Hall of fame: वीनू मांकड़ को मिला खास सम्मान, जानें आईसीसी हॉल ऑफ फेम में कैसे मिलती है जगह
आईसीसी ने भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर वीनू मांकड़ को हॉल ऑफ फेम में शामिल किया है। वीनू आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले भारत के सातवें क्रिकेटर हैं। वीनू मांकड़ ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया था।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 13 जून (रविवार) को हॉल ऑफ फेम में 10 क्रिकेटरों के शामिल करने की सूची जारी की। इस लिस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान ऑलराउंडर वीनू मांकड़ को जगह मिली है। क्रिकेट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए आईसीसी ऩे उन्हें सम्मान दिया। वह दूसरे विश्व युद्ध के बाद से क्रिकेट में सक्रिय रहे। हालांकि वीनू मांकड़ को इस फानी दुनिया को अलविदा कहे करीब 43 साल बीत चुके हैं।
आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में जगह पाने वाले वीनू भारत के कुल मिलाकर सातवें क्रिकेटर हैं। उनसे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के इस खास क्लब में बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़ और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को ये सम्मान मिल चुका है।
भारत की पहली टेस्ट जीत में चमके थे वीनू
भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट इतिहास पर अगर नजर डाली जाए तो टीम इंडिया ने साल 1932 से खेलना शुरू किया। लेकिन भारत के पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। साल 1952 में भारत को चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में जीत मिली। इस मैच में वीनू मांकड़ ने शानदार प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 8 और दूसरी पारी में 4 विकेट झटके थे। भारत ने इस मैच में इंग्लैंड को एक पारी और 8 रनों से हराया था।
पांच दशक बाद टूटा रिकॉर्ड
वीनू मांकड़ एक बेहतरीन गेंदबाज होने के अलावा शानदार बल्लेबाज थे। साल 1956 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में पंकज राय के साथ पारी का आगाज करते हुए पहले विकेट के लिए 413 रन जोड़े थे। इस मुकाबले में जहां पंकज ने 173 रन बनाए वहीं वीनू ने 213 रनों की पारी खेली थी। टेस्ट क्रिकेट में उनका ये रिकॉर्ड 52 साल तक रहा। साल 2008 में बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए नील मैकेंजी और ग्रीम स्मिथ ने पहले विकेट के लिए 415 रन जोड़कर उनका रिकॉर्ड तोड़ा था।
कैसी मिलती है आईसीसी हॉल ऑफ फेम में जगह
आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के लिए पहला नियम खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए कम से कम 5 साल पूरे हो गए हों। अगर आप बल्लेबाज हैं तो आपके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में कम से कम 20 शतक और 8000 रनो होने चाहिए। ये क्रिेकेट के दोनों प्रारूपों वनडे और टेस्ट को मिलाकर होने चाहिए। या फिर किसी भी फॉर्मेट में 50 से ज्यादा का औसत हो। वहीं अगर गेंदबाज को इस क्लब में शामिल होना है तो उसके नाम किसी एक फॉर्मेट में 200 विकेट होना अनिवार्य है। जबकि टेस्ट में उसका स्ट्राइक रेट 50 और वनडे में 30 होना चाहिए। जबकि टेस्ट में उसका स्ट्राइक रेट 50 और वनडे में 30 का होना अनिवार्य है. वहीं अगर विकेटकीपर आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होना चाहते हैं तो उनके नाम कम से कम 200 शिकार होने चाहिए। इसके अलावा बतौर कप्तान भी इस लिस्ट में शामिल हुआ जा सकता है अगर किसी कप्तान ने 25 टेस्ट और 100 वनडे में 50 प्रतिशत से अधिक जीत दर्ज की है।