दिल्ली को हराकर फाइनल में पहुंचा लायंस
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हाईवेल्ड लायंस ने अपने गेंदबाजों की सधी हुई गेंदबाजी की बदौलत पहले सेमीफाइनल में दिल्ली डेयरडेविल्स को 22 रन से हराकर चैंपियंस लीग के फाइनल में पहुंच गया। लायंस से मिले 140 रन के लक्ष्य के जवाब में दिल्ली की टीम 9 विकेट पर 117 रन ही बना सकी। डेविड वार्नर (21), केविन पीटरसन (50) और एम मोर्कल (18) को छोड़कर दिल्ली का कोई भी बल्लेबाज दहाईं का आंकड़ा पार नहीं कर सका। वीरेंद्र सहवाग फिर नाकाम रहे। बिना खाता खोले ही वह पेवेलियन लौट गए। लायंस के नील मैकेंजी को नाबाद 46 रनों की पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया।
इससे पहले गुलाम बोदी के 45 गेंदों में बनाए गए शानदार पचासे की बदौलत हाईवेल्ड लायंस ने 139 रन बनाए। डी प्रेटोरियस और क्यू डी कॉक के जल्दी विकेट गिरने के बाद बोदी ने नील मैकेंजे के साथ चौथे विकेट के लिए 59 की रन की साझेदारी कर लायंस को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया। लांयस ने पांच विकेट पर 139 उन बनाए।
अजीत अगरकर के कॉक को विकेट लेने के बाद पवन नेगी ने प्रेट्रोरियस (3) को आउट को लायंस को मुश्किल में डला दिया था। तब लायंस का स्कोर 11वें ओवर में तीन विकेट पर महज 63 रन था। कॉक ने 11 रन बनाए और बोदी के साथ दूसरे विकेट के लिए 24 रन की साझेदारी की। उमेश यादव ने ओपनर अलविरो पीटरसन (24) को नमन ओझा के हाथों लपकवा दिल्ली को पहली सफलता दिलाई। पीटरसन ने बोदी के साथ पहले विकेट के लिए 34 रन जोड़े। दिल्ली डेयरडेविल्स ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। दिल्ली ने नियमित कप्तान महेला जयवर्धने की जगह डेविड वार्नर को खिलाया जबकि कप्तानी का जिम्मा रोस टेलर को दिया।