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इंग्लैंड क्रिकेट में गरमाया नस्लवाद का मामला, पूर्व अंपायर और खिलाड़ी ने लगाया संस्थागत भेदभाव का आरोप
Wed, 18 Nov 2020 04:23 PM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Wed, 18 Nov 2020 04:23 PM IST
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ईसीबी
- फोटो : सोशल मीडिया
इंग्लैंड क्रिकेट में नस्लवाद का मामला गरमाता जा रहा है। हाल ही में अजीम रफीक द्वारा यॉर्कशायर क्रिकेट क्लब पर संस्थागत नस्लवाद का आरोप लगाए जाने के बाद अब वहां एक पूर्व अंपायर और क्रिकेटर ने बोर्ड पर ऐसा ही आरोप लगाया है।
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पूर्व टेस्ट अंपायर जॉन होल्डर और पूर्व खिलाड़ी इस्माइल दाऊद ने इंग्लिश क्रिकेट में अल्पसंख्यक वर्ग की तरफ से मैच अधिकारियों की कमी की वजह की मांग करते हुए इसपर एक जांच की मांग की है। दोनों ही पूर्व सदस्यों ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड पर संस्थागत नस्लवाद करने का आरोप लगाया है।
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होल्डर के 11 साल पहले अपनी सेवानिवृत्ति से पहले पेशेवर अंपायर के रूप में लगभग 30 साल बिताने के बाद से, किसी भी गैर-सफेद अंपायर को प्रथम श्रेणी के अंपायरों के पैनल में नहीं रखा गया है। वहीं दाऊद ने 2005 में अपने खेल के दिनों को समाप्त करने से पहले नॉर्थम्पटनशायर, वॉरसेस्टरशायर, ग्लैमॉर्गन और यॉर्कशायर के लिए खेला था लेकिन अंपायर के रूप में उनका करियर पैनल में पदोन्नति नहीं मिलने से आगे नहीं बढ़ पाया था।
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क्रिकेट में नस्लवाद का मुकाबला करने के लिए स्थापित एक संगठन, स्टंप आउट जातिवाद द्वारा जारी एक बयान में आरोप लगाया गया है कि 'शातिर और व्यवस्थित नस्लवाद' जातीय अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के साथ तब होता है जब वो एलीट पैनल का हिस्सा बनने वाले होते हैं। संगठन ने इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच करने की मांग की है।
उधर होल्डर ने जहां अंपायरों की नियुक्ति पर नस्लीय भेदभाव की आशंका जताई है वहीं दाऊद को लगता है कि उनकी पृष्ठभूमि के कारण उन्हें आगे बढ़ने से वंचित किया गया था। उन्होंने कहा है कि वर्षों से मैंने जो भाषा सुनी है, वह भयावह है, दाऊद ने एसीबी से जुड़े व्यक्तियों पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप भी लगाए हैं।