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दिल्ली का विजय हजारे ट्रॉफी पर कब्जा
विशाखापटनम/खेल डेस्क
Updated Sun, 03 Mar 2013 10:06 PM IST
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लगता है उन्मुक्त चंद का लगातार फाइनल में शतक ठोकना उनकी आदत बन गई है। असम के खिलाफ शानदार 116 रन की पारी खेल उन्होंने अपनी टीम दिल्ली को विजय हजारे ट्रॉफी दिला दी।
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पहले खेलते हुए दिल्ली ने नौ विकेट पर 290 रन बनाए। जवाब में असम की पूरी टीम 45 ओवर में 215 रन बनाकर सिमट गई।
असम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। चंद और पुनीत बिष्ट ने दिल्ली को शानदार शुरुआत दिलाई। पहले विकेट के लिए दोनों ने 97 रन जोड़े। बिष्ट ने 64 गेंदों में 52 रन बनाए लेकिन 21वें ओवर में वह पेवेलियन लौट गए।
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उनकी जगह पर खेलने आए गौतम गंभीर कुछ खास नहीं कर सके। वह 5 के निजी स्कोर पर सईद मोहम्मद की गेंद पर एके दास द्वारा लपके गए। इसके बाद चंद और जाग्रित आनंद ने तीसरे विकेट के लिए 100 गेंदों में 115 रन की साझेदारी निभाई।
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आनंद तब आउट हुए जब दिल्ली के तीन विकेट पर 222 रन थे। लेकिन आनंद के आउट होते ही दिल्ली की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
दिल्ली के छह बल्लेबाज दहाईं का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। लेकिन दूसरे छोर पर डटे उन्मुक्त ने हार नहीं मानी। उन्मुक्त 187 मिनट तक क्रीज पर रहे और शतक ठोका। उन्होंने 133 गेंदों में 116 रन की पारी खेली, जिनमें उनके आठ चौके और तीन छक्के शामिल हैं।
अरुप दास ने दो और प्रीतम दास ने तीन विकेट झटके। जवाब में असम की शुरुआत भी खराब रही। असम के लिए दिल्ली का 290 का स्कोर पहाड़ जैसा साबित हुआ।
धीरज जाधव (87) को छोड़कर अन्य कोई बल्लेबाज दिल्ली के गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सका। जाधव ने 114 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया।