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Team India: 'बीसीसीआई का नियम सजा नहीं', 10 सूत्रीय नीति पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रखी राय
Sat, 18 Jan 2025 06:56 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 18 Jan 2025 06:56 PM IST
सार
हाल ही में अगरकर ने नए नियम को लेकर अपनी राय रखी और बताया कि प्रबंधन ने पिछले कुछ महीनों में देखा कि उन्हें कुछ बदलावों की आवश्यकता है और इसलिए टीम बॉन्डिंग में सुधार के लिए इस नीति को लागू किया गया है।
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- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा टीम के लिए 10 सूत्रीय नीति पर अपनी राय रखी है। ऑस्ट्रेलिया में मिली करारी हार के बाद बीसीसीआई ने कड़े फैसले लिए थे जिसमें 45 दिन से अधिक के विदेशी दौरे पर खिलाड़ियों को परिवार को दो सप्ताह तक ही अपने साथ रखने की अनुमति दी गई थी।
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हाल ही में अगरकर ने नए नियम को लेकर अपनी राय रखी और बताया कि प्रबंधन ने पिछले कुछ महीनों में देखा कि उन्हें कुछ बदलावों की आवश्यकता है और इसलिए टीम बॉन्डिंग में सुधार के लिए इस नीति को लागू किया गया है। अगरकर ने मुंबई में कप्तान रोहित शर्मा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चैंपियंस ट्रॉफी और इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज टीम घोषित की।
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बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर दिशा-निर्देशों की घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया की खबरों में ये 10 सूत्री निर्देश सामने आ चुके हैं। इस बारे में पूछे जाने पर अगरकर ने कहा, मुझे लगता है कि हर टीम के कुछ नियम होते हैं। हमने कई चीजों के बारे में बात की जो आप पिछले कुछ महीनों से देखते आ रहे हैं। कुछ बदलाव की जरूरत है जिससे टीम में ज्यादा बॉन्डिंग रहे।
'यह कोई सजा नहीं'
अगरकर ने कहा कि यह कोई सजा नहीं है और नियम पहले भी होते थे। उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व करते समय ऐसे नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में भी बताया। अगरकर ने कहा, यह कोई स्कूल नहीं है, ना ही कोई सजा है। यह बस आपके कुछ नियम हैं और जब आप राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहे होते हैं, तो आप बस नियमों का पालन करते हैं। ये सब परिपक्व लोग हैं। वे अंतरराष्ट्रीय खेल में अपने आप में सुपरस्टार हैं। वे जानते हैं कि खुद को कैसे संभालना है। लेकिन अंत में आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका आप स्वाभाविक रूप से पालन करते हैं जैसा कि हर टीम करती है। मुझे लगता है कि उनमें से बहुत से नियम लागू हैं।
अगरकर ने कहा कि यह कोई सजा नहीं है और नियम पहले भी होते थे। उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व करते समय ऐसे नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में भी बताया। अगरकर ने कहा, यह कोई स्कूल नहीं है, ना ही कोई सजा है। यह बस आपके कुछ नियम हैं और जब आप राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहे होते हैं, तो आप बस नियमों का पालन करते हैं। ये सब परिपक्व लोग हैं। वे अंतरराष्ट्रीय खेल में अपने आप में सुपरस्टार हैं। वे जानते हैं कि खुद को कैसे संभालना है। लेकिन अंत में आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनका आप स्वाभाविक रूप से पालन करते हैं जैसा कि हर टीम करती है। मुझे लगता है कि उनमें से बहुत से नियम लागू हैं।
अगरकर ने कहा, हो सकता है कि हमने इस बारे में अभी बात की हो और इसे सामने रखा हो, लेकिन उनमें से बहुत से पहले ही लागू हो चुके हैं। अंत में टीम के अनुकूल क्या है, उसी के अनुसार आप इन्हें सुधारते रहते हैं। आप कोशिश करना चाहते हैं और तय करते हैं।