{"_id":"60c9c97ec66278295f5937b9","slug":"board-of-control-for-cricket-in-india-bcci-win-case-against-ipl-team-deccan-chargers-termination-would-not-have-to-pay-4800-crore-rupees","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत: बीसीसीआई ने डेक्कन चार्जर्स से जीती कानूनी जंग, नहीं देना पड़ेगा 4800 करोड़ रुपये का हर्जाना","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
राहत: बीसीसीआई ने डेक्कन चार्जर्स से जीती कानूनी जंग, नहीं देना पड़ेगा 4800 करोड़ रुपये का हर्जाना
Wed, 16 Jun 2021 03:20 PM IST
ओम. प्रकाश
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ओम. प्रकाश
Updated Wed, 16 Jun 2021 03:20 PM IST
सार
बीसीसीआई को हर्जाने के तौर पर अब डेक्कन चार्जर्स को 4800 रूपये नहीं देने पड़ेंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीसीसीआई को बड़ी राहत देते हुए उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें डेक्कन चार्जर्स को ये भारी भरकम राशि देने को कही गई थी।
विज्ञापन
बीसीसीआई
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल बीसीसीआई को अब आईपीएल की टीम रही डेक्कन चार्जर्स को 4800 करोड़ रूपये का हर्जाना नहीं देना पड़ेगा। न्यायामूर्ति जीएस पटेल की खंडपीठ ने पंचाट के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें बीसीसीआई को जुर्माने के तौर पर डेक्कन चार्जर्स को 4800 करोड़ रूपये देने के लिए कहा गया था। साल 2009 में आईपीएल का खिताब जीतने वाली डेक्कन चार्जर्स ने बीसीसीआई के खिलाफ उसे आईपीएल से गलत तरीके से हटाने का आरोप लगाते हुए केस किया था।
विज्ञापन
दरअसल ये पूरा मामला साल 2012 का है। इसी साल बीसीसीआई ने डेक्कन चार्जर्स का आईपीएल से कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया था। हैदराबाद से ताल्लुक रखने वाली इस फ्रेंचाइजी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को अदालत में चुनौती थी। डेक्कन चार्जर्स ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इस मामले की जांच करने के लिए कोर्ट ने रिटायर्ड जज सी के ठक्करक को आर्बिट्रेटर नियुक्त किया था।
विज्ञापन
पंचाट ने इस मामले में फैसला डेक्कन चार्जर्स के पक्ष में सुनाया था। सुनवाई के दौरान डेक्कन चार्जर्स ने 6046 करोड़ रुपये के हर्जाने और ब्याज की मांग बीसीसीआई से की थी। वहीं बीसीसीआई ने डेक्कन चार्जर्स के अनुबंध को रद्द करने के निर्णय के पीछे पूरा तर्क दिया था। लेकिन फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के खिलाफ गया।
विज्ञापन
बीते साल जुलाई में पंचाट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ विवाद में डेक्कन क्रॉनिकल्स होल्डिंग्स लिमिटेड के पक्ष में फैसला देते हुए बीसीसीआई को डीसीएचएल को 4800 करोड़ रुपये हर्जाने के तौर पर देने को कहा था। जिसके बाद बीसीसीआई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले को चुनौती दी।
इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। 2009 में एडम गिलक्रिस्ट की कप्तानी में टीम ने आईपीएल खिताब जीता। डेक्कन चार्जर्स आईपीएल की शुरुआती टीमों में से एक थी और उसने बीसीसीआई से 10 साल का करार किया था। जबकि साल 2012 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने फ्रेंचाइजी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए बर्खास्त कर दिया था।