बयान: क्या शास्त्री की जगह द्रविड़ को होना चाहिेए टीम इंडिया का मुख्य कोच? जानें कपिल देव का जवाब
राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाए जाने वाले सवाल पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने बयान दिया है। टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल इस साल टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो जाएगा।
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श्रीलंका दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज खेलने गई भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड़ हैं। ज्यादातर लोगों का मानना है कि भविष्य में राहुल को टीम इंडिया का हेड कोच बनाया जा सकता है। भारतीय टीम के मौजूदा मुख्य कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल इस साल टी-20 विश्व कप के बाद समाप्त हो जाएगा। कुछ लोगों को मानना है कि कोच के रूप में पदभार संभालने के लिए द्रवि़ड़ हो सकते हैं इसलिए उन्हें श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया का कोच बनाकर भेजा गया है।
रवि शास्त्री ने कोच के तौर पर टीम इंडिया के लिए शानदार काम किया है। लेकिन इसके बावजूद रवि शास्त्री और विराट कोहली भारत को आईसीसी ट्रॉफी नहीं जिता पाए। वहीं दूसरी तरफ राहुल द्रविड़ अपने आप को सफल कोच साबित करने में कामयाब रहे। द्रविड के कोच रहते भारत की अंडर-19 टीम में साल 2018 में वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद एक सवाल जेहन में आता है कि क्या द्रविड़ को भारतीय टीम का हेड कोच होना चाहिए। इस बार में भारत को पहला विश्व कप जिताने वाले कपिल देव ने बयान दिया है।
कपिल देव ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता इस पर ज्यादा बात करने की जरूरत है। श्रीलंका सीरीज समाप्त हो जाने दीजिए। इसके बाद हमें पता चलेगा कि टीम ने कैसा प्रदर्शन किया, यदि आप नया कोच बनाना चाहते हो तो इसमें कुछ गलत नहीं है, एक बार फिर से अगर रवि शास्त्री कोच के तौर पर अच्छा काम जारी रखते हैं तो उन्हें हटाने का कोई कारण नहीं है। यह केवल समय ही बताएगा। मुझे लगता है कि उससे पहले हमारे कोच और खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव न बनाएं।
कपिल देव से जब पूछा गया कि क्या भारत को भविष्य में 2 टीमें तैयार करना चाहिए। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, भारत के पास एक बड़ी बेंच स्ट्रेंथ है। उन्होंने आगे कहा, अगर खिलाड़ियों को अवसर मिलता है और भारत 2 टीमें इकट्ठा करता है जो कि इंग्लैंड और श्रीलंका में सीरीज जीत सकें तो इससे बेहतर क्या हो सकता है। कपिल के मुताबिक अगर युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन ये टीम प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वह एक बार में दो टीमों पर दबाव डालना चाहता है या नहीं।