50 गेंदें फेंकी, फिर भी लय नहीं पा सके भुवनेश्वर
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वर्ल्ड कप से पहले फिटनेस टेस्ट में पास होने के बावजूद भुवनेश्वर कुमार के सामने उनकी फिटनेस फिर बाधा डालने लगी है। वह काफी लंबे समय से टखने की चोट से जूझ रहे हैं।
वर्ल्ड कप से पहले 7 फरवरी को टीम इंडिया के चार खिलाड़ियों रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, आर अश्विन और इशांत शर्मा का फिटनेस टेस्ट हुआ था। जिसमें इशांत को छोड़कर बाकी सभी टेस्ट में पास हो गए थे।
आगामी रविवार को टीम इंडिया की मुकाबला दिग्गज दक्षिण अफ्रीका के साथ होना है। भारतीय टीम वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को अभी तक न हरा पाने का इतिहास बदलने के लिए जमकर तैयारियों में जुटी है। जिसमें भुवनेश्वर की स्विंग और सटीक गेंदबाजी टीम को फायदा पहुंचा सकती है।
लेकिन मेलबर्न में नेट प्रैक्टिस के दौरान भुवनेश्वर सहज नहीं दिखे। वह अपनी गेंदों से किसी भी बल्लेबाज को परेशान करने में नाकाम रहे।
नेट प्रैक्टिस में सहज नहीं दिखे भुवी
टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका वर्ल्ड कप में तीन बार भिड़ी हैं और सभी मैचों में बाजी दक्षिण अफ्रीका के ही हाथ लगी है। इसलिए टीम इंडिया इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ रविवार को होने वाले मुकाबले में यह रिकॉर्ड बदलना चाहेगी।
पर भुवनेश्वर कुमार की फिटनेस अब भी टीम के लिए चिंता की बात बनी हुई है। बुधवार को हुए अभ्यास सत्र के दौरान भी भुवी सहज नजर नहीं आए। भुवी के टखने में चोट है। अभ्यास में जहां उमेश यादव, मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा ने जमकर गेंदबाजी की। वहीं, भुवनेश्वर अधिकतर समय मैदान में एक कोने पर खड़े नजर आए।
यहां तक कि जब वे गेंदबाजी करने भी आए तो भी महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायडू को अपनी गेंदों से परेशान नहीं कर सके। भुवनेश्वर ने सबसे पहले किनारे पर लगे नेट्स में बल्लेबाजी की और उसके बाद थ्रोडाउन किया। करीब 25 मिनट बाद उन्होंने छोटे रनअप के साथ गेंदबाजी की।
अभ्यास के दौरान उमेश ने धोनी और कोहली को गति से परेशान किया, वहीं शमी ने भी बाउंसर फेंककर प्रभाव छोड़ा। वहीं दूसरी ओर भुवी को लाइन लेंथ तलाशने में काफी परेशानी हुई और उनकी गति भी काफी कम थी। भुवी कुल 50 गेंद ही फेंक सके।
धोनी से लेकर अश्विन तक ने उनकी गेंदों पर पुल शॉट लगाए। इस दौरान सबसे निराशाजनक पहलू उनकी गति कम होना रहा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में भी तीसरे-चौथे स्पैल में उनकी गेंदों की गति महज 110-115 किमी प्रति घंटे की ही रह गई थी।