फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   bcci president and former team india captain sourav ganguly moves to bombay high court for enforcement of 2018 arbitration award

बकाया: भुगतान न मिलने से नाराज सौरव गांगुली पहुंचे हाईकोर्ट, दो कंपनियों पर बाकी हैं 36 करोड़ रुपये

Tue, 13 Jul 2021 10:51 AM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ओम. प्रकाश Updated Tue, 13 Jul 2021 10:51 AM IST
सार

टीम  इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को उनकी दो पुरानी कंपनियों की तरफ से बकाया पैसे का भुगतान नहीं किया है। जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। 

विज्ञापन
bcci president and former team india captain sourav ganguly moves to bombay high court for enforcement of 2018 arbitration award
सौरव गांगुली - फोटो : ट्विटर

विस्तार

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपने बकाए पैसे के भुगतान को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गांगुली ने अपनी दो पुरानी मैनेजमेंट कंपनियों परसेप्ट टैलेंट मैनेजमेंट लिमिटेड और परसेप्ट डी मार्क इंडिया लिमिटेड के खिलाफ साल 2018 में पैसे के भुगतान को लेकर दिए गए आदेश को लागू करने की अपील की है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान गांगुली ने मांग करते हुए कहा कि दोनों कंपनियों को सोमवार को अपनी संपत्ति का खुलासा करने करने का निर्देश दिया जाए। 

विज्ञापन

इस मामले पर न्यायामूर्ति एके मेनन की सिंगल जज बेंच के सामने कंपनियों की ओर से  20 जुलाई तक संपत्ति के ब्योरा देने की बात कही गई है। बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली के मुताबिक, इन कंपनियों पर उनके 36 करोड़ रुपये बाकी हैं। जिसमें 14.50 करोड़ उनका मूल धन है बाकी भुगतान नहीं करने पर बढ़ा हुआ ब्याज है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अंतरिम राहत के रूप में यह भी मांग की कि दोनों कंपनियों की ओर से अपनी संपत्ति से जुड़े किसी भी तरह के लेनदेन पर रोक लगाई जाए। उन्होंने  दायर अर्जी में चिंता जाहिर करते हुए कहा, इन कंपनियों के निदेशकों ने अपने खातों से पैसों को दूसरी फर्म में डालकर छुपा दिया है। उधर परसेप्ट टैलेंट मैनेजमेंट और परसेप्ट डी मार्क इंडिया लिमिटेड के वकील शार्दुल सिंह का कहना है कि वे 20 जुलाई तक संपत्ति से जुड़ी जानकारी का ब्योरा देंगे। 

विज्ञापन

हाई कोर्ट के एक आदेश के अनुसार प्लेयर रिप्रजेंटेशन एग्रीमेंट के तहत दोनों कंपनियों को गांगुली का एक्सक्लूसिव मैनेजर बनने का अधिकार मिला था। इसमें मध्यस्थता का नियम भी लागू था। जब दोनों पक्षों में विवाद हुआ तो दोनों के बीच का एग्रीमेंट रद्द हो गया. इस पर सौरव गांगुली ने समझौते के तहत मध्यस्थता का नियम लगा दिया। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed