एक हार से बदल गया क्रिकेट का इतिहास, भारतीय टीम को पहली बार मिली बांग्लादेश से शिकस्त
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बांग्लादेश ने बुधवार को क्वालालंपुर में महिला एशिया कप टी-20 टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम को 7 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम क्रिकेट इतिहास में पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला हारी। थाईलैंड और मलेशिया के खिलाफ धमाकेदार जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम ने बुधवार को बांग्लादेश के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 141 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश ने दो गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान तीनों के ही तीन मैचों में चार अंक हैं। मगर रनरेट की वजह से टीम इंडिया अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज है। फरगना हक (46 गेंदों में नाबाद 52 रन) और रुमाना अहमद (34 गेंदों में नाबाद 42 रन) के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 93 रन की अविजित साझेदारी ने बांग्लादेश को इंटरनेशनल क्रिकेट की बड़ी जीत में से एक दिलाई। रुमाना को प्लेयर ऑफ द मैच मिला क्योंकि उन्होंने बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजी भी शानदार की और चार ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट लिए।
टॉस भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जीता और बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन यह फैसला सही नहीं गया। सिर्फ कप्तान हरमनप्रीत सिंह (42), पूजा वस्त्राकर (20) और दीप्ति शर्मा (32) ही कुछ समय क्रीज पर जम सकी। स्मृति मंधानी (2) और मिताली राज (15) ने जल्दी-जल्दी अपने विकेट गंवाए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम का पहला विकेट 29 रन के कुल स्कोर पर आयशा रहमान (12) के रूप में गिरा। उन्हें राजेश्वरी गायकवाड़ ने तानिया भाटिया के हाथों कैच कराया। इसके बाद शमिमा सुल्ताना भी 33 रन बनाकर पूजा वस्त्राकर की शिकार बनीं।
निगर सुल्ताना के आउट होते ही बांग्लादेशी टीम का स्कोर 3 विकेट पर 49 रन हो गया, लेकिन फरगना हक़ (52*) और रूमाना अहमद (42*) ने अंत तक खेलते हुए 2 गेंद पहले 142 रन बनाकर टीम को 7 विकेट से जीत दिलाकर एक बड़ा उलटफेर कर दिया। पूजा वस्त्राकर, राजेश्वरी गायकवाड़ और पूनम यादव को 1-1 विकेट मिला।