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अंतिम दिन दिखा फिरकी का कमाल, 10 साल बाद जीता खिताब
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 02 Nov 2014 02:57 PM IST
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प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले के चौथे दिन तक दक्षिण क्षेत्र आराम से जीत की ओर बढ़ती दिख रही थी लेकिन पांचवें दिन फिरकी गेंदबाजों के कमाल के प्रदर्शन के आगे मध्य क्षेत्र ने रोमांचक अंदाज में मैच जीत लिया और वह भी सिर्फ 9 रन के अंतर से।
फिरकी गेंदबाज पीयूष चावला की अगुवाई वाली टीम मध्य क्षेत्र ने अंतिम दिन गजब का खेल दिखाया और मैच को रोमांचक बनाते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। मध्य क्षेत्र ने 10 साल बाद इस खिताब को हासिल करने में सफलता हासिल की है। 10 साल पहले उसने उत्तर क्षेत्र को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था, उस बार उसने 9 विकेट से जीत हासिल की थी।
दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेले गए मैच में मध्य क्षेत्र ने दक्षिण के सामने जीत के लिए 301 रनों का लक्ष्य रखा था और उसे अंतिम दिन 117 रन और बनाने थे जबकि उसके पास 9 विकेट शेष थे। लेकिन पिच अचानक टर्न लेने लगी जो बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बन गई। मध्य क्षेत्र के फिरकी गेंदबाजों ने बनी टर्निंग पिच पर कसी हुई गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को खेलने का मौका ही नहीं दिया और पूरी टीम को लक्ष्य से पहले 291 रनों पर समेट दिया।
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फिरकी गेंदबाज पीयूष चावला की अगुवाई वाली टीम मध्य क्षेत्र ने अंतिम दिन गजब का खेल दिखाया और मैच को रोमांचक बनाते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। मध्य क्षेत्र ने 10 साल बाद इस खिताब को हासिल करने में सफलता हासिल की है। 10 साल पहले उसने उत्तर क्षेत्र को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था, उस बार उसने 9 विकेट से जीत हासिल की थी।
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दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में खेले गए मैच में मध्य क्षेत्र ने दक्षिण के सामने जीत के लिए 301 रनों का लक्ष्य रखा था और उसे अंतिम दिन 117 रन और बनाने थे जबकि उसके पास 9 विकेट शेष थे। लेकिन पिच अचानक टर्न लेने लगी जो बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बन गई। मध्य क्षेत्र के फिरकी गेंदबाजों ने बनी टर्निंग पिच पर कसी हुई गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को खेलने का मौका ही नहीं दिया और पूरी टीम को लक्ष्य से पहले 291 रनों पर समेट दिया।
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फिरकी तिकड़ी ने कर दिया कमाल
दक्षिण क्षेत्र मैच के अंतिम दिन अपने कल के स्कोर एक विकेट पर 184 रन से आगे खेलना शुरू किया। उस समय क्रीज पर शतकवीर लोकेश राहुल और बाबा अपराजित खेल रहे थे, दोनों के बीच 88 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। दूसरे विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी करने के बाद यह जोड़ी टूट गई। तेज गेंदबाज पंकज सिंह ने राहुल को पगबाधा आउट कराया। राहुल 130 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने पहली पारी में भी 185 रन बनाए थे।
राहुल का विकेट झटकने के पंकज ने इसी ओवर में दिनेश कार्तिक (0) को भी चलता कर दिया। दक्षिण टीम का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 252 रन था लेकिन जल्दी-जल्दी विकेट गिरते चले गए और पूरी टीम 88.4 ओवर में आउट हो गई।
मध्य क्षेत्र की स्पिन तिकड़ी कप्तान पीयूष चावला (3 विकेट), अली मुर्तजा (3) और जलज सक्सेना (2) ने आपस में विकेट बांटते हुए दक्षिणी टीम को धूल चटा दी। 2 विकेट तेज गेंदबाज पंकज के खाते में भी गए। शेष बल्लेबाज रामास्वामी प्रसन्ना (29), हनुमा विहारी (1), कप्तान विनय कुमार (24), श्रेयस गोपाल (12), प्रज्ञान ओझा (2), अभिमन्यु मिथुन (0) और एचएस शरत (नाबाद 0) टीम को जीत के पार नहीं पहुंचा सके।
मैच में कुल 13 सत्र खेले गए जिसमें 10 में दक्षिण क्षेत्र हावी रहा, लेकिन सिर्फ 3 सत्र में अपनी पकड़ बनाने वाली मध्य क्षेत्र ने अंतिम समय में लाजवाब खेल दिखाया।
संक्षिप्त स्कोर- मध्य क्षेत्र 276 और 403 रन। दक्षिण क्षेत्र 379 और 291 रन।
राहुल का विकेट झटकने के पंकज ने इसी ओवर में दिनेश कार्तिक (0) को भी चलता कर दिया। दक्षिण टीम का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 252 रन था लेकिन जल्दी-जल्दी विकेट गिरते चले गए और पूरी टीम 88.4 ओवर में आउट हो गई।
मध्य क्षेत्र की स्पिन तिकड़ी कप्तान पीयूष चावला (3 विकेट), अली मुर्तजा (3) और जलज सक्सेना (2) ने आपस में विकेट बांटते हुए दक्षिणी टीम को धूल चटा दी। 2 विकेट तेज गेंदबाज पंकज के खाते में भी गए। शेष बल्लेबाज रामास्वामी प्रसन्ना (29), हनुमा विहारी (1), कप्तान विनय कुमार (24), श्रेयस गोपाल (12), प्रज्ञान ओझा (2), अभिमन्यु मिथुन (0) और एचएस शरत (नाबाद 0) टीम को जीत के पार नहीं पहुंचा सके।
मैच में कुल 13 सत्र खेले गए जिसमें 10 में दक्षिण क्षेत्र हावी रहा, लेकिन सिर्फ 3 सत्र में अपनी पकड़ बनाने वाली मध्य क्षेत्र ने अंतिम समय में लाजवाब खेल दिखाया।
संक्षिप्त स्कोर- मध्य क्षेत्र 276 और 403 रन। दक्षिण क्षेत्र 379 और 291 रन।