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कपिल देव के खिलाफ हितों के टकराव की शिकायत प्रासंगिक नहीं
Sun, 16 Feb 2020 06:13 PM IST
मुकेश कुमार झा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sun, 16 Feb 2020 06:13 PM IST
सार
- कपिल के खिलाफ शिकायत को अप्रासंगिक पाया गया
- बीसीसीआई ने अब नई सीएसी गठित की है
- डीके जैन का एक साल का अनुबंध एक महीने में खत्म
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क्रिकेटर कपिल देव
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विस्तार
बीसीसीआई एथिक्स ऑफिसर (आचरण अधिकारी) डी के जैन ने रविवार को पुष्टि की कि उन्होंने कपिल देव के खिलाफ हितों के टकराव की शिकायत को 'अप्रासंगिक' पाया है। क्योंकि पूर्व भारतीय कप्तान अपनी कई भूमिकाओं के पदों से हट गए हैं।
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बीसीसीआई के साथ जैन का एक साल का अनुबंध एक महीने में खत्म हो जाएगा। उन्होंने शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ के खिलाफ दिसंबर में आई शिकायतों को भी अप्रासंगिक पाया था क्योंकि उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
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जैन ने पीटीआई से कहा, 'कपिल के खिलाफ शिकायत को अप्रासंगिक पाया गया।' ये तीनों क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का हिस्सा थे लेकिन मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए हितों के टकराव के आरोपों के बाद इस्तीफा दे दिया था।
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बीसीसीआई ने अब नई सीएसी गठित की है। जैन ने रंगास्वामी, गायकवाड़ और कपिल को मुंबई में 27 और 28 दिसंबर को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया था लेकिन विश्व कप विजेता कप्तान निजी कारणों से इसमें नहीं जा सके थे। बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय में एक से ज्यादा पद पर काबिज नहीं हो सकता।