{"_id":"67725ddccdfc6e1a37048a5f","slug":"bcci-vice-president-rajiv-shukla-comes-in-support-of-yashasvi-jaiswal-rohit-sharma-has-different-views-2024-12-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IND vs AUS: बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की नजर में यशस्वी थे नॉटआउट, रोहित बोले - बल्ले का किनारा लगा था","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
IND vs AUS: बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला की नजर में यशस्वी थे नॉटआउट, रोहित बोले - बल्ले का किनारा लगा था
Mon, 30 Dec 2024 02:17 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मेलबर्न
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Dec 2024 02:17 PM IST
सार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट मैच के पांचवें दिन उस वक्त विवाद हो गया जब यशस्वी के साथ थर्ड अंपायर ने बेइमानी की जिसने मैच का रुख पलट दिया।
विज्ञापन
राजीव शुक्ला, यशस्वी और रोहित
- फोटो : BCCI
विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने जहां भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का समर्थन किया है। वहीं, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का कहना है कि यशस्वी के बल्ले का किनारा लगा था इसलिए इस मामले को ज्यादा उछालने की जरूरत नहीं है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट मैच के पांचवें दिन उस वक्त विवाद हो गया जब यशस्वी के साथ थर्ड अंपायर ने बेइमानी की जिसने मैच का रुख पलट दिया।
विज्ञापन
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
- फोटो : Screen Grab
क्या था विवाद?
दरअसल, भारतीय पारी के 71वें ओवर में पैट कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। वह चूके और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए।
दरअसल, भारतीय पारी के 71वें ओवर में पैट कमिंस की लेग साइड पर शॉर्ट पिच गेंद को यशस्वी ने फाइन लेग पर खेलने की कोशिश की। वह चूके और गेंद विकेटकीपर कैरी के हाथों में गई। मैदानी अंपायर ने यशस्वी को आउट नहीं दिया जिसके बाद कमिंस ने डीआरएस लेने का फैसला किया। रिप्ले में स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर गई है या नहीं। इसके बाद स्निको मीटर से जांचा गया, लेकिन स्निको मीटर में कोई हरकत नहीं दिखी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया और यशस्वी को आउट करार दिया। इससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए और कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मामले पर विवाद बढ़ता देख बीसीसीआई के उपाध्यक्ष शुक्ला ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने एक्स पर लिखा, यशस्वी साफ नॉटआउट थे। थर्ड अंपायर को यह देखना चाहिए था कि तकनीक किस तरह इशारा कर रही है। मैदानी अंपायर का नतीजा पलटने से पहले मजबूत तथ्य देने चाहिए।
Yashaswi jayaswal was clearly not out. Third umpire should have taken note of what technology was suggesting. While over ruling field umpire third umpire should have solid reasons . @BCCI @ICC @ybj_19
— Rajeev Shukla (@ShuklaRajiv) December 30, 2024
रोहित ने मामले को नहीं दिया तूल
हालांकि, भारतीय कप्तान रोहित की राय इस मामले में बीसीसीआई उपाध्यक्ष से अलग थी। रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब निकाला जाए क्योंकि तकनीक ने कुछ भी नहीं दिखाया, लेकिन आंखों से ऐसा लग रहा था गेंद उसे छूकर निकली है। मुझे नहीं पता कि अंपायर तकनीक का उपयोग कैसे करना चाहते हैं, लेकिन पूरी निष्पक्षता से मुझे लगता है कि उन्होंने गेंद को छुआ था। यह उस तकनीक के बारे में है जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि वह 100 प्रतिशत नहीं है, लेकिन फिर भी हम वास्तव में उस पर बहुत अधिक गौर नहीं करना चाहते हैं। यह सिर्फ इतना है कि हमें अक्सर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऐसा लगातार हो रहा है, इसलिए हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे हैं।
हालांकि, भारतीय कप्तान रोहित की राय इस मामले में बीसीसीआई उपाध्यक्ष से अलग थी। रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे नहीं पता कि इसका क्या मतलब निकाला जाए क्योंकि तकनीक ने कुछ भी नहीं दिखाया, लेकिन आंखों से ऐसा लग रहा था गेंद उसे छूकर निकली है। मुझे नहीं पता कि अंपायर तकनीक का उपयोग कैसे करना चाहते हैं, लेकिन पूरी निष्पक्षता से मुझे लगता है कि उन्होंने गेंद को छुआ था। यह उस तकनीक के बारे में है जिसके बारे में हम सभी जानते हैं कि वह 100 प्रतिशत नहीं है, लेकिन फिर भी हम वास्तव में उस पर बहुत अधिक गौर नहीं करना चाहते हैं। यह सिर्फ इतना है कि हमें अक्सर इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। ऐसा लगातार हो रहा है, इसलिए हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे हैं।
Melbourne, Australia | On the dismissal of Yashaswi Jaiswal, in the 4th Test of the Border Gavaskar Trophy, Captain Rohit Sharma says "The technology did not show anything, but with the naked eye it seemed that he did touch something. I don't know how the Umpires want to use the… pic.twitter.com/dMdUmFEHtl
— ANI (@ANI) December 30, 2024
गावस्कर ने भी उठाए सवाल
गावस्कर कहा, गेंद की दिशा में मामूली बदलाव दृष्टि भ्रम हो सकता है। आपने तकनीक क्यों रखी है? अगर तकनीक है, तो उसका उपयोग करना चाहिए। आप जो देखते हैं उसके आधार पर निर्णय नहीं ले सकते और तकनीक को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
गावस्कर कहा, गेंद की दिशा में मामूली बदलाव दृष्टि भ्रम हो सकता है। आपने तकनीक क्यों रखी है? अगर तकनीक है, तो उसका उपयोग करना चाहिए। आप जो देखते हैं उसके आधार पर निर्णय नहीं ले सकते और तकनीक को नजरअंदाज नहीं कर सकते।
भारत को मिली हार
जीत के लिए मिले 340 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की दूसरी पारी 155 रन पर सिमट गई। भारतीय टीम को आज ही लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम इंडिया तीन सत्र भी नहीं खेल सकी और 11 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। मेलबर्न में टीम इंडिया की टेस्ट में यह 13 साल बाद हार है। इससे पहले भारतीय टीम को 2011 में हार मिली थी। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में चार टेस्ट के बाद 2-1 की बढ़त बना ली है। अब पांचवां और आखिरी टेस्ट तीन जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा।
जीत के लिए मिले 340 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की दूसरी पारी 155 रन पर सिमट गई। भारतीय टीम को आज ही लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम इंडिया तीन सत्र भी नहीं खेल सकी और 11 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। मेलबर्न में टीम इंडिया की टेस्ट में यह 13 साल बाद हार है। इससे पहले भारतीय टीम को 2011 में हार मिली थी। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में चार टेस्ट के बाद 2-1 की बढ़त बना ली है। अब पांचवां और आखिरी टेस्ट तीन जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा।