क्या युवराज और कप्तान धोनी के बीच हो गई है दोस्ती?
ढाका में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए बेहद रोमांचक मुकाबले में युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच जो दिखा, वह टीम इंडिया के लिए अच्छा संकेत है।
ज्यादा दूर नहीं, दो साल पहले टी-20 वर्ल्ड कप 2014 के फाइनल मैच के बाद का घटनाक्रम जानते हैं, जब युवराज की टीम इंडिया से छुट्टी कर दी गई थी। फिर वनडे वर्ल्ड कप 2015 में युवराज को टीम में जगह नहीं दिए जाने के बाद कप्तान धोनी की काफी आलोचना भी हुई।
धोनी आए थे निशाने पर
युवराज को वनडे वर्ल्ड कप 2015 में टीम में जगह न दिए जाने को लेकर युवराज के पिता योगराज सिंह ने कप्तान को निशाने पर लिया और कई बार जमकर आलोचना की। उन्होंने मीडिया में भी धोनी को आड़े हाथों लिया।
योगराज ने कई कटाक्ष किए और उन्हें धमकियां तक डे डाली थी। हालांकि इस बारे में धोनी में कोई प्रतिक्रिया नहीं की। उस वक्त लगा था कि धोनी और युवी के बीच कोई दोस्ती नहीं रही। लेकिन लगता है, कि अब पुरानी दोस्ती लौट आई है।
एशिया कप के चौथे मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत हुई। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने पाक पर अब तक आपसी मुकाबलों में हुए कुल 7 टी-20 मैचों में 6वीं जीत दर्ज कर ली।
टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर
शनिवार को महामुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह के बीच हालांकि सिर्फ नाबाद 9 रनों की साझेदारी हुई लेकिन इस छोटी सी पार्टनरशिप ने एक बार फिर दोनों को दोस्त बना लिया।
जीत के बाद जब धोनी और युवराज ड्रेसिंगरुम की ओर जा रहे थे तो दोनों के बीच हंसी-मजाक ने पुरानी यादें लौटा दी हैं। मैच के बाद हंसकर बात करते हुए दोनों दिखे। मार्च महीने में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय क्रिकेटरों की अच्छी आपसी समझ टीम के लिए अच्छे संकेत हैं।
इतना ही नहीं, इससे पहले एशिया कप के पहले मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ फिल्डिंग करते हुए जब कप्तान धोनी पीठ के दर्द से जूझ रहे थे और इस दौरान उन्होंने बेल्ट पीठ में बांधनी चाही तो कोई और नहीं खुद युवराज ही उनके पीठ पर बेल्ट बांधने के लिए आए। सिर्फ युवराज ने धोनी की बेल्ट बांधने में मदद की थी।