किसी जमाने में वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर ओपनिंग का जिम्मा संभालने वाले दिल्ली के गौतम गंभीर का आज जन्मदिन है। गिरकर दोबारा खड़े होने वाले इस खिलाड़ी ने विश्व क्रिकेट को जुझारूपन की नई परिभाषा दी थी। 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में जन्में गौतम आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं।
क्रिकेट विश्व कप 2019 से ठीक पहले संन्यास लेने के बाद गंभीर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गए। दिल्ली की एक लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा और अब संसद में लोगों की आवाज बुलंद करते हैं। अप्रैल 2003 बांग्लादेश के खिलाफ ढाका वन-डे से अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू करने वाले गंभीर के करियर से जुड़ी 10 अहम बातों या रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं, जिसके आधार पर ही आने वाले पीढ़ी इस 38 वर्षीय खिलाड़ी को याद रखेगी। देखिए अगली स्लाइड
आईसीसी का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज: गंभीर को दो विश्व कप फाइनल में यादगार पारियां खेलने का गौरव है। वह उस भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा रहे जो टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन थी। सबसे ज्यादा गर्व उन्हें 2009 में सर्वश्रेष्ठ आईसीसी टेस्ट बल्लेबाज बनने पर हुआ। यह ट्रॉफी देखकर वह खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं।
आईपीएल में खराब प्रदर्शन के बाद फैसला: वह कहते हैं कि 2016 में राजकोट टेस्ट (पहली पारी 29 रन, दूसरी शून्य) के बाद टीम से हटाए जाने के बाद उन्होंने वापसी के लिए खुद को समझाने की कोशिश की।
उस वक्त भी उनके दिमाग में आया था कि क्या क्रिकेट छोड़ने का समय आ गया है। 2017 में अच्छे घरेलू सत्र के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल में खराब प्रदर्शन ने उन्हें सबसे ज्यादा सोचने के लिए मजबूर किया।
उम्मीद विराट की टीम पीछे छोड़ेगी ऑस्ट्रेलिया में उनकी सफलताएं: गंभीर ने उम्मीद जताई है कि विराट कोहली की टीम ऑस्ट्रेलिया में उनकी टीम की अर्जित की गई सफलताओं को पीछे छोड़ेगी। गंभीर याद करते हैं कि उनकी टीम ने न्यूजीलैंड में ऐतिहासिक सीरीज जीती और ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज जीती।
रिचर्ड्स की बराबरी: गौतम ने 2008 से 2010 में लगातार 11 टेस्ट मैचों में एक अर्द्धशतकीय पारी जरूरी खेली। उन्होंने इस मामले में विंडीज के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की जिन्होंने 1976-77 में यह उपलब्धि हासिल की थी।