बांग्लादेश की महिला टीम का अगले महीने भारत दौरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत की महिला क्रिकेट टीम की नई खिलाडियों को इंटरनेशनल मैचों का अनुभव दिलाने के लिए बीसीसीआई अगले महीने बांग्लादेश महिला ए टीम को भारत दौरे पर बुलाने की योजना बनाई है।
इस मामले में बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘इस दौरे पर बांग्लादेश महिला ए टीम पांच अनौपचारिक वन-डे और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। अधिकारी ने बताया कि मौजूदा महिला क्रिकेट टीम के कप्तान मिताली राज, झुलन गोस्वामी और हरमनप्रीत कौर के बाद नेक्स्ट बैच के लिए चयनकर्ताओं को इन मैचों से नयी प्रतिभा और बेंच स्ट्रेंथ का पता लगाने का मौका मिलेगा।’
पढ़ेंः- बीसीसीआई ने नहीं मानी ये बात तो भारतीय खेलों को हो सकता है बड़ा नुकसान
बताया जा रहा है कि लंबे समय से भारतीय टीम के साथ बने रहने के बाद भी मैच खेलने का मौका नहीं मिलने वाली खिलाडियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच तुशार एरोथे ने गल्फ न्यूज से बातचीत में कहा, 'भारत में क्रिकेट के प्रशंसकों से प्रतिक्रियाओं के बारे में टीम की उम्मीदें अब भी बहुत अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि हां, दबाव काफी ज्यादा रहता है लेकिन बिना दबाव के कोई मजा नहीं आता। इसलिए मैं चुनौती लेना चाहता हूं लेकिन इसी समय मैं उन लड़कियों से क्रेडिट नहीं लेना चाहुंगा जिन्होंने वर्ल्ड कप के दौरान प्रदर्शन किया था।'
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले टीम दक्षिण अफ्रीका का दौरा की थी। वहां उन लोगों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। कोच ने कहा कि उस दौरान हमने एक जीतने वाली टीम तैयार की थी और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय महिला क्रिकेट टीम जीत दर्ज की थी। इसलिए मुझे पूरा विश्वास था कि हम निश्चित रूप से वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
आगे उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई की तरफ से काफी सपोर्ट मिल रहा है। महिला क्रिकेट को बीसीसीआई बड़े लेवल पर प्रमोट कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले महीने बांग्लादेश की टीम इंडिया आ रही है। तुशार ने आगे कहा कि महिला क्रिकेट टीम अगले साल जनवरी में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलने दक्षिण अफ्रीका में रहेगी। वहीं, मार्च-अप्रील में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम इंडिया आ रही है। इसलिए मैं कहना चाहुंगा कि महिला क्रिेकेट को यहां काफी अधिक बढ़ावा मिल रहा है।'
बता दें कि भारतीय महिला टीम ने 2005 में पहली बार आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में जगह बनाई थी। जबकि दूसरी बार इसी साल एक बार फिर वर्ल्ड कप का फाइनल में पहुंची। मगर टीम को इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा।