ENGW vs INDW: मैच से पहले मिताली ने युवा खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, दी ये खास सलाह
मिताली ने कहा कि वह नहीं चाहती कि युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं को बोझ पड़े और उन्हें सलाह देंगी कि अपने खेल को लुत्फ उठाएं
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भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज ने मंगलवार को कहा कि बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट से पहले क्रिकेट के लंबे प्रारूप में बेहतर तैयारी के लिए उन्होंने अन्य क्रिकेटरों की सलाह ली। दुनिया भर में महिला के टेस्ट मैच बेहद कम होते हैं और 38 साल की मिताली ने 12 साल के अपने करियर में अब तक सिर्फ 10 टेस्ट खेले हैं। उन्होंने पिछला टेस्ट 2014 में खेला था।
मिताली ने मैच की पूर्व संध्या पर आनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैंने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और टी-20 की तुलना में कम टेस्ट खेले हैं, मैं अधिक टेस्ट मैच खेलना पसंद करती। मैं इस बारे में नहीं सोच रही कि इस प्रारूप के हिसाब से मेरे खेल में सुधार हुआ है या नहीं लेकिन मैंने तैयारी पहले की तरह ही की है।'
उन्होंने कहा, 'संभवत: कई अन्य क्रिकेटरों से बात की, जानने का प्रयास किया कि वे लंबे प्रारूप की तैयारी कैसे करते हैं जिससे मुझे इस टेस्ट मैच की तैयारी में मदद मिली।' मिताली ने कहा कि वह नहीं चाहती कि युवा खिलाड़ियों पर अपेक्षाओं को बोझ पड़े और उन्हें सलाह देंगी कि अपने खेल को लुत्फ उठाएं।
हम युवाओं पर जिम्मेदारियों का दबाव नहीं डालना चाहते
कप्तान ने कहा, 'हम उन्हें बताएंगे कि लंबे प्रारूप में कैसे खेला जाता है और स्पष्ट तौर पर जो पदार्पण कर रहा है, आप उस पर अपेक्षाओं और जिम्मेदारियों का दबाव नहीं डालना चाहते।' मिताली ने भविष्य में द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में तीनों प्रारूपों के मुकाबले का समर्थन करते हुए कहा कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी सरजमीं पर टेस्ट मैच शुरुआत हैं। भारत इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक डे-नाइट टेस्ट खेलेगा।
मिताली ने कहा कि आधुनिक क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं क्योंकि इस प्रारूप में खिलाड़ी के कौशल की परीक्षा होती है। उन्होंने कहा, 'हम टी-20, वनडे खेलते हैं, क्या पता आगामी वर्षों में शायद विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का भी आयोजन हो, आप कुछ नहीं कह सकते।' उन्होंने कहा, 'इसलिए यह सिर्फ शुरुआत है, उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं जारी रहेंगी जहां तीनों प्रारूपों के मुकाबले होंगे।' मिताली ने कहा कि लाल गेंद से आदी होने के लिए बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अधिक से अधिक सत्र में अभ्यास किया।
उन्होंने कहा, 'हम टेस्ट मैच और श्रृंखला को लेकर उत्सुक हैं। हां, हम पिछली बार 2017 में इंग्लैंड की सरजमीं पर खेले थे। यह टीम के लिए अच्छा अनुभव था और अधिकांश खिलाड़ी उस टीम का हिस्सा थीं, इसलिए उनके पास अनुभव है। साथ ही पहली बार श्रृंखला के लिए अंक होंगे इसलिए स्पष्ट तौर पर यह रोमांचक श्रृंखला होगी और हम इसे लेकर उत्सुक हैं।'
जडेजा ने बढ़ाया भारतीय टीम का मनोबल
भारतीय महिला क्रिकेट टीम सात साल में पहली बार टेस्ट मैच खेलने जा रही है। इससे पहले टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने मिताली एंड कंपनी को खास संदेश दिया है। जडेजा ने अपने आधाकिरक ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'अपने देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा से सुखद अहसास रहा है। सात साल बाद महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना अच्छा लगेगा। मैं इंग्लैंड के खिलाफ इस इकलौते टेस्ट के लिए भारतीय महिला क्रिकेटरों को शुभकामनाएं देता हूं।'
Playing Test cricket for the country is always a special feeling. It feels great that we will be able to witness our women's team competing in Test cricket after seven years. I would like to wish the girls goodluck in their game against England. 🇮🇳🙏@BCCIWomen
— Ravindrasinh jadeja (@imjadeja) June 15, 2021
शेफाली की तारीफ में सचिन ने पढ़े कसीदे
तेंदुलकर को भरोसा है कि शेफाली को अगर बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट में टेस्ट पदार्पण का मौका मिलता है तो वह अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ट17 साल की किसी भी अन्य खिलाड़ी की तरह, आप उसके अंदर उत्साह और ऊर्जा देख सकते हो। मुझे काफी खुशी है कि उसने प्रगति की और वह भारत के लिए अच्छा कर रही है। वह भारत की नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट की अहम सदस्यों में से एक होगी क्योंकि उसमें बल्लेबाजी करते हुए लोगों का ध्यान खींचने और उन्हें जोड़े रखने का कौशल और क्षमता है।' बता दें कि अपने आक्रामक शॉट से महिला क्रिकेट में सुर्खियां बटोरने वाली 17 साल की शेफाली ने तेंदुलकर को 16 साल की उम्र में अनके पदार्पण की याद ताजा करा दी थी जब उन्होंने वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे तूफानी गेंदबाजों का सामना किया था।