टेस्ट क्रिकेट के अनोखे जीत-हार के रिकॉर्ड को खत्म करना चाहेगा इंग्लैंड
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एजबेस्टन टेस्ट मैच में शानदार जीत दर्ज करने वाली इंग्लैंड की टीम नॉटिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गुरुवार से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच को जीतकर फिर से एशेज सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
मेजबान इंग्लैंड ने तीसरा टेस्ट मैच तीन दिन में ही आठ विकेट से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। पिछले सात टेस्ट मैचों में इंग्लैंड को चार में जीत मिली है जबकि तीन में उसे हार का सामना करना पड़ा है।
इंग्लैंड के लिए चिंता का विषय उसके स्टार तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का चोटिल होना है। पिछले तीन साल में यह पहला मौका है जब एंडरसन टेस्ट टीम में नहीं होंगे। उनकी जगह मार्क वुड के खेलने की उम्मीद है हालांकि इंग्लैंड के पास एंडरसन के विकल्प के रूप में लियाम प्लंकेत और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्क फुटिट भी हैं।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा, "हमें एक हार और एक जीत के सिलसिले को तोड़ने की जरूरत है।" यदि इंग्लैंड की टीम यह टेस्ट मैच अपने नाम कर लेती है तो वह अपनी सरजमीं पर लगातार चौथी बार एशेज सीरीज जीतने में कामयाब हो जाएगी। इंग्लैंड ने पिछले लगातार 7 टेस्ट मैचों में एक जीत और एक हार का रिकॉर्ड रहा है। टेस्ट इतिहास में यह अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है।
पलटवार करना चाहेगी ऑस्ट्रेलियाई टीम
एशेज सीरीज के पहले 3 में से 2 मैच गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम पलटवार करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पिछले टेस्ट मैच में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम में बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। तेज गेंदबाज पीटर सिडल और बल्लेबाज एडम वोग्स को मौका मिल सकता है। कप्तान माइकल क्लार्क का खराब फॉर्म भी चिंता का विषय बना हुआ है। क्लार्क पिछली छह पारियों में सिर्फ 94 रन ही बना सके हैं।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी के अगुआ मिचेल जॉनसन ने कहा, "हमें इस मैच को जीतना ही होगा। यह हमारे लिए फाइनल की तरह है। यदि जेम्स एंडरसन यहां नहीं खेलते हैं तो इंग्लैंड के लिए यह बड़ा झटका है। उनकी जगह जो भी खेलेगा उनके ऊपर बहुत दबाव होगा।" ऑस्ट्रेलिया ने दूसरा टेस्ट 405 रनों से जीता था।
भारी दबाव के बादजूद क्लार्क का संन्यास से इंकार
दूसरी ओर, खराब फॉर्म से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि वह एशेज सीरीज के बाद भी खेलना जारी रखेंगे और उन्हें चूका हुआ मान लेने की बात सरासर बकवास है।
कप्तान क्लार्क पर अच्छे प्रदर्शन का भारी दबाव है। मौजूदा एशेज सीरीज की पिछली छह पारियों में 19 की औसत से उन्होंने महज 94 रन ही बनाए हैं। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने कहा है कि क्लार्क को पता है कि उनके करियर का अंतिम समय आ गया है और उनके अंदर अच्छे प्रदर्शन करने की ललक खत्म हो गई है।
क्लार्क ने कहा, "इस समय मेरे खेल को लेकर आलोचना लाजिमी है। खासकर इसलिए भी कि मैं टीम का कप्तान हूं। लोग मेरे प्रदर्शन को लेकर मेरी आलोचना कर सकते हैं लेकिन इस महान खेल को खेलने की मेरी इच्छा पर सवाल उठाना गलत है। मैं आज भी अभ्यास के लिए मैदान पर पहले उतरता हूं और सबसे आखिर में वहां से निकलता हूं।"