ICC का बड़ा कदम, कोरोना वायरस के बाद दोबारा क्रिकेट शुरू करने के लिए जारी की गाइडलाइन
- इसे 'आईसीसी बैक टू क्रिकेट गाइडलाइंस' नाम दिया गया
- टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हो सकती है नियुक्ति
- हर सीरीज से पहले 14 दिन का पृथक ट्रेनिंग कैंप लगाना होगा
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विस्तार
कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद दुनिया भर में दोबारा क्रिकेट शुरू करने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने गाइडलाइन जारी की है। अब इसके तहत ही घरेलू क्रिकेटर्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अभ्यास, यात्रा और खेल के दौरान दूसरे काम कर सकेंगे।
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As we all look forward to the return of cricket, the ICC has formed guidelines on how to keep safe 🙌
— ICC (@ICC) May 22, 2020
Phase 1️⃣ Solo training 🏃
Phase 2️⃣ Small groups of three or less 🏃 🏃 🏃
Phase 3️⃣ Groups of less than 🔟
Phase 4️⃣ Full squad activities 🏏
Details 👉 https://t.co/usB5l7mDNx pic.twitter.com/kUINBbS4M5
गाइडलाइन को चार दौर में बांटा
आईसीसी ने अपनी इस गाइडलाइन को चार दौर में बांटा है। पहले दौर में खिलाड़ियों को अकेले ट्रेनिंग शुरू करनी है। इसके बाद दूसरे दौर में तीन खिलाड़ियों का समूह अभ्यास करेगा। तीसरे दौर में छोटे ग्रुप या टीम अपने कोच के साथ ट्रेनिंग कर सकेंगे। चौथे और आखिरी स्टेज में टीम अपने पूरे स्क्वॉड के साथ मैच खेल सकेंगी, लेकिन वहां भी सामाजिक दूरी यानी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखना होगा।
14 दिन का कैंप और चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति
इसके साथ-साथ गाइडलाइंस में सभी क्रिकेट बोर्ड्स को जरूरी तौर पर स्वास्थ्य जांच, तापमान जांच और कोविड-19 परिक्षण के साथ-साथ मैच से पहले 14 दिन के पृथक अभ्यास शिविर की भी सिफारिश की है। चिकित्सा अधिकारी और जैव सुरक्षा अधिकारी की नियक्ति पर भी विचार करने कहा गया है, जो संबंधित देश द्वारा जारी सरकारी नियमों को लागू करने और ट्रेनिंग व प्रतियोगिता को फिर से शुरू करने के लिए जैव सुरक्षा योजना की जिम्मेदार ले।
कब से शुरू होगा क्रिकेट?
पिछले 2 महीने से बंद क्रिकेट गतिविधियां कब से शुरू हो पाएंगी पूरी गाइडलाइंस में उसका कहीं जिक्र नहीं मिलता। ये गाइडलाइंस एक व्यावहारिक सुझावों के साथ रूपरेखा जरूर देती है, जिस पर चलकर ही सुरक्षा और बिना जोखिम के क्रिकेट दोबारा मैदान तक लौट सकता है। अनिल कुंबले की अगुवाई वाली एक क्रिकेट समिति पहले ही ICC के सामने गेंद पर थूक या लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की अनुशंसा कर चुकी है। बताते चलें कि दुनियाभर में फैल चुकी इस जानलेवा बीमारी ने अबतक 50 लाख लोगों को अपना शिकार बना लिया। वहीं भारत में यह आंकड़ा सवा लाख के पार जाने वाला है।