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...तो अब परंपरागत लेदर गेंद की जगह लेगा वीगन गेंद
Thu, 15 Aug 2019 04:18 AM IST
Mukesh Jha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mukesh Jha
Updated Thu, 15 Aug 2019 04:18 AM IST
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वीगन वॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
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इंग्लैंड का एक क्रिकेट क्लब परंपरागत लेदर गेंद जगह वीगन गेंद का इस्तेमाल करने का विचार कर रहा है। उन्होंने एक ऐसी गेंद बनाई भी है लेकिन उसमें कुछ सुधार की गुंजाइश है। इस क्लब का नाम अर्ली क्रिकेट क्लब है, पर यह वीगन क्रिकेट क्लब के नाम से नाम से मशहूर है।
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यह लंदन के पश्चिम में 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह क्लब क्रिकेट में वीगन गेंदों का परीक्षण कर रह है जो रबर से बनी हैं। क्लब ने अपने खिलाड़ियों को वीगन चाय देना दो साल पहले से ही शुरू कर दिया है। क्लब के चेयरमैन गैरी शैकलेडी पांच साल पहले ही पूरी तरह से वीगन बन चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि पेड़-पौधों पर निर्भर रहकर वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर हो सकते हैं।
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12 साल पहले हुई थी क्लब की स्थापना : इस क्लब की स्थापना शैकलेडी ने 12 साल पहले की थी। लेकिन जैसे ही वह वीगन में तब्दील हुए तब से उन्हें मैच में दी जाने वाली चाय लेना बंद कर दी। उन्हें साथ ही यह भी लगता है कि क्लब के खिलाड़ियों को मीट नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा एक सदस्य इसके खिलाफ था। उसे लगा था कि यह लोगों के अधिकार के खिलाफ है। चाय को खिलाड़ियों ने काफी पसंद किया क्योंकि वह इसके पीछे की वजह समझते थे। वीगन होने का एक मतलब यह भी है कि हम कम कीमत में ज्यादा खाना भी ले सकते हैं। उन्हें उम्मीद है कि बर्कशायर क्रिकेट लीग में मौजूद बाकी क्लब भी लेदर गेंद की जगह वीगन गेंद का इस्तेमाल करने लगेंगे।
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कौन होते हैं वीगन : वीगन यानी वे लोग जो पूरी तरह से पौधों पर आधारित आहार लेते हैं। ये लोग दूध और उससे बने पदार्थों का इस्तेमाल भी नहीं करते।
यह लेदर गेंद की तरह ही खेलेगी, लेकिन यह थोड़ी उछाल ज्यादा लेगी साथ ही इसे पकड़ना भी मुश्किल होगा। साथ ही इसे ग्रिप करना भी थोड़ा मुश्किल है। लेकिन हम इसे लेकर उत्साहित हैं। हमें उम्मीद है कि हम इसका बेहतर वर्शन तैयार कर पाएंगे। -गैरी शैकलेडी, चेयरमैन, अर्ली क्रिकेट क्लब