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Anaya Bangar: पहचान की राह में मिला पिता संजय का साथ, नई शुरुआत के बाद भावुक अनाया बोलीं- सफर आसान नहीं था
Sat, 21 Mar 2026 06:27 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 21 Mar 2026 06:27 PM IST
सार
संजय बांगड़ की ट्रांसजेंडर बेटी अनाया बांगड़ ने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी सफलतापूर्वक कराई और इसे अपनी पहचान की लंबी यात्रा का अहम पड़ाव बताया। परिवार, खासकर पिता के समर्थन को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए इस सफर को भावनात्मक और प्रेरणादायक बताया।
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संजय बांगड़-अनाया बांगड़
- फोटो : Anaya Bangar (instagram)
विस्तार
भारत के पूर्व क्रिकेटर और कोच संजय बांगड़ की ट्रांसजेंडर बेटी अनाया बांगड़ ने अपनी जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। अनाया ने सोशल मीडिया के जरिए यह खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि वह फिलहाल रिकवरी के दौर में हैं और धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। अनाया ने अपने पोस्ट में डॉक्टरों और अस्पताल की टीम का आभार जताते हुए लिखा कि यह उनके जीवन की एक लंबी और भावनात्मक यात्रा का बेहद अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन अब वह इस बदलाव को लेकर संतुष्ट और आभारी महसूस कर रही हैं।
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अनाया बांगड़
- फोटो : Instagram
पांच साल की तैयारी और आत्ममंथन के बाद फैसला
अनाया पहले ही स्पष्ट कर चुकी थीं कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। उन्होंने करीब पांच साल तक इस सर्जरी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को तैयार किया। इस दौरान उन्होंने थेरेपी, मेडिकल जांच और गहन आत्ममंथन से गुजरते हुए यह महसूस किया कि वह अपने जन्म के जेंडर से खुद को जुड़ा हुआ नहीं पातीं। ऐसे में यह सर्जरी उनकी असली पहचान को स्वीकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बनी।
अनाया पहले ही स्पष्ट कर चुकी थीं कि यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। उन्होंने करीब पांच साल तक इस सर्जरी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को तैयार किया। इस दौरान उन्होंने थेरेपी, मेडिकल जांच और गहन आत्ममंथन से गुजरते हुए यह महसूस किया कि वह अपने जन्म के जेंडर से खुद को जुड़ा हुआ नहीं पातीं। ऐसे में यह सर्जरी उनकी असली पहचान को स्वीकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम बनी।
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अनाया बांगड़
- फोटो : Instagram
परिवार का साथ बना सबसे बड़ी ताकत
इस पूरी यात्रा में उनके परिवार का साथ बेहद अहम रहा। अनाया ने अपने भावुक पोस्ट में लिखा कि यह सफर सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए भी आसान नहीं था। समझने, स्वीकार करने और उनके साथ खड़े रहने में समय लगा। शुरुआत में कई सवाल, उलझनें और भावनात्मक दौर आए, लेकिन धीरे-धीरे परिवार ने उन्हें पूरी तरह स्वीकार कर लिया।
उन्होंने खास तौर पर अपने पिता संजय बांगड़ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। अनाया ने लिखा कि पिता का समर्थन तुरंत नहीं मिला, लेकिन जब मिला तो वह सच्चा, मजबूत और बिना शर्त था। इस सर्जरी के दौरान उनका साथ होना उनके लिए बेहद मायने रखता है।
इस पूरी यात्रा में उनके परिवार का साथ बेहद अहम रहा। अनाया ने अपने भावुक पोस्ट में लिखा कि यह सफर सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए भी आसान नहीं था। समझने, स्वीकार करने और उनके साथ खड़े रहने में समय लगा। शुरुआत में कई सवाल, उलझनें और भावनात्मक दौर आए, लेकिन धीरे-धीरे परिवार ने उन्हें पूरी तरह स्वीकार कर लिया।
उन्होंने खास तौर पर अपने पिता संजय बांगड़ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका साथ उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। अनाया ने लिखा कि पिता का समर्थन तुरंत नहीं मिला, लेकिन जब मिला तो वह सच्चा, मजबूत और बिना शर्त था। इस सर्जरी के दौरान उनका साथ होना उनके लिए बेहद मायने रखता है।
अनाया बांगड़
- फोटो : Instagram
भावनात्मक पोस्ट में जताया आभार
अनाया ने अपने पोस्ट में लिखा, 'यह सफर आसान नहीं था। सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे परिवार के लिए भी। समझने और स्वीकार करने में समय लगा। लेकिन आज मैं सिर्फ आभार से भरी हूं। अपने जीवन के सबसे अहम पलों में पिता का साथ होना मेरे लिए सबकुछ है। उनका समर्थन धीरे-धीरे आया, लेकिन जब आया तो पूरी मजबूती के साथ आया।'
उन्होंने आगे कहा कि यह सर्जरी उनके लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन पिता के साथ होने से यह संभव लगने लगा। अंत में उन्होंने लिखा कि बदलाव और प्यार दोनों को समय लगता है, लेकिन जब मिलता है तो उसकी कीमत सबसे ज्यादा होती है।
अनाया ने अपने पोस्ट में लिखा, 'यह सफर आसान नहीं था। सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे परिवार के लिए भी। समझने और स्वीकार करने में समय लगा। लेकिन आज मैं सिर्फ आभार से भरी हूं। अपने जीवन के सबसे अहम पलों में पिता का साथ होना मेरे लिए सबकुछ है। उनका समर्थन धीरे-धीरे आया, लेकिन जब आया तो पूरी मजबूती के साथ आया।'
उन्होंने आगे कहा कि यह सर्जरी उनके लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन पिता के साथ होने से यह संभव लगने लगा। अंत में उन्होंने लिखा कि बदलाव और प्यार दोनों को समय लगता है, लेकिन जब मिलता है तो उसकी कीमत सबसे ज्यादा होती है।
अनाया बांगड़
- फोटो : Instagram
समाज के लिए उम्मीद का संदेश
अनाया बांगड़ न सिर्फ क्रिकेट से जुड़ी रही हैं, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की मुखर आवाज भी हैं। उनका मानना है कि परिवार का साथ किसी भी ट्रांस व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। उनकी यह यात्रा समाज में स्वीकार्यता और समझ बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है।
अनाया बांगड़ न सिर्फ क्रिकेट से जुड़ी रही हैं, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों की मुखर आवाज भी हैं। उनका मानना है कि परिवार का साथ किसी भी ट्रांस व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। उनकी यह यात्रा समाज में स्वीकार्यता और समझ बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है।