चौथी नहीं लगातार 13वीं जीत की तलाश में टीम इंडिया
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ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले जा रहे 11वें वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने अब तक लाजवाब खेल दिखाया है और अपने पहले ही मैच में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया। भारत की इस जीत ने वर्ल्ड कप में पाक पर अजेय रहने के 23 साल पुराने रिकॉर्ड को कायम रखा। भारत ने पाक को इस दौरान वर्ल्ड कप में कुल 6 बार हराया है।
इसके बाद भारत के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम थी जिसके आगे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया कभी जीत हासिल नहीं कर सकी थी लेकिन इस बार उसने दमदार खेल दिखाते हुए हार के सिलसिले को खत्म कर दिया और टूर्नामेंट के इतिहास में इस अफ्रीकी टीम पर पहली जीत का स्वाद चख लिया। वर्ल्ड कप में भारत की जीत का कारवां यहीं खत्म नहीं हुआ और उसने अपने तीसरे मैच में संयुक्त अरब अमीरात को हरा दिया। टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी इस सबसे बड़ी जीत के साथ भारत ने जीत की हैट्रिक भी लगा दी।
वैसे भी पिछली बार महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच गंवाया था और वह भी दक्षिण अफ्रीका के हाथों। क्रिकेट के महाकुंभ के 11वें संस्करण में हैट्रिक जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया पिछले वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार के बाद से ही आईसीसी की ओर से आयोजित 50-50 ओवर के टूर्नामेंट्स में एक भी मैच नहीं हारी और अजेय बनी हुई है।
एक भी मैच गंवाए बगैर भारत ने जीता था चैंपियंस ट्रॉफी
आईसीसी की ओर आयोजित 50-50 ओवरों के टूर्नामेंट्स में भारत ने अपना अंतिम मैच पिछले वर्ल्ड कप के दौरान 12 मार्च को नागपुर में दक्षिण अफ्रीका से 3 विकेट से गंवाया था। उसके बाद उसने अब तक एक भी हार का सामना नहीं किया है। इस हार के बाद टीम इंडिया ने 2011 के वर्ल्ड कप के अपने अंतिम लीग मैच में वेस्टइंडीज को 80 रनों से हराया था।
इसके बाद नॉकआउट दौर में भारत ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से, फिर सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 29 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। खिताबी जंग में उसने शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड कप पर फिर से कब्जा जमाने का अपना सपना पूरा कर लिया।
वर्ल्ड चैंपियन बनने के 2 साल बाद भारत इंग्लैंड में आईसीसी के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी खेलने उतरा और यहां पर अजेय रहते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने अपने सभी पांचों मैच जीते। लीग चरण में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान को हराने के बाद सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर फाइनल का रास्ता तय किया। फाइनल में बारिश के कारण 20-20 के कर दिए गए मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में 5 रन से हराते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया।
इसके साथ ही धोनी पहले ऐसे कप्तान और टीम इंडिया पहली ऐसी टीम बन गई जिसके पास वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी दोनों एक साथ हो। यही नहीं क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब भारतीय टीम ने किसी बड़े टूर्नामेंट में एक भी मैच गंवाए बगैर खिताबी जीत हासिल की थी।
2011 वर्ल्ड कप में विंडीज को हराने से शुरू हुआ था अभियान
इस तरह से देखा जाए तो टीम इंडिया आईसीसी के 50-50 ओवर के टूर्नामेंट्स में लगातार 12 मैचों से अजेय है और अब उसकी नजर 6 मार्च को पर्थ में वेस्टइंडीज के साथ होने वाले मैच में जीत हासिल कर जीत के अजेय रथ को 13वी संख्या पर ले जाने का है।
इस बीच दिलचस्प बात यह है कि भारत ने जीत का ये सिलसिला विंडीज टीम के खिलाफ पिछले वर्ल्ड कप में शुरू किया था और अब जीत के अपने कारवां को 13 तक पहुंचाने के लिए फिर इसी कैरेबियाई टीम को धूल चटानी होगी।
टीम इंडिया 2011 के वर्ल्ड कप से लेकर आईसीसी के 50-50 ओवरों के टूर्नामेंट्स में अब तक कुल 17 मैच खेल चुकी है और इस दौरान उसे सिर्फ एक में हार (दक्षिण अफ्रीका) मिली और एक मैच (इंग्लैंड के खिलाफ) जोरदार संघर्ष के बाद टाई हो गया था। चार साल पहले वर्ल्ड कप में भारत ने कुल 9 मैच खेले, इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी में 5 और अब इस वर्ल्ड कप में अब तक 3 मुकाबले खेले हैं जिसमें 12 में जीत मिली है।