अपनों ने ठुकराया, गैरों ने अपनाया...दूसरे राज्यों में जलवा बिखेर रहे दिल्ली के दिलेर
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ट्रायल पर ट्रायल। पर नतीजा बेनतीजा। शीर्ष 15 में तो क्या 20 में भी जगह नहीं। बावजूद इसके इन युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मंजिल की ओर निकले पड़े। अपनों से ठुकराए और गैरों से अपनाए इन युवाओं ने दिखा दिया कि अगर दिल में कुछ करने की तमन्ना हो तो मंजिल मिल ही जाती है। बस मौका मिलना चाहिए।
दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की ओर से ठुकराए गए इन युवा खिलाड़ियों ने अन्य राज्यों की ओर से खेलते हुए इस बार खूब रन बोटरे। फिर चाहे वह अंडर-19 हो, अंडर-23 हो या फिर रणजी। आइए जानते हैं दिल्ली के कुछ ऐसे युवा क्रिकेटरों के बारे में जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से अपना नई राह तलाश की।
धनुर दिखा रहे हुनर
500 रन, 01 शतक, 04 अर्द्धशतक
बार-बार ट्रायल से तंग आ चुके पड़पड़गज के धनुर सीकरी को मिजोरम ने मौका दिया और उन्होंने इसे हाथ से जाने नहीं दिया। कभी खेले बिना बल्ला टांगने की सोच रहे धनुर अब अपने हुनर से मिजोरम टीम के अहम सदस्य बन गए हैं।
प्रीतमपुरा के गुरु गोविंद सिंह कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर के 20 वर्षीय छात्र धनुर कार्नल सीके नायडू ट्रॉफी में धूम मचाने के बाद अब बुधवार से भुवनेश्वर में शुरू होने वाले घरेलू वनडे में भी मिजोरम के लिए शानदार प्रदर्शन करना चाहते हैं। धनुर ने सीके नायडू में एक शतक और चार अर्द्धशतकों से 500 रन बनाए।
वह अपनी टीम की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। फुटबॉल और बैडमिंटन के भी अच्छे खिलाड़ी धनुर कहते हैं मैं धीरे-धीरे अपने लक्ष्य तय करूंगा। फिलहाल ध्यान वनडे में अच्छा प्रदर्शन कर रणजी टीम में जगह बनाने पर है। अपने गृह राज्य से खेलने के बारे में धनुर कहते हैं इसकी टीस तो रहती है पर कितना इंतजार करें। हमारा काम अच्छा खेलना है हम वो करेंगे। बाकी सब भगवान के हाथ में है।
केरल एक्सप्रेस बन गए वत्सल
1235 रन, 05 शतक, 06 अर्द्धशतक
दिल्ली के पश्चिम विहार के 19 वर्षीय वत्सल गोविंद शर्मा को भी जब दिल्ली से मौका नहीं मिला तो उन्होंने केरल का रुख किया। उन्होंने कूच बिहार अंडर-19 ट्रॉफी में न सिर्फ केरल की कप्तानी की बल्कि टीम और टूर्नामेंट में एक तिहरे शतक सहित सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने। रणजी में अपने राज्य की टीम दिल्ली के खिलाफ पदार्पण किया।
हालांकि वह एक ही मैच खेल पाए। इसी शानदार प्रदर्शन का नतीजा है कि वत्सल का चयन इसी माह त्रिवेंद्रम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए अंडर-19 भारतीय टीम में होना तय है। वत्सल पिछले साल अंडर-19 चैलेंज ट्रॉफी में इंडिया ग्रीन की ओर से खेल चुके हैं। कोच तारक सिन्हा और मयंक निगम से कोचिंग लेने वाले वत्सल दिल्ली के लिए विजय मर्चेंट ट्र्रॉफी में खेल चुके हैं।
रनवीर मिलिंद
मिलिंद कुमार ने इस सत्र में सिक्किम की ओर से रणजी में खेलते हुए खूब रन बटोरे। वह रणजी ट्रॉफी इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने दो दोहरे शतकों की मदद से 1331 रन बनाए। रिकॉर्ड वीवीएस लक्ष्मण (1415 रन, हैदराबाद के लिए 1999/00) के नाम है। मिलिंद ने 22 विकेट भी झटके।
तिहरा शतक पुनीत के नाम : इस रणजी सत्र में लगा एकमात्र तिहरा शतक भी दिल्ली के खिलाड़ी पुनीत बिष्ट के बल्ले से ही निकला। उन्होंने मेघालय की ओर से खेलते हुए 892 रन बनाए और सर्वाधिक रन बनाने के मामले में पांचवें नंबर रहे।
दिल्ली को मिली सिर्फ एक जीत : चयन को लेकर विवादों में रही दिल्ली की रणजी टीम इस सत्र में आठ मैचों में से सिर्फ एक जीत पाई और ग्रुप चरण में बाहर हो गई। टीम ग्रुप बी में नौ टीमों में नौवें नंबर पर रही। यही नहीं उसका कोई भी खिलाड़ी छाप नहीं छोड़ पाया। ध्रुव शौरी ने सात मैचों में सर्वाधिक 363 रन बनाए। वहीं स्पिनर विकास मिश्रा ने अपने चयन को सार्थक करते हुए 33 विकेट चटकाए।
दिल्ली के वो खिलाड़ी जो इस सत्र में अन्य रणजी टीमों से खेले
| खिलाड़ी | टीम | मैच | रन | सर्वोच्च | औसत | 100/50 |
| मिलिंद कुमार | सिक्किम | 08 | 1331 | 261 | 121.00 | 6/4 |
| पुनित बिष्ट | मेघालय | 08 | 892 | 343 | 89.20 | 2/4 |
| योगेश नागर | मेघालय | 08 | 865 | 166 | 86.50 | 4/3 |
| रजत भाटिया | उत्तराखंड | 09 | 700 | 212* | 175.00 | 3/2 |
| क्षितिज शर्मा | अरुणाचल | 07 | 498 | 118 | 35.57 | 1/3 |
| रितिक कनौजिया | मणिपुर | 03 | 152 | 91 | 25.33 | 0/1 |
पवन सुयाल नागालैंड 07 30 विकेट बेस्ट बॉलिंग 7/108