टीम इंडिया ने किया 'बीफ' से तौबा, BCCI ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से कहा- फूड मेन्यू से इसे हटाओ
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के फूड मेन्यू में बीफ शामिल नहीं होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के सामने यह सिफारिश रखी है। भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई दौरे से पहले की तैयारियों के लिए बनी बोर्ड की दो सदस्यीय टीम यह भी चाहती है कि इस मामले को दोनों बोर्ड अपने एमओयू में भी शामिल कर लिया जाए।
बता दें कि भारतीय बोर्ड इस बार सुरक्षा अपना रहा है। दरअसल, इस साल अगस्त में भारतीय टीम जब इंग्लैंड दौरे पर गई थी तब बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से टीम के लंच मेन्यू की एक फोटो पोस्ट की थी। फोटो में ब्रेस्ड बीफ पास्ता भी फूड मेन्यू में शामिल दिखाया गया। इसे देख ट्विटर पर टीम इंडिया के कई फैंस भड़क गए।
इसे ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने ऐसा कदम उठाने का फैसला किया है। पता हो कि 21 नवंबर से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम इंडिया को 3 टी20, चार टेस्ट और तीन वनडे मैच खेलने हैं।
मीडिया में क्रिकेट की कवरेज इतनी बढ़ गई है कि पत्रकारों के पास अब इस बात की डिटेल भी मौजूद रहती है कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को खाने में क्या मिल रहा है। दौरे से पहले स्मूद ट्रैवल, प्रैक्टिस और खान-पान संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेने ऑस्ट्रेलिया पहुंची बीसीसीआई की टीम ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से कहा है कि अगर मेन्यू में शाकाहारी आइटम रहेंगे तो बेहतर रहेगा।
इशांत शर्मा को हुई थी परेशानी
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से यह भी सिफारिश की गई कि फलों की उचित व्यवस्था और खानपान के भारतीय तरीके अपनाएं जाएं। बीसीसीआई जांच टीम के करीबी एक सूत्र ने मुंबई मिरर को बताया कि खिलाड़ी अक्सर ऑस्ट्रेलिया में मिलने वाले खानों की शिकायत करते हैं। खासकर शाकाहारी खिलाड़ियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय रेस्तरां से भी बात की है।
याद हो कि पिछले दौरे पर इशांत शर्मा को काफी परेशानी हुई थी। उन्हें मैदान से बाहर जाकर अपने लिए भोजन का इंतजाम करना पड़ा था। सूत्र ने इसी का जिक्र करते हुए बताया कि इतनी तैयारियां पहले से की जा रही हैं। यह भी जानकारी मिली है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी डाइट के प्रति काफी फोकस हैं।
सूत्र ने कहा कि ऐसा भी समय था जब कोई सुविधा न मिलने की स्थिति में खिलाड़ी चीज बर्गर खाकर भी काम चला लेते थे। मगर अब ऐसा नहीं है। अब सबकुछ बदल गया है। खिलाड़ी अब अपनी डाइट के प्रति काफी फोकस हैं। उनकी डाइट में अनुशासन आ चुका है। कुछ खिलाड़ियों ने रेड मीट से भी दूरी बना ली है।