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Analysis: जिन बल्लेबाजों की वजह से एजबेस्टन फतह किया, उन्होंने ही लॉर्ड्स में डुबोई लुटिया, हार के सात कारण
Tue, 15 Jul 2025 10:51 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 15 Jul 2025 10:51 AM IST
सार
जडेजा ने दूसरी पारी में लगभग छह घंटे बल्लेबाजी की और 181 गेंदें खेलीं यानी 30 ओवर बल्लेबाजी की। इतना ही नहीं उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों को भी मैदान पर अपने साथ जमाए रखा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आइए जानते हैं भारत की हार के मुख्य कारण क्या रहे...
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भारत-इंग्लैंड टेस्ट
- फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन भारत को 22 रन से हराकर पांच मैच की सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई। अगला मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा। इंग्लैंड के 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 170 रन पर सिमट गई। मेहमान टीम की ओर से रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक नाबाद 61 रन बनाए, जबकि सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने 39 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की तरफ से जोफ्रा आर्चर और बेन स्टोक्स ने तीन-तीन विकेट चटकाए। इस हार से फैंस काफी निराश हैं, लेकिन जडेजा, सिराज और बुमराह के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
जडेजा ने दूसरी पारी में लगभग छह घंटे बल्लेबाजी की और 181 गेंदें खेलीं यानी 30 ओवर बल्लेबाजी की। इतना ही नहीं उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों को भी मैदान पर अपने साथ जमाए रखा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जडेजा ने बुमराह को पुल शॉट नहीं खेलने को कहा। बुमराह ने उनकी बात मानी भी और 53 गेंदों तक सॉलिड डिफेंस के साथ मैदान पर टिके रहे। हालांकि, स्टोक्स की एक शॉर्ट गेंद को वह हवा में खेल बैठे और कैच आउट हो गए। इसके बाद सिराज ने जडेजा का खूब साथ दिया। ऐसा लगा ही नहीं कि कोई पुछल्ला बल्लेबाज क्रीज पर था। दोनों के डिफेंस ने फैंस का दिल जीत लिया।
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जडेजा ने दूसरी पारी में लगभग छह घंटे बल्लेबाजी की और 181 गेंदें खेलीं यानी 30 ओवर बल्लेबाजी की। इतना ही नहीं उन्होंने पुछल्ले बल्लेबाजों को भी मैदान पर अपने साथ जमाए रखा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जडेजा ने बुमराह को पुल शॉट नहीं खेलने को कहा। बुमराह ने उनकी बात मानी भी और 53 गेंदों तक सॉलिड डिफेंस के साथ मैदान पर टिके रहे। हालांकि, स्टोक्स की एक शॉर्ट गेंद को वह हवा में खेल बैठे और कैच आउट हो गए। इसके बाद सिराज ने जडेजा का खूब साथ दिया। ऐसा लगा ही नहीं कि कोई पुछल्ला बल्लेबाज क्रीज पर था। दोनों के डिफेंस ने फैंस का दिल जीत लिया।
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सिराज और जडेजा
- फोटो : BCCI
सिराज ने भी टीम इंडिया को जीत दिलाने की खूब कोशिश की। शोएब बशीर की गेंद को उन्होंने सॉलिड डिफेंस भी किया, लेकिन गेंद रिवर्स स्पिन होकर विकेट पर जा लगी। इतने अच्छे डिफेंस के बाद गेंद का विकेट पर लगना किसी चमत्कार की तरह था। ऐसा लगा कोई जादू हुआ हो। इसने सिराज और जडेजा का दिल तोड़ दिया और दोनों काफी निराश दिखे। हालांकि, इसने एक जवाब तो साफ कर दिया कि कोच गौतम गंभीर और आलोचक लीड्स में पहले टेस्ट के बाद जिन पुछल्ले बल्लेबाजों को हार की वजह बता रहे थे, उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दे दिया।
हालांकि, एजबेस्टन टेस्ट में जिस बल्लेबाजी के दम पर हमने जीत हासिल की थी, उन्होंने जरूर इस टेस्ट में धोखा दे दिया। दूसरी पारी में न तो राहुल चले, न ही पंत और न ही कप्तान गिल। कप्तान गिल तो दोनों पारियों में फेल रहे। इसके अलावा भी हार की कई वजहें रहीं, आइए जानते हैं...
हालांकि, एजबेस्टन टेस्ट में जिस बल्लेबाजी के दम पर हमने जीत हासिल की थी, उन्होंने जरूर इस टेस्ट में धोखा दे दिया। दूसरी पारी में न तो राहुल चले, न ही पंत और न ही कप्तान गिल। कप्तान गिल तो दोनों पारियों में फेल रहे। इसके अलावा भी हार की कई वजहें रहीं, आइए जानते हैं...
यशस्वी-गिल
- फोटो : BCCI-X
1. यशस्वी-गिल का फ्लॉप होना
शुरुआती दो टेस्ट में यशस्वी और गिल ने शानदार बल्लेबाजी की थी। यशस्वी को आने वाले समय का बड़ा बल्लेबाज माना जाता है, लेकिन इस टेस्ट में उनका खराब शॉट चयन टीम इंडिया की हार के मुख्य वजहों में से एक है। पहली पारी में वह जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप में हैरी ब्रूक को कैच दे बैठे। वहीं, दूसरी पारी में आर्चर की ही गेंद पर हवा में गैरजिम्मेदाराना शॉट खेल बैठे और कैच आउट हुए। पहली पारी में यशस्वी ने आठ गेंदें खेलीं और 13 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में सात गेंदें खेलीं और खाता भी नहीं खोल पाए। वहीं, कप्तान शुभमन गिल ने इस सीरीज में 600+ रन बना लिए हैं, लेकिन जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तो उनका बल्ला खामोश रहा। पहली पारी में वह 44 गेंद में 16 रन और दूसरी पारी में नौ गेंद में छह रन बनाकर आउट हुए।
शुरुआती दो टेस्ट में यशस्वी और गिल ने शानदार बल्लेबाजी की थी। यशस्वी को आने वाले समय का बड़ा बल्लेबाज माना जाता है, लेकिन इस टेस्ट में उनका खराब शॉट चयन टीम इंडिया की हार के मुख्य वजहों में से एक है। पहली पारी में वह जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप में हैरी ब्रूक को कैच दे बैठे। वहीं, दूसरी पारी में आर्चर की ही गेंद पर हवा में गैरजिम्मेदाराना शॉट खेल बैठे और कैच आउट हुए। पहली पारी में यशस्वी ने आठ गेंदें खेलीं और 13 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में सात गेंदें खेलीं और खाता भी नहीं खोल पाए। वहीं, कप्तान शुभमन गिल ने इस सीरीज में 600+ रन बना लिए हैं, लेकिन जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तो उनका बल्ला खामोश रहा। पहली पारी में वह 44 गेंद में 16 रन और दूसरी पारी में नौ गेंद में छह रन बनाकर आउट हुए।
करुण नायर
- फोटो : bcci-x
2. नंबर तीन की समस्या बरकरार
करुण नायर की वापसी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी रन भी बनाए थे और मेहनत के दम पर वापसी की थी। हालांकि, इसके बाद से उनका खेल फिसड्डी हो गया है। पहले टेस्ट में उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी दी गई तो सबने कहा कि यह उनका नैचुरल बैटिंग पोजिशन नहीं है। इसके बाद एजबेस्टन में सपाट पिच और लॉर्ड्स में मुश्किल पिच पर उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने को कहा गया और इन दोनों जगह वह फ्लॉप हुए। अब तक तीन टेस्ट की छह पारियों में उनका स्कोर 0, 20, 31, 26, 40 और 14 रन का रहा है। तीसरे नंबर पर भारत को बेहतर विकल्प ढूंढ़ना होगा। करुण का फॉर्म अगर ऐसा ही रहा तो उन्हें फिर से ड्रॉप करने में समय नहीं लगेगा।
करुण नायर की वापसी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी रन भी बनाए थे और मेहनत के दम पर वापसी की थी। हालांकि, इसके बाद से उनका खेल फिसड्डी हो गया है। पहले टेस्ट में उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी दी गई तो सबने कहा कि यह उनका नैचुरल बैटिंग पोजिशन नहीं है। इसके बाद एजबेस्टन में सपाट पिच और लॉर्ड्स में मुश्किल पिच पर उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने को कहा गया और इन दोनों जगह वह फ्लॉप हुए। अब तक तीन टेस्ट की छह पारियों में उनका स्कोर 0, 20, 31, 26, 40 और 14 रन का रहा है। तीसरे नंबर पर भारत को बेहतर विकल्प ढूंढ़ना होगा। करुण का फॉर्म अगर ऐसा ही रहा तो उन्हें फिर से ड्रॉप करने में समय नहीं लगेगा।
भारत-इंग्लैंड टेस्ट
- फोटो : ANI/PTI
3. पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी आउट न कर पाना
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 271 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी भारतीय टीम उन्हें जल्दी नहीं समेट पाई। जेमी स्मिथ ने ब्रायडन कार्स के साथ आठवें विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी कर डाली। इससे इंग्लैंड 387 के स्कोर तक पहुंच पाया। भारत के साथ यह समस्या नई नहीं है। पहले भी कई बार जरूरी मौकों पर विपक्षी टीम के पुछल्ले बल्लेबाज भारत के खिलाफ रन बनाते रहे हैं।
इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 271 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी भारतीय टीम उन्हें जल्दी नहीं समेट पाई। जेमी स्मिथ ने ब्रायडन कार्स के साथ आठवें विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी कर डाली। इससे इंग्लैंड 387 के स्कोर तक पहुंच पाया। भारत के साथ यह समस्या नई नहीं है। पहले भी कई बार जरूरी मौकों पर विपक्षी टीम के पुछल्ले बल्लेबाज भारत के खिलाफ रन बनाते रहे हैं।
भारत-इंग्लैंड टेस्ट
- फोटो : ANI/PTI
4. ऋषभ पंत का पहली पारी में रन आउट होना
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के साथ-साथ इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स ने भी स्वीकार किया कि पंत का रन आउट होना महत्वपूर्ण लम्हा था। गिल ने मैच के बाद कहा था कि पंत का आउट होने बेहद महत्वपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा था कि पहली पारी में स्कोर बराबर रहने की जगह हमें 80 रन की भी लीड मिली होती तो नतीजा कुछ और हो सकता था। पंत पहली पारी में 74 रन बनाकर काफी अच्छी लय में थे, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के सटीक थ्रो पर वह रन आउट हो गए। उस वक्त भारत का स्कोर 248 रन पर तीन विकेट था और ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया लीड हासिल कर लेगी। पंत और राहुल के बीच चौथे विकेट के लिए 141 रन की साझेदारी हो चुकी थी। पंत के आउट होने के बाद टीम इंडिया के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और 387 रन ही बना पाई।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के साथ-साथ इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स ने भी स्वीकार किया कि पंत का रन आउट होना महत्वपूर्ण लम्हा था। गिल ने मैच के बाद कहा था कि पंत का आउट होने बेहद महत्वपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा था कि पहली पारी में स्कोर बराबर रहने की जगह हमें 80 रन की भी लीड मिली होती तो नतीजा कुछ और हो सकता था। पंत पहली पारी में 74 रन बनाकर काफी अच्छी लय में थे, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के सटीक थ्रो पर वह रन आउट हो गए। उस वक्त भारत का स्कोर 248 रन पर तीन विकेट था और ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया लीड हासिल कर लेगी। पंत और राहुल के बीच चौथे विकेट के लिए 141 रन की साझेदारी हो चुकी थी। पंत के आउट होने के बाद टीम इंडिया के नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और 387 रन ही बना पाई।
भारत-इंग्लैंड टेस्ट
- फोटो : ANI/PTI
5. एकस्ट्रा के तौर पर 63 रन
भारत ने इस टेस्ट में एक्स्ट्रा से 63 रन दिए। पहली पारी में टीम इंडिया ने एक्स्ट्रा से 31 रन और दूसरी पारी में एक्स्ट्रा से 32 रन दिए। इसकी तुलना इंग्लैंड से की जाए तो इंग्लिश टीम ने पहली पारी में एक्स्ट्रा से 12 रन और दूसरी पारी में 18 रन समेत कुल 30 रन दिए। ये एक्स्ट्रा रन भारत की हार के मुख्य वजहों में से एक है। खासतौर पर दूसरी पारी में तो भारतीय टीम ने बाई से खूब रन दिए। टीम इंडिया ने छह बार फोर बाई रन दिए। यानी 24 रन तो इंग्लैंड को फ्री में मिले और फिर यही 24 रन भारी पड़े। टीम इंडिया की हार का अंतर 22 रन का रहा।
भारत ने इस टेस्ट में एक्स्ट्रा से 63 रन दिए। पहली पारी में टीम इंडिया ने एक्स्ट्रा से 31 रन और दूसरी पारी में एक्स्ट्रा से 32 रन दिए। इसकी तुलना इंग्लैंड से की जाए तो इंग्लिश टीम ने पहली पारी में एक्स्ट्रा से 12 रन और दूसरी पारी में 18 रन समेत कुल 30 रन दिए। ये एक्स्ट्रा रन भारत की हार के मुख्य वजहों में से एक है। खासतौर पर दूसरी पारी में तो भारतीय टीम ने बाई से खूब रन दिए। टीम इंडिया ने छह बार फोर बाई रन दिए। यानी 24 रन तो इंग्लैंड को फ्री में मिले और फिर यही 24 रन भारी पड़े। टीम इंडिया की हार का अंतर 22 रन का रहा।
भारत-इंग्लैंड टेस्ट
- फोटो : ANI/PTI
6. दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने जज्बा नहीं दिखाया
जहां भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने दृढ़ संकल्प के साथ बल्लेबाजी की, वहीं मुख्य बल्लेबाज फिसड्डी रहे। केएल राहुल को छोड़कर किसी ने मैदान पर कुछ देर वक्त बिताने और गेंद खेलने का जज्बा नहीं दिखाया। राहुल ने 58 गेंद में 39 रन बनाए। उन्होंने करुण (14) के साथ जरूर साझेदारी निभाने की कोशिश की, लेकिन एक छोर से विकेट गिरते रहे और फिर राहुल भी आउट हो गए। जडेजा ने 181 गेंद में चार चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 61 रन बनाए। वहीं, नीतीश ने 53 गेंद में 13 रन, बुमराह ने 54 गेंद में पांच रन और सिराज ने 30 गेंद में चार रन बनाए। इनके रन भले ही ज्यादा न हों, लेकिन इनमें जज्बा दिखा।
जहां भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने दृढ़ संकल्प के साथ बल्लेबाजी की, वहीं मुख्य बल्लेबाज फिसड्डी रहे। केएल राहुल को छोड़कर किसी ने मैदान पर कुछ देर वक्त बिताने और गेंद खेलने का जज्बा नहीं दिखाया। राहुल ने 58 गेंद में 39 रन बनाए। उन्होंने करुण (14) के साथ जरूर साझेदारी निभाने की कोशिश की, लेकिन एक छोर से विकेट गिरते रहे और फिर राहुल भी आउट हो गए। जडेजा ने 181 गेंद में चार चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 61 रन बनाए। वहीं, नीतीश ने 53 गेंद में 13 रन, बुमराह ने 54 गेंद में पांच रन और सिराज ने 30 गेंद में चार रन बनाए। इनके रन भले ही ज्यादा न हों, लेकिन इनमें जज्बा दिखा।
बेन स्टोक्स
- फोटो : PTI
7. आर्चर-स्टोक्स की मैराथन गेंदबाजी
स्टोक्स ने तो कमाल की गेंदबाजी की। कप्तान होने के नाते उन्होंने इंग्लैंड टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी खुद पर ली और लगातार गेंदबाजी करते रहे। पहला स्पैल उनका साढ़े नौ ओवर का रहा, फिर दूसरा स्पैल उनका छह ओवर का रहा। फिर उन्होंने आखिर में लगातार कई ओवर डाले। उनकी मैराथन गेंदबाजी ने इंग्लैंड को कई अहम विकेट दिलाए। स्टोक्स ने राहुल, आकाश दीप और बुमराह के विकेट झटके। वहीं, आर्चर ने भी कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने यशस्वी, सुंदर और पंत को पवेलियन भेजा। स्टोक्स को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हम बुमराह के लंबे स्पैल से देने से डरते हैं, भले ही अगले टेस्ट में कितना भी गैप हो। उनके वर्कलोड को सोचते हैं। गिल ने तीसरे टेस्ट के बाद भी बुमराह के मैनचेस्टर में खेलने को लेकर कोई पुष्टि नहीं की। वहीं, स्टोक्स भी हाल फिलहाल में कई बार चोटिल हुए, खेल से दूर रहे, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी की और टीम को जीत दिलाकर ही माने।
स्टोक्स ने तो कमाल की गेंदबाजी की। कप्तान होने के नाते उन्होंने इंग्लैंड टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी खुद पर ली और लगातार गेंदबाजी करते रहे। पहला स्पैल उनका साढ़े नौ ओवर का रहा, फिर दूसरा स्पैल उनका छह ओवर का रहा। फिर उन्होंने आखिर में लगातार कई ओवर डाले। उनकी मैराथन गेंदबाजी ने इंग्लैंड को कई अहम विकेट दिलाए। स्टोक्स ने राहुल, आकाश दीप और बुमराह के विकेट झटके। वहीं, आर्चर ने भी कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने यशस्वी, सुंदर और पंत को पवेलियन भेजा। स्टोक्स को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हम बुमराह के लंबे स्पैल से देने से डरते हैं, भले ही अगले टेस्ट में कितना भी गैप हो। उनके वर्कलोड को सोचते हैं। गिल ने तीसरे टेस्ट के बाद भी बुमराह के मैनचेस्टर में खेलने को लेकर कोई पुष्टि नहीं की। वहीं, स्टोक्स भी हाल फिलहाल में कई बार चोटिल हुए, खेल से दूर रहे, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी की और टीम को जीत दिलाकर ही माने।