{"_id":"575e7bc74f1c1b273e11bfd1","slug":"dpl-clash-called-off-after-umpires-walk-away","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीच में ही मैदान छोड़ गए नाराज अंपायर, अधूरा रहा मैच ","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
बीच में ही मैदान छोड़ गए नाराज अंपायर, अधूरा रहा मैच
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Jun 2016 03:58 PM IST
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क्रिकेट मैचों में कई बार अजीबोगरीब स्थितियां हो जाती हैं, और इस बार जो घटना हुई है वो तो गली-मोहल्लों के क्रिकेट में भी नहीं दिखतीं। कभी आपने सुना है कि अंपायरिंग करते हुए दोनों अंपायर नाराज हो गए और मैच को बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए जिससे कोई परिणाम ही नहीं निकल सका।
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लेकिन ऐसा सब कुछ हुआ है और यह तब हुआ जब उस मैच में दोनों टीमों से करीब 10 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेल रहे थे।
यहां बात हो रही है बांग्लादेश में खेली जा रही ढाका प्रीमियर लीग की जिसमें एक मैच अंपायरों के नाराज होने से अधूरा रह गया और मैच का कोई परिणाम ही नहीं आ सका। ढाका प्रीमियर लीग इस बार इसलिए खास माना जा रहा था क्योंकि इस टूर्नामेंट में पहली बार भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे थे। विस्फोटक बल्लेबाज युसूफ पठान और सचिन बेबी जैसे कुछ बड़े भारतीय नाम इस लीग में खेलने गए हुए हैं।
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बावजूद इसके एक मैच में अजीबोगरीब विवाद पैदा हो गया जब अंपायर के एक फैसले पर न सिर्फ खिलाड़ियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया बल्कि स्टेडियम में बैठे दर्शक भी दोनों अंपायरों पर कमेंट करने लगे जिससे नाराज अंपायर मैच रेफरी को बताकर वहां से निकल गए और मैच पूरा नहीं खेला जा सका।
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अंपायर के फैसले के बाद से शुरू हुआ पूरा विवाद
ढाका प्रीमियर लीग (डीपीएल) में यह पूरा मामला हुआ रविवार को जब सावर के बांग्लादेश क्रीड़ा शिक्षा प्रतिष्ठान में प्राइम ढोलेश्वर स्पोर्टिंग क्लब और अबाहानी लिमिटेड के बीच मैच खेला जा रहा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए अबाहानी की पूरी टीम 42.4 ओवर में 191 रन बनाकर सिमट गई। युसूफ पठान इसी टीम के साथ 2 मैच खेले और फिर रोजा के कारण स्वदेश वापस आ गए। बांग्लादेश टीम के तेज गेंदबाज अल-अमीन हुसैन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए प्राइम ढोलेश्वर टीम को शुरुआती बड़े झटके दे दिए।
जवाब में प्राइम ढोलेश्वर की टीम उतरी और 11वें ओवर में उसके 2 विकेट 38 रन पर गिर गए। क्रीज पर तीसरे विकेट के लिए जोड़ी खेल रही थी और 16वें ओवर में एक मामले से पूरा मैच ही बिगड़ गया। हुआ यूं कि रकीबुल हसन को अंपायर गाजी सोहैल ने आउट नहीं दिया। लेफ्ट ऑर्म स्पिनर सकलैन साजिब ने स्टंप्ड आउट की मांग की जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया।
इस फैसले के बाद क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम अबाहानी की टीम के कप्तान तमीम इकबाल और दर्शक अंपायर के फैसले का लगातार विरोध करने लगे। दर्शकों ने अपनी सीमा भी लांघ ली और अंपायरों (गाजी सोहैल और तनवीर अहमद) को गाली देना शुरू कर दिया, जिससे अंपायर नाराज हो गए और वे मैच रेफरी मोंटू दत्ता से बातकर मैदान से बाहर चले गए।
अंपायर जब मैदान के बाहर गए तो उस समय क्रीज पर रकीबुल हसन और सचिन बेबी खेल रहे थे। बाद में इस टीम को डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर संशोधित लक्ष्य देने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन टीम ने इसे यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि यहां कोई बारिश नहीं हो रही है। इस कारण मैच को अगले दिन यानी रिजर्व डे में नहीं कराया गया और मैच को रद कर दिया गया।
जवाब में प्राइम ढोलेश्वर की टीम उतरी और 11वें ओवर में उसके 2 विकेट 38 रन पर गिर गए। क्रीज पर तीसरे विकेट के लिए जोड़ी खेल रही थी और 16वें ओवर में एक मामले से पूरा मैच ही बिगड़ गया। हुआ यूं कि रकीबुल हसन को अंपायर गाजी सोहैल ने आउट नहीं दिया। लेफ्ट ऑर्म स्पिनर सकलैन साजिब ने स्टंप्ड आउट की मांग की जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया।
इस फैसले के बाद क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम अबाहानी की टीम के कप्तान तमीम इकबाल और दर्शक अंपायर के फैसले का लगातार विरोध करने लगे। दर्शकों ने अपनी सीमा भी लांघ ली और अंपायरों (गाजी सोहैल और तनवीर अहमद) को गाली देना शुरू कर दिया, जिससे अंपायर नाराज हो गए और वे मैच रेफरी मोंटू दत्ता से बातकर मैदान से बाहर चले गए।
अंपायर जब मैदान के बाहर गए तो उस समय क्रीज पर रकीबुल हसन और सचिन बेबी खेल रहे थे। बाद में इस टीम को डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर संशोधित लक्ष्य देने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन टीम ने इसे यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि यहां कोई बारिश नहीं हो रही है। इस कारण मैच को अगले दिन यानी रिजर्व डे में नहीं कराया गया और मैच को रद कर दिया गया।