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Gambhir-Agarkar: भारतीय टीम में कुछ नया होने के मिले संकेत, वनडे विश्व कप के लिए खाका तैयार करना लक्ष्य
Mon, 22 Jul 2024 06:08 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 22 Jul 2024 06:08 PM IST
सार
गंभीर और अगरकर की उपस्थिति शारीरिक रूप से भले ही प्रभावशाली न लगे लेकिन भारतीय क्रिकेट की जानकारी रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि यह दोनों पूर्व क्रिकेटर स्पष्ट और कड़े फैसले करने वालों में शामिल हैं जो आसानी से नहीं बदलते।
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गौतम गंभीर और अजीत अगरकर
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से पहले सोमवार को मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान इन दोनों ने कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी और साथ ही आने वाले समय में टीम में कुछ नया होने के संकेत भी दे दिए। प्रेस वार्ता के बाद भारतीय टीम मुंबई से श्रीलंका के लिए रवाना हो गई।
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2027 वनडे विश्व कप के लिए खाका तैयार करना लक्ष्य
गंभीर और अगरकर के तालमेल से भारतीय क्रिकेट में ऐसे दौर की शुरुआत होने वाली है जहां खिलाड़ी कार्यभार प्रबंधन के बहाने सीरीज चुनने में मनमर्जी नहीं कर पाएंगे। गंभीर और अगरकर की उपस्थिति शारीरिक रूप से भले ही प्रभावशाली न लगे लेकिन भारतीय क्रिकेट की जानकारी रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि यह दोनों पूर्व क्रिकेटर स्पष्ट और कड़े फैसले करने वालों में शामिल हैं जो आसानी से नहीं बदलते। इन दोनों का लक्ष्य अब 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए खाका तैयार करना है। उनके लिए कार्यभार प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अलग नियम होंगे।
गंभीर और अगरकर के तालमेल से भारतीय क्रिकेट में ऐसे दौर की शुरुआत होने वाली है जहां खिलाड़ी कार्यभार प्रबंधन के बहाने सीरीज चुनने में मनमर्जी नहीं कर पाएंगे। गंभीर और अगरकर की उपस्थिति शारीरिक रूप से भले ही प्रभावशाली न लगे लेकिन भारतीय क्रिकेट की जानकारी रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि यह दोनों पूर्व क्रिकेटर स्पष्ट और कड़े फैसले करने वालों में शामिल हैं जो आसानी से नहीं बदलते। इन दोनों का लक्ष्य अब 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए खाका तैयार करना है। उनके लिए कार्यभार प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए अलग नियम होंगे।
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गंभीर से जब कार्यभार प्रबंधन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, मैंने पहले भी कहा है कि जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी के लिए कार्यभार प्रबंधन महत्वपूर्ण है। अगर आप बल्लेबाज हैं और अच्छी फॉर्म में हैं तो आपको सभी मैच खेलने चाहिए। रोहित शर्मा और विराट कोहली अब केवल दो प्रारूप में खेलेंगे, मुझे उम्मीद है कि वह अधिक से अधिक मैच खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
माना जा रहा था कि वनडे और टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा तथा टीम के प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली श्रीलंका दौरे पर नहीं जाएंगे लेकिन उनकी उपस्थिति से स्पष्ट संकेत मिलता है की टीम प्रबंधन इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मैच खेलते हुए देखना चाहता है। इसी तरह से चयन समिति के अध्यक्ष अगरकर ने हार्दिक पांड्या को टी20 टीम का कप्तान नहीं नियुक्त किए जाने का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, आप ऐसा कप्तान चाहते हैं जो सभी मैच खेलने की अधिक संभावना रखता हो। सूर्यकुमार को कप्तान क्यों बनाया गया। क्योंकि वह एक ऐसा खिलाड़ी है जो पिछले एक साल से अधिक समय से भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा है। आपको ड्रेसिंग रूम से काफी फीडबैक मिलता है।
श्रीलंका दौरे से पहले गंभीर और अगरकर ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कुछ कड़े फैसलों के बारे में बताया तो कुछ चीजों को इशारों में समझाया जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय क्रिकेट में काफी कुछ नया होने वाला है। किसी सवाल का आपको इससे अधिक स्पष्ट जवाब नहीं मिल सकता। यही नहीं अब कप्तान के चयन में नेतृत्वकौशल ही नहीं साथी खिलाड़ियों की राय भी मायने रखेगी। कप्तान को लेकर सवाल पर अगरकर के जवाब से यह स्पष्ट भी हो गया।