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टी-20 वर्ल्ड कप: लगातार पांचवां फाइनल बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती, दुबई का रिकॉर्ड भी बरकरार
Mon, 15 Nov 2021 12:59 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 15 Nov 2021 12:59 AM IST
सार
आईसीसी टूर्नामेंट में लगातार पांचवी बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। वहीं दुबई में पिछले 18 में से 17 मैच बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है।
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आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया दो बार न्यूजीलैंड को हरा चुका है
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
टी-20 विश्वकप 2021 के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को पहली बार हराकर टी-20 विश्वकप जीत लिया है। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया टी-20 वर्ल्डकप में कीवियों से 2016 की हार का बदला ले लिया। नॉकआउट मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर न्यूजीलैंड के मात दी। न्यूजीलैंड ने आखिरी बार 1981 में ऑस्ट्रेलिया को किसी नॉकआउट मैच में हराया था। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 17 नॉकआउट मैच हुए हैं और हर बार कंगारुओं ने कीवियों को परास्त किया है।
इस टूर्नामेंट की बात करें तो दोनों टीमें फाइनल से पहले सिर्फ एक मैच हारी थीं और सेमीफाइनल में दोनों ने अपने से मजबूत आंकी जा रही टीमों को हराया था। लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड से हारी थी और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में उसे हराया। वहीं पाकिस्तान ने लीग मैच में न्यूजीलैंड को हराया था और ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की थी।
दुबई में लक्ष्य का पीछा करना आसान
दुबई के मैदान में लक्ष्य का पीछा करना काफी आसान रहा है। यहां शाम के समय खेले गए पिछले 18 टी-20 मैचों में 17 लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीते हैं। वहीं वनडे और टी-20 वर्ल्डकप के पिछले पांच फाइनल मुकाबले भी बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमें ही जीती हैं। इस वर्ल्डकप के दोनों सेमीफाइनल भी लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमें ही जीती हैं। दुबई में हुए पिछले 18 मैचों की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए एकमात्र मैच चेन्नई सुपरकिंग्स ने जीता था। धोनी की टीम ने फाइनल में कोलकाता को हराया था। हालांकि उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए थे।
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180 रन का जादुई आंकड़ा छूना जरूरी
दुबई में 2018 के बाद से 20 बार पहली पारी में 180 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है और 19 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। वहीं एक मैच टाई रहा था। ऐसे में फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को 180 से ज्यादा का स्कोर बनाना था, पर न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 172 रन ही बना पाई और यह मैच आठ विकेट से हार गई।
सोढ़ी-सैंटनर की जोड़ी हुई फ्लॉप
इस मैच में ट्रेंट बोल्ट और सैंटनर-सोढ़ी की जोड़ी से काफी उम्मीदें की जा रही थी, लेकिन बोल्ट को छोड़ कोई भी गेंदबाज उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाया। बोल्ट ने चार ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा कोई भी कीवी गेंदबाज विकेट नहीं ले सका। वहीं सैंटनर और सोढ़ी की जोड़ी ने अपने छह ओवरों में 63 रन खर्चे। इस मैच से पहले ईश सोढ़ी को ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा था, लेकिन कंगारू बल्लेबाज उनके खिलाफ तैयारी करके आए थे। शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ बड़े शॉट लगाए और उन पर दबाव बढ़ाया। बाद में सोढ़ी ने खराब गेंदबाजी भी की और जमकर रन लुटाए। उनके तीन ओवरों में ऑस्ट्रेलिया ने 40 रन बनाए और उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला।
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इस टूर्नामेंट की बात करें तो दोनों टीमें फाइनल से पहले सिर्फ एक मैच हारी थीं और सेमीफाइनल में दोनों ने अपने से मजबूत आंकी जा रही टीमों को हराया था। लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड से हारी थी और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में उसे हराया। वहीं पाकिस्तान ने लीग मैच में न्यूजीलैंड को हराया था और ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की थी।
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दुबई में लक्ष्य का पीछा करना आसान
दुबई के मैदान में लक्ष्य का पीछा करना काफी आसान रहा है। यहां शाम के समय खेले गए पिछले 18 टी-20 मैचों में 17 लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीते हैं। वहीं वनडे और टी-20 वर्ल्डकप के पिछले पांच फाइनल मुकाबले भी बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमें ही जीती हैं। इस वर्ल्डकप के दोनों सेमीफाइनल भी लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमें ही जीती हैं। दुबई में हुए पिछले 18 मैचों की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए एकमात्र मैच चेन्नई सुपरकिंग्स ने जीता था। धोनी की टीम ने फाइनल में कोलकाता को हराया था। हालांकि उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए थे।
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180 रन का जादुई आंकड़ा छूना जरूरी
दुबई में 2018 के बाद से 20 बार पहली पारी में 180 या उससे ज्यादा का स्कोर बना है और 19 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है। वहीं एक मैच टाई रहा था। ऐसे में फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को 180 से ज्यादा का स्कोर बनाना था, पर न्यूजीलैंड की टीम सिर्फ 172 रन ही बना पाई और यह मैच आठ विकेट से हार गई।
सोढ़ी-सैंटनर की जोड़ी हुई फ्लॉप
इस मैच में ट्रेंट बोल्ट और सैंटनर-सोढ़ी की जोड़ी से काफी उम्मीदें की जा रही थी, लेकिन बोल्ट को छोड़ कोई भी गेंदबाज उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाया। बोल्ट ने चार ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा कोई भी कीवी गेंदबाज विकेट नहीं ले सका। वहीं सैंटनर और सोढ़ी की जोड़ी ने अपने छह ओवरों में 63 रन खर्चे। इस मैच से पहले ईश सोढ़ी को ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा था, लेकिन कंगारू बल्लेबाज उनके खिलाफ तैयारी करके आए थे। शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ बड़े शॉट लगाए और उन पर दबाव बढ़ाया। बाद में सोढ़ी ने खराब गेंदबाजी भी की और जमकर रन लुटाए। उनके तीन ओवरों में ऑस्ट्रेलिया ने 40 रन बनाए और उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला।