Javagal Srinath: 54 साल के हुए चार विश्व कप खेलने वाले इकलौते भारतीय तेज गेंदबाज, अब हैं आईसीसी अधिकारी
जवागल श्रीनाथ भारत के पहले तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने चार विश्व कप खेले। उनकी गेंदबाजी बेहद सटीक होती थी और वह देश के लिए 551 विकेट लेने में सफल रहे।
विस्तार
श्रीनाथ का जन्म 31 अगस्त 1969 को कर्नाटक के मैसूर में हुआ था। वह लंबे कद के थे और (हाई आर्म एक्शन) ऊंचाई से गेंद फेंकने की वजह से बेहद प्रभावी गेंदबाज थे। उनकी लाइन लेंथ बेहद सटीक होती थी। उनके गेंदबाजी एक्शन की वजह से उन्हें अतिरिक्त उछाल भी मिलता था। इसी वजह से वह लगातार विकेट लेने में माहिर थे और हर कप्तान के चहेते गेंदबाज हुआ करते थे। उन्होंने 296 मुकाबलों में 551 विकेट लिए।
2⃣9⃣6⃣ matches 👌
5⃣5⃣1⃣ wickets 🙌
Wishing Javagal Srinath - former #TeamIndia pacer and now a match referee - a very happy birthday 🎂👏 pic.twitter.com/MUJLda6a8hविज्ञापन विज्ञापन— BCCI (@BCCI) August 31, 2023
श्रीनाथ भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विश्व कप खेलने वाले भारतीय तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने 1992, 1996, 1999 और 2003 विश्व कप में भाग लिया। हालांकि, उनके चौथे विश्व कप खेलने की कहानी काफी मजेदार है। श्रीनाथ ने 2002 में ही क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया था, लेकिन भारतीय कप्तान सौरव गांगुली चाहते थे कि वह 2003 विश्व कप खेलें। उनके कहने पर श्रीनाथ ने संन्यास से वापसी की और 2003 विश्व कप खेले। कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए श्रीनाथ ने 23.06 की औसत से 16 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट भी 4.04 का था। वह टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और भारत को फाइनल में पहुंचाने में भी उनका अहम योगदान था।
कुंबले के 10 विकेट पूरे कराए
अनिल कुंबले भारत के लिए एक पारी में 10 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं। हालांकि, उनकी यह उपलब्धि श्रीनाथ के सहयोग के बिना पूरी नहीं हो पाती। पाकिस्तान के खिलाफ कुंबले ने जब आठ विकेट ले लिए थे, तब भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन ने श्रीनाथ से कहा था कि विकेट लेने की कोशिश न करें और स्टंप से दूर गेंदबाजी करें। इससे कुंबले के 10 विकेट लेने की संभावना बढ़ जाएगी। श्रीनाथ ने कप्तान की बात मानी और अपने ओवर में ऐसी गेंदबाजी की, जिससे बल्लेबाज को गेंद खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कुंबले ने इसका फायदा उठाया और एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने।
क्रिकेट से संन्यास के बाद श्रीनाथ मैच रेफरी के रूप में आईसीसी को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।