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IPL 2021: दूसरे चरण के लिए यूएई में 14 बायो-बबल बनाए गए, भारत की तुलना में काफी अलग और सख्त हैं नियम, आप भी जानिए

Wed, 15 Sep 2021 02:21 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 15 Sep 2021 02:21 PM IST
सार

अगर हम भारत में हुए पहले चरण के 29 मैचों की बात करें, तो बबल में कई कमियां सामने आई थीं। यही वजह रही थी कि कोरोना बायो बबल के अंदर पहुंच गया और 8 खिलाड़ी संक्रमण की चपेट में आ गए थे।

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सभी आठ टीम, मैच अधिकारी और कमेंटेटर्स के लिए कुल 14 बायो बबल तैयार किए गए हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आईपीएल 2021 के दूसरे चरण को शुरू होने में अब बस 3 दिन का वक्त रह गया है। बाकी बचे 31 मैच यूएई के 3 स्टेडियम अबू धाबी, दुबई और शारजाह में खेले जाएंगे। सभी आठ टीम, मैच अधिकारी और कमेंटेटर्स के लिए कुल 14 बायो बबल तैयार किए गए हैं। आईपीएल 2021 के शुरुआती 29 मैच भारत में खेले गए थे। भारत की तुलना में यूएई के बायो बबल काफी अलग और नियमों के मामले में बेहद सख्त हैं। आइए जानते हैं...
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यूएई में तैयार किए गए 14 बायो बबल में से आठ फ्रैंचाइजियों के लिए तैयार किए गए हैं। इसमें खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के रुकने की व्यवस्था है। जबकि 3 बबल मैच अधिकारी और मैच मैनेजमेंट टीम के लिए है। 3 बबल में ब्रॉडकास्ट कमेंटेटर्स और क्रू के लोग रहेंगे। इसके अलावा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को सख्त हिदायतें भी दी हैं।
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जानिए कैसा है यूएई का बायो बबल?

  • फ्रैंचाइजी और सभी स्टाफ से कहा गया है कि बायो-बबल में आने से पहले 6 दिन एकांतवास में रहना ही होगा।  
  • इस दौरान उनकी समय-समय पर कोरोना जांच भी की जाएगी। इसकी रिपोर्ट 8 से 12 घंटे के अंदर दी जाएगी। 
  • बायो बबल में आने वाले सभी लोगों को तय की गई गाड़ियों से ही कहीं आने-जाने की इजाजत होगी। इस नियम का पालन हर हाल में करना होगा। 
  • इन गाड़ियों को समय-समय पर सैनिटाइज भी किया जाएगा। इनके ड्राइवर भी बबल में ही रहेंगे और समय-समय पर इनकी भी कोरोना जांच होगी।
  • खिलाड़ियों को बबल से बबल ट्रांसफर की इजाजत होगी। उदाहरण के तौर पर कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में शामिल खिलाड़ियों को सीधे आईपीएल के बबल में आने की इजाजत होगी।
  • मीडिया या फैंस को बबल और स्टेडियम में आने की इजाजत नहीं है। 
  • डोपिंग नियंत्रण कार्मिक (डीसीपी/डोपिंग कंट्रोल पर्सोनल) को भी जांच के दौरान प्रोटोकॉल का ध्यान रखना होगा। इनके लिए भी अलग से बायो बबल बनाया जाएगा।
  • बोर्ड ने नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही है। 
भारत में बायो बबल में कई कमियां सामने आईं
अगर हम भारत में हुए पहले चरण के 29 मैचों की बात करें, तो बबल में कई कमियां सामने आई थीं। यही वजह थी कि कोरोना बायो बबल के अंदर पहुंच गया और 8 खिलाड़ी संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इसके अलावा चेन्नई सुपर किंग्स के बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी और बैटिंग कोच माइक हसी और मुंबई इंडियंस की टैलेंट स्काउट किरण मोरे भी कोरोना संक्रमण के शिकार हुए।

यूएई में क्यों आसान है आईपीएल की मेजबानी?

यूएई में बायो बबल को मैनेज करना भारत से ज्यादा आसान है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां सिर्फ 3 स्टेडियम में मैच खेले जाते हैं और तीनों शहरों की आपस में कनेक्टिविटी भी अच्छी है। वहीं भारत में आईपीएल की मेजबानी के लिए 6 शहरों को चुना गया था। इसमें अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली शामिल है। यूएई में टीमें सड़क के रास्ते एक से दूसरे जगह तक यात्रा करती थी। 

जबकि भारत में यह संभव नहीं हो पाया। टीमों को फ्लाइट के जरिए यात्रा करनी पड़ी और यहीं पर मैनेजमेंट से चूक हुई थी। यात्रा के लिए चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल तो हुआ, पर खिलाड़ियों को एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक से गुजरना पड़ा। आईपीएल 2020 में यूएई में जीपीएस-ट्रैकिंग फोब डिवाइस को लेकर भी कोई शिकायत नहीं आई थी। लेकिन आईपीएल 2021 में ट्रैकिंग को लेकर भी कमियां देखी गईं। फ्रैंचाइजी की शिकायत थी कि ट्रैकिंग डिवाइस सही जानकारी नहीं देती है।

कोरोना मामलों में अंतर से भी पड़ा था फर्क

यूएई के बायो बबल और भारत के बायो बबल में एक और बड़ा फर्क यह है कि दोनों देशों में कोरोना के मामलों में बड़ा अंतर है। जिस वक्त भारत में आईपीएल कराया गया था, उस वक्त कोरोना की दूसरी लहर अपने चरम पर थी। जिन 6 शहारों में आईपीएल कराए गए, वे सभी हॉटस्पॉट में थे। एक छोटी सी भूल कोरोना वायरस को बायो बबल में ला सकती थी और ऐसा ही हुआ भी। 

पहले चरण में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाड़ी वरुण चक्रवर्ती अपने कंधे का स्कैन करवाने के लिए अस्पताल गए थे। बीसीसीआई के नियमों के अनुसार जरूरत पड़ने पर खिलाड़ी पीपीई किट पहनकर अस्पताल जा सकते हैं। माना जाता है कि इसी दौरान वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और बायो बबल टूटा। पहले चरण के दौरान संक्रमित हुए खिलाड़ियों में केकेआर के 3, दिल्ली के 2, बेंगलुरु के 2 और हैदराबाद का एक खिलाड़ी शामिल था। 

पहला मैच मुंबई और चेन्नई के बीच

अब यह देखने वाली बात होगी कि बीसीसीआई दूसरे चरण को किस प्रकार मैनेज करता है। इसके बाद उन्हें यूएई में टी-20 वर्ल्ड कप की भी मेजबानी करनी है। ऐेसे में आईपीएल ब्लू प्रिंट साबित हो सकता है। दूसरे चरण का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच 19 सितंबर को खेला जाएगा। जबकि लीग राउंड का आखिरी मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सीएसके के बीच 8 अक्तूबर को होगा। फाइनल 15 अक्तूबर को खेला जाएगा। 
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