मिताली राज के साथ बीसीसीआई ने की नाइंसाफी
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज को तब तगड़ा झटका लगा जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड के लिए उनका नाम नहीं भेजा।
मिताली के नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में संपन्न 2017 आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश किया था, जहां उसे मेजबान टीम से 9 रन की शिकस्त झेलना पड़ी थी। मिताली टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर थी। बीसीसीआई ने मिताली की उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स को नजरअंदाज कर दिया। बोर्ड ने उनके नाम का प्रस्ताव खेल रत्न अवॉर्ड के लिए नहीं भेजा।
बोर्ड ने तय समयसीमा 30 अप्रैल तक मिताली का नाम नहीं भेजा। बोर्ड की देरी की वजह से मिताली को खेल रत्न अवॉर्ड मिलने की संभावना कम हो गई है। दरअसल, खेल रत्न के लिए बीसीसीआई को भारत सरकार के खेल मंत्रालय के पास खिलाड़ियों की सूची भेजना होती है। इसके लिए बीसीसीआई पूरे क्रिकेट सीजन में उम्दा प्रदर्शन करने वालों खिलाड़ियों की एक सूची तैयार करके खेल मंत्रालय के पास भेजता है।
हालांकि, महिला टीम इंडिया की सबसे सफल कप्तान मिताली के पास इस अवॉर्ड को पाने का एक मौका है। अगर खेल मंत्रालय इस मामले में हस्तक्षेप करे, तो अभी भी मिताली को खेल रत्न मिलने की संभावना है। अब यह देखना होगा कि क्या, खेल मंत्रालय या खेल मंत्री विजय गोयल इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हैं?
मिताली की जगह इन खिलाड़ियों का नाम भेजा
गौरतलब है कि रिटायर्ड जस्टिस सीके ठक्कर की अध्यक्षता में बारह लोगों की एक कमेटी बनी है। जो यह निर्णय लेगी कि किन-किन लोगों को इस साल खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड दिया जाएगा। बता दें कि इन बारह लोगों की कमेटी में भारतीय टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और भारत की पूर्व दिग्गज एथलीट पीटी उषा भी शामिल हैं।
पहले भी कई ऐसे मामले देखने को मिले हैं जब बोर्ड ने डेडलाइन के बाद नाम भेजे हैं। 2016 में पीवी सिंधु (बैडमिंटन), साक्षी मलिक (कुश्ती), दीपा कर्माकर (जिमनास्ट) और जीतू राय (शूटिंग) को खेल रत्न के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
बता दे कि बीसीसीआई ने इस वर्ष चेतेश्वर पुजारा और हरमनप्रीत कौर के नाम की सिफारिश अर्जुन अवॉर्ड के लिए की थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'बीसीसीआई अभी अच्छी परिस्थिति से नहीं गुजर रह अहै। कुछ परेशानी है और इसे देखते हुए पहल करके किसी खिलाड़ी का नाम आगे बढ़ाना मुश्किल है।'
इस मामले पर मिताली राज ने कहा, 'मैं इस पर कोई टिपण्णी नहीं कर सकती। बीसीसीआई ही इस मामले पर कोई फैसला लेगा।'