सौरव गांगुली वह नाम जिसने न सिर्फ विदेशों में टीम इंडिया को जीतना सिखाया बल्कि भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की शुरुआत की। टीम इंडिया को खड़ा करने वाले दादा के नाम वैसे तो कप्तानी के कई रिकॉर्ड है। मगर धोनी, सहवाग, भज्जी, युवी, कैफ जैसे युवाओं को बढ़ाने वाले सौरव गांगुली ने अब बरसों बाद धोनी को लेकर खुलासे किए हैं।
गौरव कपूर के चैट शो 'ब्रेकफास्ट विथ चैंपियंस' में सौरव गांगुली ने महेंद्र सिंह धोनी के बारे में खुल कर बात की। पुराने दिनों को याद करते हुए दादा ने बताया कि कैसे उन्होंने माही की टीम इंडिया में एंट्री करवाई। पहली चार पारियों में असफल रहने के बाद भी गांगुली ने युवा धोनी पर पूरा भरोसा जताया। जिसका पूरा फायदा उठाते हुए अपनी पांचवीं पारी में धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन की पारी खेली।
इस एक पारी के बाद महेंद्र सिंह धोनी का करियर पूरी तरह से बदल गया था। महेंद्र सिंह धोनी आगे चल कर भारतीय टीम के कप्तान बने और उन्होंने 2007 में भारत को आईसीसी टी-20 विश्व कप और 2011 में एकदिवसीय विश्व कप के अलावा चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब भी दिलवाया। धोनी भारत के एक छोटे से शहर रांची से आते हैं जो भारत का ऐसा हिस्सा है जिसने आजतक देश को कभी भी राष्ट्रीय क्रिकेटर नहीं दिया था।
महेंद्र सिंह धोनी न सिर्फ राष्ट्रीय टीम के लिए खेले बल्कि दशक तक टीम के कप्तान भी रहे। माही का नाम दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाजों में लिया जाता है। गांगुली ने ब्रेकफास्ट विथ चैंपियंस में बताया, '2004 में जब धोनी टीम में आये, जब वह शुरुआती दो मैच नंबर 7 पर खेले थे। मैंने धोनी की प्रतिभा देखी थी, मुझे लगता है कि आप किसी खिलाड़ी को नीचे धकेलकर (कम मौके देना) सुधार नहीं सकते हैं। आपको खिलाड़ी को क्षमता जानने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा मौके देने होते हैं।'
सौरव गांगुली ने धोनी को नंबर 3 पर भेज कर उनके करियर को तो बना दिया लेकिन अपना करियर बर्बाद कर दिया। नंबर 4 पर गांगुली ने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। जिसके बाद राहुल द्रविड़ की कप्तानी में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और उनका कैरियर बर्बाद हो गया।