फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Bombay High Court instructed BCCI said Provide basic facilities on public grounds

Bombay High Court: बीसीसीआई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी हिदायत, कहा- सार्वजनिक मैदानों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएं

Mon, 04 Jul 2022 11:18 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: रोहित राज Updated Mon, 04 Jul 2022 11:18 PM IST
सार

न्यायमूर्ति अनिल मेनन और एमएस कार्णिक की पीठ ने कहा कि कई बच्चे और वयस्क राज्य भर में सार्वजनिक मैदानों पर क्रिकेट और अन्य खेल खेलते हैं। क्रिकेट संघों या नागरिक निकायों के अंतर्गत आने वाले इन मैदानों में से अधिकांश में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

विज्ञापन
Bombay High Court instructed BCCI said Provide basic facilities on public grounds
बीसीसीआई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बंबई उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई), महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) और राज्य अधिकारियों को सोमवार को सार्वजनिक मैदानों पर शौचालय, पीने के पानी और चिकित्सा सहायता जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की हिदायत देते हुए कहा कि ‘आपका अगला बड़ा सितारा इन सार्वजनिक मैदानों से आ सकता है।’
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अनिल मेनन और एमएस कार्णिक की पीठ ने कहा कि कई बच्चे और वयस्क राज्य भर में सार्वजनिक मैदानों पर क्रिकेट और अन्य खेल खेलते हैं। क्रिकेट संघों या नागरिक निकायों के अंतर्गत आने वाले इन मैदानों में से अधिकांश में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बीसीसीआई और एमसीए दोनों के आंतरिक मेमोरेंडम में ट्रेनिंग शिविर या क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए ऐसे स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का नियम है जहां क्रिकेट का खेल खेला जा रहा हो। पीठ बंबई उच्च न्यायालय के वकील राहुल तिवारी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
विज्ञापन


शुल्क देकर भी सुविधाएं नहीं
इस मामले में पक्ष के रूप में निजी तौर पर मौजूद तिवारी ने अदालत से कहा कि वह स्वयं भी पेशेवर क्रिकेटर थे और उन्होंने विभिन्न राज्य और जिला स्तर के क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। तिवारी ने कहा, ‘जब कोई अभ्यास के लिए एक सार्वजनिक मैदान बुक करता है तो उसे नागरिक निकाय या उस खेल संघ को शुल्क देना पड़ता है जिसके अधिकार क्षेत्र में मैदान आता है लेकिन इनमें से अधिकतर मैदान, यहां तक कि जहां पेशेवर क्रिकेट शिविर आयोजित किए जाते हैं, वहां पीने का साफ पानी या खिलाड़ियों द्वारा इस्तेमाल किए जा सकने योग्य शौचालय तक नहीं हैं।’
विज्ञापन
विज्ञापन


बोर्ड हलफनामा दे, नगर निकाय ने नहीं दी सुविधाएं
एमसीए और बीसीसीआई के वकीलों ने उच्च न्यायालय को बताया कि राज्य के अधिकांश सार्वजनिक मैदान नगर निकायों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों में भी जहां उन्होंने शिविर या अभ्यास मैच आयोजित किए, बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति अक्सर संबंधित नागरिक निकाय या राज्य के अधिकारियों द्वारा अस्वीकार कर दी गई थी लेकिन इस पर पीठ ने कहा कि ऐसा बयान स्वीकार्य नहीं है।

अदालत ने एमसीए और बीसीसीआई से कहा, ‘क्या आपने कभी आवेदन किया है और फिर अनुमति देने से इनकार किया गया है? एक हलफनामा दायर करें।’ पीठ ने कहा, ‘यह कोई विरोधात्मक मुकदमा नहीं है क्योंकि आपको अपना अगला सितारा सार्वजनिक मैदान से मिल सकता है। इतने होनहार बच्चे सार्वजनिक मैदान पर खेल रहे हैं।’


बीएमसी नहीं दे सकती धन की कमी का हवाला
अदालत ने यह भी कहा कि क्रिकेट संघ और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के कारण के रूप में धन की कमी का हवाला नहीं दे सकते। पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी, एमसीए और बीसीसीआई को दो सप्ताह के भीतर अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने चाहिए जिसमें यह बताया गया हो कि उनके अधिकार क्षेत्र में कितने मैदान हैं और वहां क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed