एक गलती से खत्म हो चुका था करियर, दमदार वापसी से ऋधिमान साहा बने दुनिया के नंबर 1 विकेटकीपर
बोर्ड की गलती पड़ी भारी
दरअसल, भारतीय टीम ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था। एक कैच लेते वक्त साहा को कंधे में चोट लग गई। यह चोट गंभीर होती गई। इसके बावजूद साहा खेलते रहे। उन्हें दूर से थ्रो करने में भी दिक्कत हो रही थी। सारे दुखों को नजरअंदाज करते हुए साहा ने 2018 का आईपीएल भी खेला।
इस बीच आईपीएल 2018 में साहा अपना अंगूठा भी चोटिल कर बैठे। शुरू में इसे साधारण चोट माना गया। उन्हें रिहैबिलटेशन के लिए नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) भेजा गया। यहां मौजूद सीनियर फिजियो भी साहा की चोट का सही अंदाजा नहीं लगा सके।
कहा ये जा रहा था कि अंगूठे की चोट के चलते साहा टीम से बाहर हैं, लेकिन जिस चोट को सिर्फ अंगूठे की माना जा रहा था, वास्तव में वह कंधे की थी। पहले कहा गया कि साहा की चोट 5 से 6 सप्ताह में उबर जाएगी। मगर अंत में इंग्लैंड में उनकी बीसीसीआई ने सर्जरी करवाई।
क्या एनसीए में लापरवाही हुई?
बीसीसीआई के इस अफसर के मुताबिक- साहा को लगा होगा कि एनसीए में रिहैब के बाद वे इंग्लैंड दौरे के लिए फिट हो जाएंगे। वहां सीनियर फिजियो की देखरेख में उन्होंने जो ट्रेनिंग की उससे चोट ज्यादा गंभीर हो गई। अब सवाल ये था कि क्या इस फिजियो ने साहा की चोट के बारे में बोर्ड को सही रिपोर्ट दी?
बोर्ड के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और चयनकर्ताओं को भी एनसीए ने साहा की फिटनेस पर जानकारी नहीं दी। क्या मामूली फ्रैक्चर को ठीक होने में दो महीने लगते हैं? सही बात तो ये है कि किसी ने भी वास्तविक कारण जानने की कोशिश नहीं की।
साहा इसके बाद न इंग्लैंड दौरे पर जा पाए और न ही ऑस्ट्रेलिया दौरे में वह टीम का हिस्सा रहे। अपनी इस चोट से जूझते हुए साहा बेहद बुरे दौर से भी गुजरे। मगर हिम्मत नहीं हारी। इसी दौरान ऋषभ पंत को टीम इंडिया में आने का मौका मिला और वे प्रभावित करने में भी सफल रहे, लेकिन हाल ही में पंत के प्रदर्शन में गिरावट आई और साहा को फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका मिला।
उतार चढ़ाव भरा रहा करियर
साहा के करियर की बात करें तो साहा ने अब तक 35 टेस्ट और 9 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 48 पारियों में 1209 रन ही बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और पांच अर्धशतक शामिल है, वे एक स्थापित बल्लेबाज माने जाते हैं, लेकिन उन्हें उनकी विकेटकीपिंग स्किल्स के लिए ज्यादा जाना जाता है। उन्होंने इन 35 मैचों में 86 कैच और 11 स्टंपिंग की हैं, वहीं वनडे में वे 17 कैच ले चुके हैं। रिकॉर्ड भले ही ज्यादा कुछ न कहे लेकिन जिस दिग्गज ने भी साहा को मैदान पर कीपिंग करते हुए देखा है. उन्हें दुनिया के बेस्ट विकेटकीपर में शुमार करने से गुरेज नहीं किया है।
सबसे पहले बनाया यह रिकॉर्ड
साहा पहले ऐसे भारतीय विकेटकीपर हैं जिन्होंने भारत और विदेश (एशिया से बाहर) दोनों जगह शतक लगाए हैं। वे भारत में दो और वेस्टइंडीज में एक शतक लगा चुके हैं, हालांकि इस सूची में अब ऋषभ पंत भी हैं, जिन्होंने भारत और इंग्लैंड दोनों जगह शतक लगा चुके हैं। साहा वैसे तो निर्विवाद रूप से भारत के टेस्ट विकेटकीपर हैं।
वैसे पंत को ताबड़तोड़ बल्लेबाजी में बेहतर माना जाता है यही वजह है कि धोनी के रहते भी पंत वनडे और टी-20 टीम इंडिया में खेलते दिखाई देते हैं, वे उन गिने चुने विकेटकीपर में से एक हैं जिनका प्रति पारी खिलाड़ी आउट करने का औसत 1.5 से कम है। साहा की विकेटकीपिंग की तारीफ करने वालों में विराट कोहली, सौरभ गांगुली, रवि शास्त्री शामिल हैं।