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Bishan Singh Bedi: नम आंखों से विदा हुए पाजी, बेटे बोले- पापा की इस स्पिन का अंदाजा नहीं लगा
Tue, 24 Oct 2023 11:17 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 24 Oct 2023 11:17 PM IST
सार
दिग्गज स्पिनर बेदी के अंतिम संस्कार के समय क्रिकेट जगत से कपिल देव, मदन लाल वीरेंद्र सहवाग, आशीष नेहरा, अजय जडेजा, मुरली कार्तिक सहित कई हस्तियां उपस्थित थी।
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बिशन सिंह बेदी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत के पूर्व कप्तान और सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शुमार बिशन सिंह बेदी को उनके परिवार ने एक निडर और पूर्ण जीवन जीने वाली शख्सियत करार दिया। भारत की तरफ से 67 टेस्ट मैचों में 266 विकेट लेने वाले बेदी का सोमवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। वह भागवत चंद्रशेखर, ईरापल्ली प्रसन्ना और एस वेंकटराघवन के साथ स्पिन चौकड़ी के सदस्य थे। बेदी के निधन के बाद उनके बेटे अंगद और बहू नेहा धूपिया ने सोशल मीडिया के जरिए परिवार की भावनाओं को जाहिर करते हुए लिखा, ‘यह पापा की उस स्पिन गेंद की तरह था जिसका हम अंदाजा नहीं लगा सके।’
दिग्गज स्पिनर बेदी के अंतिम संस्कार के समय क्रिकेट जगत से कपिल देव, मदन लाल वीरेंद्र सहवाग, आशीष नेहरा, अजय जडेजा, मुरली कार्तिक सहित कई हस्तियां उपस्थित थी। प्रथम श्रेणी के भी क्रिकेटर काफी संख्या में उपस्थित थे। एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि बेदी साहब जितने दिग्गज क्रिकेटर थे, उससे बड़े इंसान थे। भारत के पूर्व कप्तान बेदी ने 1967 से 1979 के बीच 67 टेस्ट खेले और 266 विकेट लिए। उनका लंबी बीमारी के बाद सोमवार को घर पर निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं। परिवार से जारी बयान में अंजू, अंगद, नेहा और अन्य के साथ बेदी की बहू नेहा धूपिया का नाम है।
ना किसी का भय-ना किसी से नफरत
परिवार ने देश के इस महान बाएं हाथ के स्पिनर के बारे में लिखा, ‘पापा का मिजाज ऐसा नहीं था कि वह हमें इस तरह की बेहतरीन गेंद से आउट करें। हम कभी इसका अंदाजा नहीं लगा सके। उनके जीवन का हर दिन अपने परिवार और आस्था के प्रति समर्पण के साथ, वाहेगुरु की सेवा में व्यतीत होता था। उन्होंने ‘निर्भऔ-निर्वैर (ना किसी का भय, ना किसी से नफरत)’ को जीवन जीने का आधार बनाया और हमें भरोसा है कि वह जहां भी हैं , उनके अपने उनके साथ हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ पापा, हम आपको अपने निर्भीक नेतृत्वकर्ता के रूप में पाकर धन्य हो गए। हम आपके आदर्श वाक्य ‘चीजों को समझ कर आत्मसात करना’ के अनुसार जीने का प्रयास करेंगे। इस जहां से परे आप हमारा मार्गदर्शन करते रहें।’ परिवार ने बेदी को एक ‘निडर नेता’ के साथ ऐसा व्यक्ति बताया जिसने अपने जीवन से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
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परिवार ने लिखा, ‘ हम सदमे में हैं और इस शोक से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इस बात से सांत्वना मिलती है कि आपने अपना जीवन निर्भय हो कर जिया और कई पीढि़यों को प्रेरित किया। सार्वजनिक और निजी तौर पर आपके लिए मिले प्यार भरे संदेशों ने हमें ढांढस बंधाया है।उनके धैर्य, हास्य और दिलेरी की सराहना के लिए सभी को धन्यवाद।
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दिग्गज स्पिनर बेदी के अंतिम संस्कार के समय क्रिकेट जगत से कपिल देव, मदन लाल वीरेंद्र सहवाग, आशीष नेहरा, अजय जडेजा, मुरली कार्तिक सहित कई हस्तियां उपस्थित थी। प्रथम श्रेणी के भी क्रिकेटर काफी संख्या में उपस्थित थे। एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि बेदी साहब जितने दिग्गज क्रिकेटर थे, उससे बड़े इंसान थे। भारत के पूर्व कप्तान बेदी ने 1967 से 1979 के बीच 67 टेस्ट खेले और 266 विकेट लिए। उनका लंबी बीमारी के बाद सोमवार को घर पर निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं। परिवार से जारी बयान में अंजू, अंगद, नेहा और अन्य के साथ बेदी की बहू नेहा धूपिया का नाम है।
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ना किसी का भय-ना किसी से नफरत
परिवार ने देश के इस महान बाएं हाथ के स्पिनर के बारे में लिखा, ‘पापा का मिजाज ऐसा नहीं था कि वह हमें इस तरह की बेहतरीन गेंद से आउट करें। हम कभी इसका अंदाजा नहीं लगा सके। उनके जीवन का हर दिन अपने परिवार और आस्था के प्रति समर्पण के साथ, वाहेगुरु की सेवा में व्यतीत होता था। उन्होंने ‘निर्भऔ-निर्वैर (ना किसी का भय, ना किसी से नफरत)’ को जीवन जीने का आधार बनाया और हमें भरोसा है कि वह जहां भी हैं , उनके अपने उनके साथ हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ पापा, हम आपको अपने निर्भीक नेतृत्वकर्ता के रूप में पाकर धन्य हो गए। हम आपके आदर्श वाक्य ‘चीजों को समझ कर आत्मसात करना’ के अनुसार जीने का प्रयास करेंगे। इस जहां से परे आप हमारा मार्गदर्शन करते रहें।’ परिवार ने बेदी को एक ‘निडर नेता’ के साथ ऐसा व्यक्ति बताया जिसने अपने जीवन से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
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परिवार ने लिखा, ‘ हम सदमे में हैं और इस शोक से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इस बात से सांत्वना मिलती है कि आपने अपना जीवन निर्भय हो कर जिया और कई पीढि़यों को प्रेरित किया। सार्वजनिक और निजी तौर पर आपके लिए मिले प्यार भरे संदेशों ने हमें ढांढस बंधाया है।उनके धैर्य, हास्य और दिलेरी की सराहना के लिए सभी को धन्यवाद।