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IND vs ENG: स्पिन पिच की मजबूती बनी कमजोरी, गिल और अय्यर घरेलू मैदान पर फेल; ये हैं भारत की हार के पांच कारण
Sun, 28 Jan 2024 10:41 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:41 PM IST
सार
एक दशक से अपनी पिचों पर सबसे मजबूत कही जाने वाली टीम इंडिया हैदराबाद में क्यों हार गई? हार के लिए जिम्मेदार कौन है? हम आपको पांच बिंदुओं में इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं....
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भारत बनाम इंग्लैंड
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा है। पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया ने खराब शुरुआत की। हैदराबाद में मेहमान टीम ने मैच को 28 रन से अपने नाम कर लिया। इस मैच में रोहित शर्मा की सेना अपने ही जाल में फंस गई। टीम ने स्पिन ट्रैक तैयार करवाया, लेकिन इंग्लैंड के नए स्पिनर को नहीं खेल पाई। इस हार के बाद सीरीज में वह 0-1 से पीछे हो गई। वहीं, इसका नुकसान आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी देखने को मिला। अब सवाल उठता है कि एक दशक से अपनी पिचों पर सबसे मजबूत कही जाने वाली टीम इंडिया हैदराबाद में क्यों हार गई? हार के लिए जिम्मेदार कौन है? हम आपको पांच बिंदुओं में इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं....
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टॉम हार्टले
- फोटो : BCCI
स्पिन पिच पर फेल ही भारतीय दिग्गज
भारत अपने घरेलू मैदान पर हमेशा स्पिन पिच बनवाती है। इससे उसके गेंदबाजों को फायदा होता है। टीम में रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल तीन स्पिनर थे। इन पिचों पर खेलने में भारतीय बल्लेबाज भी अभ्यस्त होते हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा नहीं दिखा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1952 के बाद यह पहला अवसर है जब इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों ने भारतीय पिच पर दोनों पारियों को मिलाकर सभी 20 विकेट अपने नाम किए। टीम इंडिया के अलावा अनुभवहीन स्पिनरों का सामना नहीं कर पाए। टॉम हार्टले ने डेब्यू किया और मैच में कुल नौ विकेट झटक लिए। दूसरी पारी में तो उन्होंने सात विकेट अपने नाम किए।
भारत अपने घरेलू मैदान पर हमेशा स्पिन पिच बनवाती है। इससे उसके गेंदबाजों को फायदा होता है। टीम में रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल तीन स्पिनर थे। इन पिचों पर खेलने में भारतीय बल्लेबाज भी अभ्यस्त होते हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ ऐसा नहीं दिखा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1952 के बाद यह पहला अवसर है जब इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों ने भारतीय पिच पर दोनों पारियों को मिलाकर सभी 20 विकेट अपने नाम किए। टीम इंडिया के अलावा अनुभवहीन स्पिनरों का सामना नहीं कर पाए। टॉम हार्टले ने डेब्यू किया और मैच में कुल नौ विकेट झटक लिए। दूसरी पारी में तो उन्होंने सात विकेट अपने नाम किए।
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श्रेयस अय्यर
- फोटो : सोशल मीडिया
बल्लेबाजों ने किया निराश
भारत के बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस मैच अच्छा नहीं रहा। यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में तो शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन दूसरी पारी में तीनों का बल्ला नहीं चला। रोहित शर्मा, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और केएस भरत तो दोनों पारियों में फेल हो गए। रोहित ने 43 और 15 रन बनाए। शुभमन ने पहली पारी में 23 रन बनाए। दूसरी पारी में वह खाता नहीं खोल पाए। वहीं, श्रेयस अय्यर ने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 13 रन बनाए। केएस भरत के पास एक सुनहरा मौका था, लेकिन वह 41 और 28 रन ही बना सके।
भारत के बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस मैच अच्छा नहीं रहा। यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल और रवींद्र जडेजा ने पहली पारी में तो शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन दूसरी पारी में तीनों का बल्ला नहीं चला। रोहित शर्मा, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और केएस भरत तो दोनों पारियों में फेल हो गए। रोहित ने 43 और 15 रन बनाए। शुभमन ने पहली पारी में 23 रन बनाए। दूसरी पारी में वह खाता नहीं खोल पाए। वहीं, श्रेयस अय्यर ने पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 13 रन बनाए। केएस भरत के पास एक सुनहरा मौका था, लेकिन वह 41 और 28 रन ही बना सके।
भारत बनाम इंग्लैंड
- फोटो : BCCI
टीम चयन पर सवाल
भारतीय टीम इस मैदान पर तीन स्पिनरों के साथ उतरी। उसने बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव के ऊपर अक्षर पटेल को तरजीह दी। अक्षर ने खराब प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने दोनों पारियों में 44 और 17 रन बनाए। वहीं, गेंदबाजी में कुल तीन विकेट लिए। बल्लेबाजी में तो अक्षर ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन उनका मुख्य काम इस स्पिन ट्रैक पर भारत को विकेट दिलाना था। इसमें वह पीछे छूट गए। क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कुलदीप इस पिच पर होते तो इंग्लैंड की टीम इतनी आसानी से रन नहीं बना पाती। वह टर्निंग ट्रैक पर काफी विकेट लेते।
भारतीय टीम इस मैदान पर तीन स्पिनरों के साथ उतरी। उसने बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव के ऊपर अक्षर पटेल को तरजीह दी। अक्षर ने खराब प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने दोनों पारियों में 44 और 17 रन बनाए। वहीं, गेंदबाजी में कुल तीन विकेट लिए। बल्लेबाजी में तो अक्षर ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन उनका मुख्य काम इस स्पिन ट्रैक पर भारत को विकेट दिलाना था। इसमें वह पीछे छूट गए। क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कुलदीप इस पिच पर होते तो इंग्लैंड की टीम इतनी आसानी से रन नहीं बना पाती। वह टर्निंग ट्रैक पर काफी विकेट लेते।
ओली पोप
- फोटो : बीसीसीआई
कैच छोड़ना पड़ा भारी
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन क्षेत्ररक्षण में भी अच्छा नहीं दिखा। खराब फील्डिंग का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। भारत ने कई कैच टपकाए। ओली पोप ने 196 रन की बड़ी पारी खेली। उनके कई खिलाड़ियों ने टपकाए। पहली पारी में विकेटकीपर केएस भरत ने अश्विन की गेंद पर बेन स्टोक्स का कैच छोड़ा। स्टोक्स ने 70 रन बना दिए। दूसरी पारी में जडेजा की गेंद पर अक्षर ने ओली पोप का कैच छोड़ा। वहीं, मोहम्मद सिराज की गेंद पर केएल राहुल ने पोप को जीवनदान दिया।
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन क्षेत्ररक्षण में भी अच्छा नहीं दिखा। खराब फील्डिंग का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। भारत ने कई कैच टपकाए। ओली पोप ने 196 रन की बड़ी पारी खेली। उनके कई खिलाड़ियों ने टपकाए। पहली पारी में विकेटकीपर केएस भरत ने अश्विन की गेंद पर बेन स्टोक्स का कैच छोड़ा। स्टोक्स ने 70 रन बना दिए। दूसरी पारी में जडेजा की गेंद पर अक्षर ने ओली पोप का कैच छोड़ा। वहीं, मोहम्मद सिराज की गेंद पर केएल राहुल ने पोप को जीवनदान दिया।
रोहित और बेन स्टोक्स
- फोटो : सोशल मीडिया
बैजबॉल को कम आंकना
इंग्लैंड के बल्लेबाजों के आक्रामक खेलने के तरीके को 'बैजबॉल; कहा जा रहा है। न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम अपने करियर में किसी भी परिस्थिति में आक्रामक बल्लेबाजी करते थे। उनके कोच बनने के बाद इंग्लिश टीम ने भी ऐसा करना शुरू किया। 'बैज' मैकुलम का निकनेम है। उनके खेलने के तरीके को उनके निकनेम से जोड़ा गया और उसे 'बैजबॉल' कहा जाने लगा। सीरीज से पहले इस बात की काफी चर्चा थी कि क्या यह भारत में स्पिन गेंदबाजों के सामने सफल होगा? पहली पारी में तो ऐसा नहीं दिखा, लेकिन दूसरी पारी में यह जरूर सफल हुआ। जिस तरह ओली पोप और अन्य इंग्लिश बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के सामने तेजी से रन बनाने शुरू किए, उससे टीम इंडिया दबाव में आ गई। इसका पूरी टीम के ऊपर फील्डिंग के दौरान देखा गया। रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने सीरीज से पहले 'बैजबॉल' के महत्व पर जोर नहीं दिया था। अब टीम प्रबंधन इसे लेकर खास रणनीति बनाना चाहेगा।
इंग्लैंड के बल्लेबाजों के आक्रामक खेलने के तरीके को 'बैजबॉल; कहा जा रहा है। न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम अपने करियर में किसी भी परिस्थिति में आक्रामक बल्लेबाजी करते थे। उनके कोच बनने के बाद इंग्लिश टीम ने भी ऐसा करना शुरू किया। 'बैज' मैकुलम का निकनेम है। उनके खेलने के तरीके को उनके निकनेम से जोड़ा गया और उसे 'बैजबॉल' कहा जाने लगा। सीरीज से पहले इस बात की काफी चर्चा थी कि क्या यह भारत में स्पिन गेंदबाजों के सामने सफल होगा? पहली पारी में तो ऐसा नहीं दिखा, लेकिन दूसरी पारी में यह जरूर सफल हुआ। जिस तरह ओली पोप और अन्य इंग्लिश बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के सामने तेजी से रन बनाने शुरू किए, उससे टीम इंडिया दबाव में आ गई। इसका पूरी टीम के ऊपर फील्डिंग के दौरान देखा गया। रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों ने सीरीज से पहले 'बैजबॉल' के महत्व पर जोर नहीं दिया था। अब टीम प्रबंधन इसे लेकर खास रणनीति बनाना चाहेगा।