हरभजन का नाम खेल रत्न के लिए भेजकर वापस लिया, मुश्किल में मंत्रालय
- देश के सर्वोच्च खेल सम्मान पर दिग्गज ऑफ स्पिनर का दावा एक बार फिर विवादों में
- बीते वर्ष देरी सेय आवेदन भेजने पर बैठी थी जांच इस बार आई नई अड़चन
विस्तार
टीम इंडिया के लिए सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले दिग्गज ऑफ स्पपिनर हरभजन सिंह का देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पर दावा एक बार फिर विवादों में है। बीते वर्ष हरभजन का खेल रत्न के लिए पंजाब सरकार ने आवेदन अंतिम तिथि निकल जाने के बाद बाद भेजा, जिस पर राज्य सरकार ने जांच भी बिठाई। इस बार राज्य सरकार ने हरभजन को खेल रत्न दिलाने के लिए सही समय पर खेल मंत्रालय के समक्ष आवेदन किया, लेकिन बाद में इसे बिना किसी कारण के वापस भी ले लिया।
आवेदन वापसी का नहीं बताया कोई कारण
बीते वर्ष हरभजन सिंह का खेल रत्न के लिए आवेदन अंतिम तिथि निकल जाने के बाद खेल मंत्रालय को भेजा गया। बाद में हरभजन ने कहा भी कि अगर इसे सही समय पर भेजा जाता तो इस बार उन्हें देश का सर्वोच्च खेल सम्मान मिल सकता था। उन्होंने मामले की जांच कराने को कहा था।
राज्य सरकार ने जांच भी बिठाई थी। इस बार राज्य सरकार ने कोई गलती नहीं की और जून के पहले सप्ताह में खेल मंत्रालय को आवेदन भेज दिया, लेकिन 22 जून को अंतिम तिथि के मौके पर राज्य सरकार के खेल विभाग की ओर से मंत्रालय को लिखा गया कि उनकी ओर से हरभजन का खेल रत्न के लिए किया गया आवेदन वापस लिया जा रहा है।
मुश्किल में मंत्रालय
राज्य सरकार के इस कदम से खेल मंत्रालय भी मुश्किल में पड़ गया है। अब यह मामला साई को जांच के लिए जाएगा। कहा यहां तक जा रहा है कि इस तरह के मामले अमूमन सामने नहीं आते हैं। ऐसे में हरभजन सिंह के मामले को अवार्ड कमेटी के सुपुर्द ही कर दिया जाएगा। कमेटी ही उनके बारे में फैसला ले सकती है।
एक सच्चाई यह भी है कि पिछली बार हरभजन सिंह का खेल रत्न के लिए किसी क्रिकेटर से मुकाबला नहीं था, लेकिन इस बार बीसीसीआई ने खुद रोहित शर्मा का नाम खेल रत्न के लिए भेजा है। ऐसे में खेल रत्न के लिए उनका सीधा मुकाबला रोहित से इस बार होना है।
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