में खिलाड़ी को अपनी बल्लेबाजी शैली का उदाहरण देना होगा। एक बार क्रीज पर जमते ही आप अपने शॉट लगाने में सहज महसूस करने लगेंगे।
चेतेश्वर पुजारा को अगर 'रन मशीन' की संज्ञा दी जाए को गलत नहीं होगा। मौजूदा दौर में भारतीय टेस्ट टीम की जान पुजारा ने 2013 के बाद एशिया में खेले गए 31 टेस्ट मैच में 63.22 की औसत से 2845 रन बनाए, जिसमें 10 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उप महाद्वीप के बाहर जाते ही उनके खेल में फर्क नजर आने लगता है।
इसी समयकाल में बाहर खेले गए 15 टेस्ट मैच में पुजारा का औसत महज 28.76 का रह जाता है, जिसमें उनके नाम महज एक शतक है। ऐसे में इंग्लैंड दौरे में टीम इंडिया को जीत हासिल करने के लिए चेतेश्वर पुजारा के फॉर्म पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ सकता है।
राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर चलने का प्रयास करने वाला पुजारा के पास मजबूत तकनीक, एकाग्रता और तेज पिच पर खेलने का एटीट्यूट है इसलिए उन्हें टीम इंडिया में भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में देखा जाता है।