अब विद्रोह में उतरा क्रिकेट साउथ अफ्रीका, बोर्ड का निलंबन मानने से साफ इनकार
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दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। दक्षिण अफ्रीका खेल परिसंघ और ओलंपिक समिति (एसएएससीओसी) ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) को निलंबित कर दिया था, लेकिन अब क्रिकेट संघ ने निलंबन मानने से साफ इनकार कर दिया है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका की ओर से बयान जारी किया गया है, जिसे ट्विटर हैंडल पर पोस्ट भी किया गया।
CSA statement on SASCOC resolutions 👇 pic.twitter.com/Lo5DtBxrJq
— Cricket South Africa (@OfficialCSA) September 10, 2020
ओलंपिक समिति के फैसले पर आपत्ति व्यक्त करते हुए बोर्ड ने लिखा, 'सीएसए और सदस्य परिषद ओलंपिक समिति द्वारा लिए गए फैसले से सहमत नहीं है तथा उसे इसमें उठाए गए विभिन्न मसलों पर ओलंपिक समिति के सामने अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा जिस आधार पर ओलंपिक समिति ने सीएसए के वित्तीय मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए कहा है उसको लेकर सीएसए कानूनी सलाह ले रहा है। सीएसए हालांकि अपनी स्थिति को समझने और क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ हित में उचित हल निकालने के लिए ओलंपिक समिति के साथ आगे बात करने को तैयार है।'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दक्षिण अफ्रीकी सरकार अपने देश की क्रिकेट संस्था में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की जांच करना चाहती है, जिसके बाद क्रिकेट गतिविधियां का नियंत्रण खेल परिसंघ और ओलंपिक समिति को लेने को कह दिया। इसका मतलब है कि अब सीएसए में दैनिक कार्यों का संचालन करने के लिए कोई नहीं होगा।
सीएसए के पूर्व सीईओ थबांग मुनरो को पिछले महीने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने वाली रिपोर्ट के बाद पद से हटा दिया गया था। कार्यवाहक सीईओ जॉक फॉल और अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने पिछले महीने त्यागपत्र दे दिया था। फॉल की जगह कुगेंड्री गवेंडर ने ली थी।
देश के चोटी के खिलाड़ियों ने भी पांच सितंबर को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) टालने के लिए सीएसए की आलोचना की थी। सीएसए को अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है क्योंकि ओलंपिक समिति की कार्रवाई सरकारी हस्तक्षेप माना जा सकता है।