IPL 2022: हार्दिक पांड्या ने कप्तानी को लेकर बताई योजना, धोनी-विराट और रोहित की इन बातों को बनाएंगे अपनी ताकत
भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पिछले कुछ समय से अपनी फिटनेस और फॉर्म को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पांड्या पीठ में परेशानी के कारण पिछले दो साल से ज्यादा समय से नियमित गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं और यही कारण है कि वह भारतीय टीम से भी बाहर चल रहे हैं।
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भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पिछले कुछ समय से अपनी फिटनेस और फॉर्म को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पांड्या पीठ में परेशानी के कारण पिछले दो साल से ज्यादा समय से नियमित गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं और यही कारण है कि वह भारतीय टीम से भी बाहर चल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हार्दिक की गेंदबाजी फिटनेस की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के साथ ‘संवाद की कमी’ की अटकलें भी लगती रही हैं। मगर उन्होंने खुद स्पष्ट कर दिया कि उनकी स्थिति के बारे में हर कोई जानता है।
हार्दिक को सीवीसी के स्वामित्व वाली अहमदाबाद फ्रेंचाइजी ने आईपीएल के लिए अपने साथ जोड़ा है और उन्हें अपना कप्तान बनाया है। हार्दिक भी आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान सभी को चौंकाने की तैयारी में है। उन्होंने अपनी फिटनेस और कप्तानी पर अपना पक्ष रखने के साथ अपनी योजनाओं पर भी बात की।
फ्रेंचाइजी की ओर से आयोजित बातचीत में पांड्या ने कहा, "वे जानते हैं कि मैं किस स्तर पर हूं (गेंदबाजी फिटनेस के मामले में)। इस बारे में सभी को सूचित कर दिया गया है।’ समझा जाता है कि पांड्या ने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं से स्पष्ट कर दिया है कि वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के लिए उनके चयन पर विचार नहीं किया जाए क्योंकि वह अभी अपने गेंदबाजी कार्यभार पर काम कर रहे हैं।"
गेंदबाजी से चौंकाना चाहते हैं पांड्या
भारतीया ऑलराउंडर ने कहा, ‘बल्लेबाज हार्दिक की तुलना में बल्लेबाज और गेंदबाज हार्दिक सुनने में काफी अच्छा लगता है।" उनसे पूछा गया कि गेंदबाजी के लिहाज से वह खुद को कैसे परखते हैं तो उन्होंने कहा, "यह देखना सभी के लिए एक आश्चर्य की तरह होगा। मैं अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहता हूं।"
सकारात्मक आलोचना पसंद
टी-20 विश्व कप के दौरान पांड्या की काफी आलोचना हुई थी लेकिन वह इसे ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, "सकारात्मक आलोचना हमेशा अच्छी होती है, लेकिन आम तौर पर आलोचना मुझे परेशान नहीं करती क्योंकि मुझे पता है कि मैं क्या कर रहा हूं। मुझे पता है कि मैंने कितनी मेहनत की है। मैंने परिणाम को ज्यादा महत्व दिये बिना हमेशा प्रक्रिया को अपना कर कड़ी मेहनत की है। जब आप सच्ची मेहनत करते हैं तो परिणाम अपने आप तय हो जाते हैं।"
धोनी का अनुसरण करेंगे पांड्या
पांड्या के लिए कप्तानी नई बात है क्योंकि उन्होंने इससे पहले बड़ौदा के लिए अंडर-16 स्तर पर केवल एक बार ऐसा किया था। उनकी कप्तानी के लिए कोई ‘ तय मानक’ नहीं है, लेकिन वह अपने ‘गुरू’ महेंद्र सिंह धोनी का अनुसरण करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं आपको उदाहरण देकर समझाना चाहूंगा। जब किसी का अच्छा समय चल रहा होता है तो उस समय उसे किसी की मदद की जरूरत नहीं होती है। मैं हमेशा मानता हूं कि आपको मदद की जरूरत तभी होती है जब आपका दिन अच्छा नहीं होता है।"
विराट, रोहित और धोनी से लेंगे सीख
पांड्या ने कहा कि वह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी शैली से मिली सीख को लागू करना चाहते। उन्होंने कहा, "मैं विराट से उनकी आक्रामकता और जज्बे को चुनूंगा, उनकी ऊर्जा जबरदस्त है। माही भाई से संयम, शांति और हर स्थिति में सामान्य रहने की कला सीखूंगा। रोहित से मैं खिलाड़ियों को खुल कर खेलने की आजादी देने की सीख को मैदान पर उतरने की कोशिश करूंगा।"