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Akash Deep Story: पिता-भाई को खोया, आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेट छोड़ी, अब इंग्लैंड के खिलाफ किया यादगार डेब्यू
Fri, 23 Feb 2024 04:24 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रांची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: रोहित राज
Updated Fri, 23 Feb 2024 04:24 PM IST
सार
आकाश के लिए राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का सफर आसान नहीं रहा। मूलरूप से बिहार के रहने वाले इस खिलाड़ी ने अपने जीवन में संघर्ष के कई दौर देखे हैं। कभी पिता-भाई के निधन ने तोड़ा तो कभी आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेट छोड़ना पड़ा था।
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आकाश दीप
- फोटो : BCCI
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विस्तार
बंगाल के तेज गेंदबाज आकाश दीप ने इंग्लैंड के खिलाफ रांची में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। 27 साल के इस खिलाड़ी ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के चौथे मुकाबले में उतरते ही कमाल कर दिया। उन्होंने इंग्लैंड की पहली पारी में शुरुआती तीन विकेट लेकर धमाल मचा दिया। आकाश को अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जगह खेलने का मौका मिला। बुमराह को आराम दिया गया है। आकाश ने कप्तान रोहित शर्मा के भरोसे को सही साबित किया और यादगार प्रदर्शन किया।
आकाश के लिए राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का सफर आसान नहीं रहा। मूलरूप से बिहार के रहने वाले इस खिलाड़ी ने अपने जीवन में संघर्ष के कई दौर देखे हैं। कभी पिता-भाई के निधन ने तोड़ा तो कभी आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेट छोड़ना पड़ा। आकाश के पिता उन्हें सरकारी नौकरी करते देखना चाहते थे। उन्होंने कई परीक्षाएं भी दीं, लेकिन उनके मन में हमेशा क्रिकेट चल रहा था। पढ़ाई में उतना मन नहीं लगता था। वह क्रिकेट के लिए ज्यादा समय निकालते थे।
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आकाश के लिए राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का सफर आसान नहीं रहा। मूलरूप से बिहार के रहने वाले इस खिलाड़ी ने अपने जीवन में संघर्ष के कई दौर देखे हैं। कभी पिता-भाई के निधन ने तोड़ा तो कभी आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेट छोड़ना पड़ा। आकाश के पिता उन्हें सरकारी नौकरी करते देखना चाहते थे। उन्होंने कई परीक्षाएं भी दीं, लेकिन उनके मन में हमेशा क्रिकेट चल रहा था। पढ़ाई में उतना मन नहीं लगता था। वह क्रिकेट के लिए ज्यादा समय निकालते थे।
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आकाश दीप ने क्राउली को बोल्ड किया
- फोटो : BCCI
बचपन में लोग सुनाते थे ताने
आकाश ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा था कि लोग बचपन में उन्हें ताने सुनाते थे। यहां तक के दोस्तों के घर वाले भी उनकी बुराई करते थे। अपने बच्चों को उनसे दूर रहने की सलाह देते थे। भारतीय तेज गेंदबाज ने बताया कि लोग यह कहते थे कि आकाश से दूर रहो। उसके संगत में रहकर बिगड़ जाओगे। हालांकि, आकाश अब किसी की आलोचना नहीं करते हैं।
सबसे कठिन रहा साल 2015
आकाश के लिए 2015 उनके जीवन का सबसे कठिन साल रहा। उन्होंने छह महीने के अंदर अपने पिता और भाई दोनों को खो दिया था। पिता का निधन स्ट्रोक के कारण हुआ था। वहीं, दो महीने बाद उनके भाई ने भी दुनिया छोड़ दी। आकाश के घर में पैसे नहीं थे। उन्हें अपनी मां की देखभाल करनी थी। इस कारण उन्होंने क्रिकेट को तीन साल के लिए छोड़ दिया था। बाद में आकाश को लगा कि वह क्रिकेट से ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकते हैं। इसके बाद दुर्गापुर चले गए। वहां से फिर कोलकाता पहुंचे। एक छोटे से कमरे में भाई के साथ रहने लगे।
आकाश ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा था कि लोग बचपन में उन्हें ताने सुनाते थे। यहां तक के दोस्तों के घर वाले भी उनकी बुराई करते थे। अपने बच्चों को उनसे दूर रहने की सलाह देते थे। भारतीय तेज गेंदबाज ने बताया कि लोग यह कहते थे कि आकाश से दूर रहो। उसके संगत में रहकर बिगड़ जाओगे। हालांकि, आकाश अब किसी की आलोचना नहीं करते हैं।
सबसे कठिन रहा साल 2015
आकाश के लिए 2015 उनके जीवन का सबसे कठिन साल रहा। उन्होंने छह महीने के अंदर अपने पिता और भाई दोनों को खो दिया था। पिता का निधन स्ट्रोक के कारण हुआ था। वहीं, दो महीने बाद उनके भाई ने भी दुनिया छोड़ दी। आकाश के घर में पैसे नहीं थे। उन्हें अपनी मां की देखभाल करनी थी। इस कारण उन्होंने क्रिकेट को तीन साल के लिए छोड़ दिया था। बाद में आकाश को लगा कि वह क्रिकेट से ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकते हैं। इसके बाद दुर्गापुर चले गए। वहां से फिर कोलकाता पहुंचे। एक छोटे से कमरे में भाई के साथ रहने लगे।
आकाश दीप
- फोटो : BCCI
दोस्त और चाचा ने की मदद
आकाश अपने दोस्त का शुक्रिया हमेशा करते हैं। उन्होंने बताया कि दोस्त ने ही उन्हें बुरे समय में काफी मदद की। दुर्गापुर में उन्हें क्लब क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। टेनिस गेंद की क्रिकेट से उनकी कमाई हो जाती है। दुर्गापुर में चाचा ने भी काफी मदद की। उन्होंने आकाश को मुश्किलों से बाहर निकाला और क्रिकेट पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। आकाश ने 2019 में बंगाल के लिए पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। उसी साल लिस्ट ए और टी20 फॉर्मेट में भी डेब्यू का मौका मिला।
आकाश अपने दोस्त का शुक्रिया हमेशा करते हैं। उन्होंने बताया कि दोस्त ने ही उन्हें बुरे समय में काफी मदद की। दुर्गापुर में उन्हें क्लब क्रिकेट में खेलने का मौका मिला। टेनिस गेंद की क्रिकेट से उनकी कमाई हो जाती है। दुर्गापुर में चाचा ने भी काफी मदद की। उन्होंने आकाश को मुश्किलों से बाहर निकाला और क्रिकेट पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। आकाश ने 2019 में बंगाल के लिए पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। उसी साल लिस्ट ए और टी20 फॉर्मेट में भी डेब्यू का मौका मिला।
आकाश दीप का परिवार
- फोटो : BCCI
आकाश का करियर
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री से पहले आकाश ने बंगाल के लिए 30 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 104 विकेट लिए। लिस्ट ए के 28 मैचों में उनके नाम 42 विकेट हैं। वहीं, 41 टी20 में उन्होंने 48 विकेट झटके हैं। आकाश आईपीएल में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए खेलते हैं। उन्होंने टीम के लिए सात मैचों में छह विकेट लिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री से पहले आकाश ने बंगाल के लिए 30 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 104 विकेट लिए। लिस्ट ए के 28 मैचों में उनके नाम 42 विकेट हैं। वहीं, 41 टी20 में उन्होंने 48 विकेट झटके हैं। आकाश आईपीएल में विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए खेलते हैं। उन्होंने टीम के लिए सात मैचों में छह विकेट लिए हैं।