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धोनी से पंगा लेने वाले पिच क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी नहीं रहे

Wed, 01 Jun 2016 06:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Jun 2016 06:07 PM IST
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Eden Gardens curator Prabir Mukherjee dies
प्रबीर मुखर्जी

भारतीय क्रिकेट में महानतम पिच क्यूरेटरों में शुमार प्रबीर मुखर्जी जिन्होंने एक समय कप्तान धोनी से भी पंगा ले लिया था का निधन हो गया है।

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मुखर्जी अपने अंदाज में काम करने के लिए जाने जाते थे और वह कभी भी किसी का दखल बर्दाश्त नहीं करते थे। 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच के लिए टर्निंग पिच बनाने की धोनी की मांग को उन्होंने खारिज कर दिया और बाउंसी पिच बनाई थी। धोनी उस समय तीनों प्रारूपों के कप्तान थे और उस समय वह सफलता के शिखर पर थे।
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दो दशक से भी लंबे अरसे कोलकाता के ईडन गार्डंस की पिच का जिम्मा संभालने वाले क्रिकेट एसोसिएशन आफ बंगाल (सीएबी) के पूर्व मुख्य क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी (86) का मंगलवार देर रात महानगर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। प्रबीर के पोते प्रणय मुखर्जी ने बुधवार को यहां इसकी जानकारी दी।
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प्रबीर ने वर्ष 1987 के विश्वकप फाइनल के लिए भी ईडन की पिच बनाई थी। पिच तैयार करने के प्रति अपने समर्पण और इस मुद्दे पर भारतीय कप्तान  महेंद्र सिंह धोनी और इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइक आथर्टन के साथ बहस के लिए सुर्खियां बटोरने वाले प्रबीर को आखिर तक वह सम्मान नहीं मिल सका जिसके वे हकदार थे।

सीएबी के संयुक्त सचिव सुबीर गांगुली और कोषाध्यक्ष विश्वरूप दे ने सुबह प्रबीर के आवास पर जाकर उनको अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। एक अन्य संयुक्त सचिव अभिषेक डालमिया ने अपने शोक संदेश में बंगाल क्रिकेट को उनके योगदान को अतुलनीय करार दिया है। उन्होंने इसे बंगाल क्रिकेट के लिए एक मनहूस दिन करार दिया।

गांगुली के आरोप के बाद फिर कभी नहीं गए ईडन गार्डंस

Eden Gardens curator Prabir Mukherjee dies
प्रबीर मुखर्जी ने अपनी मौत के बाद परंपरा के मुताबिक शव को ईडन में नहीं ले जाने का निर्देश दे रखा था। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए प्रबीर का शव आज वहां नहीं ले जाया गया। उनके पोते प्रणय ने कहा कि प्रबीर को आजीवन इस बात का मलाल रहा कि 28 साल तक अपनी सेवाएं देने के बावजूद उनके साथ अच्छा सलूक नहीं हुआ।

दरअसल, बीते साल आठ अक्तूबर को बारिश के चलते भारत व दक्षिण अफ्रीका के बीच अंतिम टी-20 मैच नहीं होने के लिए उनको ही दोषी ठहराया गया था। बारिश थमने के छह घंटे बाद भी मैदान खेल के लिए तैयार नहीं हो सका। तब सौरव गांगुली ने प्रबीर को इसका जिम्मेदार ठहराया था। उसी दिन प्रबीर ने दोबारा कभी इस मैदान पर नहीं लौटने की कसम खाई थी और उन्होंने आखिर तक अपनी कसम नहीं तोड़ी।

फुटबाल के गोलकीपर के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाले मुखर्जी ने बाद में क्रिकेट भी खेली। लेकिन एक हादसे में चोट लगने की वजह से खेलने में असमर्थ होने के बाद उन्होंने क्यूरेटर के तौर पर काम शुरू किया।
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