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Amar Ujala Samvad 2023: सहवाग ने सुनाई इंजमाम-यासिर हमीद से जुड़ी कहानी, बताया कनेरिया को क्यों आया था गुस्सा
Mon, 19 Jun 2023 12:20 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रोहित राज
Updated Mon, 19 Jun 2023 12:20 PM IST
सार
Amar Ujala Samvad 2023: सहवाग को गाने का बहुत शौक है। वह किशोर कुमार के फैन हैं। बल्लेबाजी के दौरान वह खुद के ऊपर से दबाव कम करने के लिए गाने गाते थे। सहवाग ने अमर उजाला संवाद 2023 में इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाया।
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वीरेंद्र सहवाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमर उजाला संवाद 2023 के मन की जीत सत्र में भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारतीय टीम की हार की वजहों को बताया। इसके अलावा सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर के कुछ मशहूर किस्से भी सुनाए। वीरू ने यह भी बताया कि वह बल्लेबाजी के दौरान क्यों गाना गाते रहते हैं और पाकिस्तान खिलाड़ियों के साथ उनका व्यवहार कैसा था। सहवाग ने इस दौरान भारत-पाकिस्तान बेंगलुरु टेस्ट का किस्सा सुनाया।
2005 में पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी। तब तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। मोहाली में पहला टेस्ट ड्रॉ हुआ था और कोलकाता में दूसरा टेस्ट भारत जीता था। सीरीज का अंतिम मुकाबला बेंगलुरु में खेला गया। इस मैच में पाकिस्तान के कप्तान इंजमाम उल हक ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। पाकिस्तान ने पहली पारी में 570 रन बनाए। वहीं, भारत ने पहली पारी में 449 रन बनाए। इसमें सहवाग के 201 रन शामिल थे। हालांकि, भारत यह टेस्ट हार गया था। दोहरे शतक के दौरान एक मजेदार वाकया हुआ था जिसे सहवाग ने सुनाया।
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2005 में पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी। तब तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। मोहाली में पहला टेस्ट ड्रॉ हुआ था और कोलकाता में दूसरा टेस्ट भारत जीता था। सीरीज का अंतिम मुकाबला बेंगलुरु में खेला गया। इस मैच में पाकिस्तान के कप्तान इंजमाम उल हक ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। पाकिस्तान ने पहली पारी में 570 रन बनाए। वहीं, भारत ने पहली पारी में 449 रन बनाए। इसमें सहवाग के 201 रन शामिल थे। हालांकि, भारत यह टेस्ट हार गया था। दोहरे शतक के दौरान एक मजेदार वाकया हुआ था जिसे सहवाग ने सुनाया।
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वीरेन्द्र सहवाग
- फोटो : सोशल मीडिया
पाकिस्तानी गेंदबाज कर रहे थे निगेटिव गेंदबाजी
सहवाग ने बताया कि कैसे इंजमाम ने उनकी चुनौती स्वीकार की और फिर पाकिस्तान कप्तान का दांव उल्टा पड़ गया था। सहवाग ने कहा, ''बेंगलुरु टेस्ट मैंने 201 रन बनाए थे। जब मैं 150-160 के करीब बल्लेबाजी कर रहा था तो इंजमाम उल हक निगेटिव गेंदबाजी करवा रहे थे। दानिश कानेरिया राउंड द विकेट गेंद कर रहे थे। वह लगातार पैरों पर गेंद कर रहे थे। एक ओवर मेडन हुआ, दो हुआ और फिर तीन ओवर मेडन हुआ। मुझे तेजी से रन बनाने थे और दोहरा शतक पूरा करना था।''
इंजमाम पर भड़क गए थे कनेरिया
सहवाग ने इसके आगे कहा, ''फिर मैंने इंजमाम से बात की। मैंने उन्हें कहा कि इंजी भाई, लॉन्ग ऑन का फील्डर अंदर बुला लो। तो उन्होंने पूछा क्यों? इस पर मैंने कहा कि मुझे छक्का मारना है तो उन्होंने कहा कि वहीं मार दो जहां फील्डर खड़ा है। तो मैंने कहा कि वहां मारूंगा तो आउट हो जाऊंगा। अगर वह आगे होता तो गेंद पीछे गिरेगी तो चौका मिल जाएगा। इंजमाम ने फील्डर को आगे बुला लिया। उसके बाद कनेरिया ने गेंद डाली तो मैंने वहीं पर छक्का मार दिया। इस पर कनेरिया को गुस्सा आ गया और उन्होंने इंजमाम से कहा कि उसे आगे क्यों बुलाया तो इंजी भाई ने कहा कि तुम्हें नहीं पता कि यहां क्या चल रहा है।''
सहवाग ने बताया कि कैसे इंजमाम ने उनकी चुनौती स्वीकार की और फिर पाकिस्तान कप्तान का दांव उल्टा पड़ गया था। सहवाग ने कहा, ''बेंगलुरु टेस्ट मैंने 201 रन बनाए थे। जब मैं 150-160 के करीब बल्लेबाजी कर रहा था तो इंजमाम उल हक निगेटिव गेंदबाजी करवा रहे थे। दानिश कानेरिया राउंड द विकेट गेंद कर रहे थे। वह लगातार पैरों पर गेंद कर रहे थे। एक ओवर मेडन हुआ, दो हुआ और फिर तीन ओवर मेडन हुआ। मुझे तेजी से रन बनाने थे और दोहरा शतक पूरा करना था।''
इंजमाम पर भड़क गए थे कनेरिया
सहवाग ने इसके आगे कहा, ''फिर मैंने इंजमाम से बात की। मैंने उन्हें कहा कि इंजी भाई, लॉन्ग ऑन का फील्डर अंदर बुला लो। तो उन्होंने पूछा क्यों? इस पर मैंने कहा कि मुझे छक्का मारना है तो उन्होंने कहा कि वहीं मार दो जहां फील्डर खड़ा है। तो मैंने कहा कि वहां मारूंगा तो आउट हो जाऊंगा। अगर वह आगे होता तो गेंद पीछे गिरेगी तो चौका मिल जाएगा। इंजमाम ने फील्डर को आगे बुला लिया। उसके बाद कनेरिया ने गेंद डाली तो मैंने वहीं पर छक्का मार दिया। इस पर कनेरिया को गुस्सा आ गया और उन्होंने इंजमाम से कहा कि उसे आगे क्यों बुलाया तो इंजी भाई ने कहा कि तुम्हें नहीं पता कि यहां क्या चल रहा है।''
इंजमाम उल हक
- फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग ने की इंजमाम की तारीफ
सहवाग ने इसके बाद इंजमाम की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''इंजी भाई बहुत आराम से बात करते थे। वह पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ कप्तान में से एक हैं। वह मध्यक्रम में एशिया के बेस्ट बल्लेबाज रहे हैं। उनके साथ अरविंद डी सिल्वा को मध्यक्रम में मैं सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मानता हूं। वह 2003-04 में यह बात करते थे कि 10 ओवर में 70-80 रन बचे हैं तो आराम से बना लेंगे।''
सहवाग ने पूरी की थी यासिर हमीद की फरमाइश
सहवाग को गाने का बहुत शौक है। वह किशोर कुमार के फैन हैं। बल्लेबाजी के दौरान वह खुद के ऊपर से दबाव कम करने के लिए गाने गाते थे। सहवाग ने इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व ओपनर यासिर हमीद की फरमाइश पूरी की थी। सहवाग ने कहा, ''एक बार पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में मैं गाने गुनगुना रहा था। उसी समय शॉर्ट लेग पर खड़े यासिर हमीद ने सुन लिया। उन्होंने कहा कि भाईजान तेरे जैसा यार कहां...सुना दो। मैंने फिर उनकी फरमाइश पूरी कर दी। उनके अलावा कामरान अकमल को भी गाना सुनाया। दरअसल, पाकिस्तान के खिलाड़ी भी हिंदी समझते हैं तो वह फरमाइश करते हैं। कभी कोई गोरा हमें नहीं बोलता कि किशोर कुमार का गाना सुना दो।"
सहवाग ने इसके बाद इंजमाम की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''इंजी भाई बहुत आराम से बात करते थे। वह पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ कप्तान में से एक हैं। वह मध्यक्रम में एशिया के बेस्ट बल्लेबाज रहे हैं। उनके साथ अरविंद डी सिल्वा को मध्यक्रम में मैं सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मानता हूं। वह 2003-04 में यह बात करते थे कि 10 ओवर में 70-80 रन बचे हैं तो आराम से बना लेंगे।''
सहवाग ने पूरी की थी यासिर हमीद की फरमाइश
सहवाग को गाने का बहुत शौक है। वह किशोर कुमार के फैन हैं। बल्लेबाजी के दौरान वह खुद के ऊपर से दबाव कम करने के लिए गाने गाते थे। सहवाग ने इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व ओपनर यासिर हमीद की फरमाइश पूरी की थी। सहवाग ने कहा, ''एक बार पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में मैं गाने गुनगुना रहा था। उसी समय शॉर्ट लेग पर खड़े यासिर हमीद ने सुन लिया। उन्होंने कहा कि भाईजान तेरे जैसा यार कहां...सुना दो। मैंने फिर उनकी फरमाइश पूरी कर दी। उनके अलावा कामरान अकमल को भी गाना सुनाया। दरअसल, पाकिस्तान के खिलाड़ी भी हिंदी समझते हैं तो वह फरमाइश करते हैं। कभी कोई गोरा हमें नहीं बोलता कि किशोर कुमार का गाना सुना दो।"