टीम इंडिया में जगह से चूके गंभीर ने किया गुलाबी गेंद का 'विरोध'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगातार अच्छा खेलने के बाद भी टीम इंडिया में फिर से जगह पाने में नाकाम रहे गौतम गंभीर ने बीसीसीआई के प्रयासों की 'आलोचना' की है। गंभीर का कहना है कि गुलाबी गेंद के साथ टेस्ट मैच खेलने का प्रयोग करना अच्छा नहीं है। गुलाबी गेंद के साथ सिर्फ टी-20 में ही प्रयोग किया जाना चाहिए।
बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर ने खुद को क्रिकेट के लिहाज से एक 'परंपरागत' खिलाड़ी के रूप में आंका और क्योंकि उनके अनुसार इस खेल का मजा लाल रंग की गेंद और दिन में ही खेलने पर आता है।
गंभीर की सोच के उलट बीसीसीआई क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तरह जल्द ही गुलाबी गेंद के साथ दिन-रात का टेस्ट मैच कराना चाहती है। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में कंगारू और किवी टीम के बीच टेस्ट मैच खेला जा चुका है। अब बीसीसीआई भी गुलाबी गेंद से भारत में जल्द से जल्द टेस्ट मैच कराना चाहता है।
भारतीय बोर्ड अगले हफ्ते से न्यूजीलैंड के साथ होने वाली टेस्ट सीरीज में एक मैच गुलाबी गेंद से चाहता था लेकिन कार्यक्रम की घोषणा के दौरान दोनों क्रिकेट बोर्डों पर आपसी सहमति नहीं बन सकी जिससे इस सीरीज में गुलाबी गेंद से मैच की योजना धूमिल हो गई।
काफी रन बनाने के बाद भी गंभीर नहीं हैं गुलाबी गेंद को लेकर 'गंभीर'
बुधवार को ग्रेटर नोएडा में खत्म हुए दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट के फाइनल मैच के बाद गौतम गंभीर ने कहा, "मैं एक रूढ़िवादी क्रिकेटर हूं जो खेल के पुराने तरीके के साथ ही खेलना पसंद करता है। ये मेरा निजी विचार है, लेकिन मैं समझता हूं कि ऐसे बदलाव या प्रयोग सिर्फ टी-20 क्रिकेट तक ही सीमित होने चाहिए। 5 दिवसीय टेस्ट मैच को लाल रंग की गेंद से ही खेला जाना चाहिए। कम से कम मैं ऐसा ही सोचता हूं।"
गंभीर भले ही गुलाबी गेंद के साथ टेस्ट मैच के भविष्य को लेकर अनिच्छुक हों, लेकिन प्रयोग के तौर पर गुलाबी गेंद के साथ खेले गए 4 दिवसीय मैच और टूर्नामेंट में वह काफी सफल रहे हैं। उन्होंने 71.20 की औसत से 5 पारियों में 356 रन बनाए। उनका मानना है कि असली दिक्कत गुलाबी गेंद के साथ दुधिया रोशनी में खेलने को लेकर है।
उन्होंने आगे कहा, "मैं पूरी तरह से (चेतेश्वर) पुजारा से सहमत हूं जिन्होंने मैच के बाद हुए पुरस्कार समारोह में कहा थ कि दुधिया रोशनी में खेलने पर यह अलग तरह का खेल हो जाता है, साथ ही इसमें स्पिनर्स और गुगली गेंदबाजों को अपने हिसाब से गेंद करने में दिक्कत आती है।"
गौतम गंभीर के नेतृत्व वाली इंडिया ब्लू टीम ने ही इंडिया रेड को हराकर दलीप ट्रॉफी का खिताब जीता है। इंडिया ब्लू की पहली पारी में नाबाद 256 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच चुना गया।