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David Warner: दिग्गज क्रिकेटर ने वॉर्नर को बताया बूढ़ा, बोले- उनके कप्तान बनने पर लगा बैन हटाने की जरूरत नहीं
Tue, 13 Dec 2022 01:20 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 13 Dec 2022 01:20 PM IST
सार
सैंडपेपर विवाद के बाद डेविड वॉर्नर के कप्तान बनने पर बैन लगा दिया गया था। स्टीव स्मिथ के कप्तान बनने पर भी रोक थी, लेकिन अब वह कई मौकों पर टीम की कमान संभाल चुके हैं।
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डेविड वॉर्नर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज क्रिकेटर इयान चैपल ने डेविड वॉर्नर को ऑस्ट्रेलिया का कप्तान न बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वॉर्नर की कप्तानी पर लगा बैन हटाने की जरूर नहीं है, क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनने के लिए काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वॉर्नर को पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान सौंपी जाती तो वह बेहतरीन कप्तान साबित हो सकते थे।
सैंडपेपर विवाद के बाद डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ को एक साल के लिए, जबकि कैमरून बेनक्राफ्ट को नौ महीने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके साथ ही वॉर्नर के कप्तान बनने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। स्मिथ से भी कप्तानी छीन ली गई थी और उनके कप्तान बनने पर दो साल का बैन लगा दिया गया था। 2020 में स्मिथ के कप्तान बनने पर लगा बैन हट गया।
चैपल ने कहा, "अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वार्नर के कप्तान बनने पर लगा प्रतिबंध हटा देता है, तो वह क्या करने जा रहे हैं? मेरा मतलब है, आप वार्नर को किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान नियुक्त नहीं करने जा रहे हैं, है ना? वह बहुत बूढ़े हैं और उन्हें यह भूमिका नहीं दी जा रही है, क्योंकि कप्तान को युवा होना चाहिए जो आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व करने में सक्षम हो, और डेविड वॉर्नर के वह दिन जा चुके हैं।"
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान चैपल को लगता है कि वार्नर बीबीएल टीम सिडनी थंडर का नेतृत्व करना चाहते थे। इसी वजह से वह उनके ऊपर लगा बैन हटाना चाहते थे। चैपल ने कहा, "मुझे लगता है कि डेविड शायद अपनी बीबीएल टीम (सिडनी थंडर) का नेतृत्व करना चाहते थे, ताकि वह उनकी मदद कर सकें। वह (वार्नर) उनके लिए एक बहुत अच्छा नेता होता, वह बहुत आक्रामक तरीके से सोचते हैं। कप्तान के रूप में हर स्थिति में वह अच्छा करते।"
सैंडपेपर विवाद को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड जिस तरीके से संभाला उस पर भी चैपल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बोर्ड सिर्फ अपना बचाव करना जानता है। वह कभी भी खिलाड़ियों को बचाने की कोशिश नहीं करता।
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सैंडपेपर विवाद के बाद डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ को एक साल के लिए, जबकि कैमरून बेनक्राफ्ट को नौ महीने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके साथ ही वॉर्नर के कप्तान बनने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। स्मिथ से भी कप्तानी छीन ली गई थी और उनके कप्तान बनने पर दो साल का बैन लगा दिया गया था। 2020 में स्मिथ के कप्तान बनने पर लगा बैन हट गया।
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चैपल ने कहा, "अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वार्नर के कप्तान बनने पर लगा प्रतिबंध हटा देता है, तो वह क्या करने जा रहे हैं? मेरा मतलब है, आप वार्नर को किसी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान नियुक्त नहीं करने जा रहे हैं, है ना? वह बहुत बूढ़े हैं और उन्हें यह भूमिका नहीं दी जा रही है, क्योंकि कप्तान को युवा होना चाहिए जो आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व करने में सक्षम हो, और डेविड वॉर्नर के वह दिन जा चुके हैं।"
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान चैपल को लगता है कि वार्नर बीबीएल टीम सिडनी थंडर का नेतृत्व करना चाहते थे। इसी वजह से वह उनके ऊपर लगा बैन हटाना चाहते थे। चैपल ने कहा, "मुझे लगता है कि डेविड शायद अपनी बीबीएल टीम (सिडनी थंडर) का नेतृत्व करना चाहते थे, ताकि वह उनकी मदद कर सकें। वह (वार्नर) उनके लिए एक बहुत अच्छा नेता होता, वह बहुत आक्रामक तरीके से सोचते हैं। कप्तान के रूप में हर स्थिति में वह अच्छा करते।"
सैंडपेपर विवाद को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड जिस तरीके से संभाला उस पर भी चैपल ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बोर्ड सिर्फ अपना बचाव करना जानता है। वह कभी भी खिलाड़ियों को बचाने की कोशिश नहीं करता।