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Happy Birthday B.S Chandrasekhar: बचपन में ही पोलियो का शिकार हुए थे चंद्रशेखर, बाद में इसे ही बनाया हथियार, भारत को जिताए थे कई मैच
Tue, 17 May 2022 04:34 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 17 May 2022 04:34 PM IST
सार
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर बीएस चंद्रशेखर का आज जन्मदिन है। वह 77 वर्ष के हो गए। चंद्रशेखर को स्पिन का जादुगर भी बोला जाता है। उन्होंने अपने करियर में 58 टेस्ट मैचों में 29.74 की औसत से 242 विकेट चटकाए।
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बीएस चंद्रशेखर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर बीएस चंद्रशेखर का आज जन्मदिन है। वह 77 वर्ष के हो गए। चंद्रशेखर को स्पिन का जादुगर भी बोला जाता है। उन्होंने अपने करियर में 58 टेस्ट मैचों में 29.74 की औसत से 242 विकेट चटकाए। 17 मई 1945 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे चंद्रशेखर ने भारत को 14 टेस्ट में अपने दम पर मैच जिताए। इस दौरान उन्होंने 98 विकेट चटकाए। इसमें से पांच टेस्ट उन्होंने विदेशी धरती पर खेले और 42 विकेट चटकाए थे।
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चंद्रशेखर बचपन में पोलियो का शिकार हो गए थे। इससे उनकी दाईं बांह कमजोर पड़ गई थी, लेकिन चंद्रशेखर ने हौसला टूटने नहीं दिया और इस कमजोरी को अपनी मजबूती बना ली। इसके बाद ऐसा होने लगा कि उनकी कलाई गेंद फेंकते वक्त ज्यादा मुड़ने लगी। यह उन्हें सामान्य स्पिनरों से अलग बनाती थी। उनकी गेंद स्पीड के साथ घूमती, जिससे विपक्षी बल्लेबाज परेशान हो जाते थे।
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चंद्रशेखर की गेंदबाजी किसी पहेली से कम नहीं
एक समय भारतीय टीम का स्पिन डिपार्टमेंट चंद्रशेखर, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना और वेंकटराघवन संभाल रहे थे। चंद्रा की बॉलिंग लाइन अप भी शानदार थी और वह बाउंसी रन-अप के बाद तेज गुगली फेंकते थे। बल्लेबाज उनकी गेंद खेल पाने में असमर्थ थे। चंद्रशेखर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह खुद भी अपनी गेंदबाजी देखकर हैरान रह जाते हैं।
एक समय भारतीय टीम का स्पिन डिपार्टमेंट चंद्रशेखर, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना और वेंकटराघवन संभाल रहे थे। चंद्रा की बॉलिंग लाइन अप भी शानदार थी और वह बाउंसी रन-अप के बाद तेज गुगली फेंकते थे। बल्लेबाज उनकी गेंद खेल पाने में असमर्थ थे। चंद्रशेखर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह खुद भी अपनी गेंदबाजी देखकर हैरान रह जाते हैं।
इंग्लैंड में भारत को पहला टेस्ट जिताया
चंद्रशेखर ने कई बार अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख बदल दिया था। इसमें भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे यादगार मुकाबला भी शामिल है। 1971 में ओवल टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया की जीत में चंद्रशेखर ने अहम भूमिका निभाई थी और भारत को सीरीज में जीत दिलाई थी। उस मैच में चंद्रशेखर ने 38 रन देकर 6 विकेट झटके थे। इसकी बदौलत इंग्लैंड की दूसरी पारी 101 रन पर सिमट गई थी।
चंद्रशेखर ने कई बार अपनी गेंदबाजी से मैच का रुख बदल दिया था। इसमें भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे यादगार मुकाबला भी शामिल है। 1971 में ओवल टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया की जीत में चंद्रशेखर ने अहम भूमिका निभाई थी और भारत को सीरीज में जीत दिलाई थी। उस मैच में चंद्रशेखर ने 38 रन देकर 6 विकेट झटके थे। इसकी बदौलत इंग्लैंड की दूसरी पारी 101 रन पर सिमट गई थी।
चंद्रशेखर की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जीता पहला टेस्ट
चंद्रशेखर ने 1978 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाई थी। तब मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने 104 रन देकर 12 विकेट झटके थे। इस टेस्ट में चंद्रशेखर के साथ एक अजब संयोग भी जुड़ा है। उन्होंने पहली और दूसरी पारी में 52 रन देकर ही छह विकेट झटके थे। चंद्रा के इसी प्रदर्शन ने टीम इंडिया को जीत दिलाई थी।
चंद्रशेखर ने 1978 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाई थी। तब मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने 104 रन देकर 12 विकेट झटके थे। इस टेस्ट में चंद्रशेखर के साथ एक अजब संयोग भी जुड़ा है। उन्होंने पहली और दूसरी पारी में 52 रन देकर ही छह विकेट झटके थे। चंद्रा के इसी प्रदर्शन ने टीम इंडिया को जीत दिलाई थी।