एडिलेड में खेले गए डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने गेंदबाजों के दम पर जबरदस्त वापसी की। तीसरे दिन के खेल में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों की जमकर क्लास लगाई और पूरी टीम को दूसरी पारी में 36 रन पर समेट दिया। बाद में बल्लेबाजों ने 90 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
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जोस हेजलवुड
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भारतीय टीम ने अपने नौ विकेट 36 रन पर गंवाए जबकि मोहम्मद शमी चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट हुए। इस तरह से टीम इंडिया ने टेस्ट इतिहास में न्यूनतम स्कोर तो बनाया ही साथ ही साथ पिंक बॉल का भी सबसे खराब प्रदर्शन किया। इससे पहले 1974 में लॉर्ड्स के मैदान में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 42 रन का स्कोर बनाया था जो अब तक उसका न्यूनतम स्कोर था।
तीसरे दिन का खेल शुरू होने पर भारतीय टीम का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर नौ रन था और तब बुमराह और मयंक अग्रवाल क्रीज पर मौजूद थे। लेकिन दो ओवर के अंदर ही पैट कमिंस ने बुमराह को आउट कर टीम इंडिया को दूसरा झटका दिया। बुमराह के आउट होने के बाद 12वें ओवर में टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा भी कमिंस की गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
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विराट कोहली
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पुजारा के आउट होने पर टीम इंडिया का कुल स्कोर 15 रन था जो उनके लिए बदकिस्मत साबित हुआ। भारतीय टीम ने देखते-देखते 15 रन पर अपने चार विकेट गंवा दिए। हेजलवुड ने अपने पहले ही ओवर में मयंक अग्रवाल और फिर अजिंक्य रहाणे को भी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद स्कोर में चार रन के इजाफे के साथ ही कप्तान विराट कोहली भी कमिंस का शिकार बने। कप्तान के आउट होते ही 36 रन पर मेहमान टीम ने अपने नौ विकेट गंवा दिए और बाद में मोहम्मद शमी चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट हुए।
भारतीय टीम का कोई भी बल्लेबाज दोहरे अंकों का स्कोर नहीं बना पाया। जबकि ऑस्ट्रेलिया के जोस हेजलवुड ने आठ रन देकर पांच और कमिंस ने 21 रन देकर चार विकेट चटकाए।