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Asia Cup: एशिया कप में ओमान का डेब्यू, जॉब और क्रिकेट के बीच जूझते खिलाड़ी दिखाएंगे जज्बा; पढ़ें अनसुनी कहानी
Mon, 08 Sep 2025 02:05 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 08 Sep 2025 02:05 PM IST
सार
कप्तान जतिंदर ने कहा, 'अब मैं कह सकता हूं कि ओमान का प्रतिनिधित्व करना और एशिया कप में खेलना एक सपना सच होने जैसा है। हमारा कैंप बहुत उत्साहित है और टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।'
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ओमान क्रिकेट टीम
- फोटो : Twitter
विस्तार
ओमान के क्रिकेटरों की यात्रा किसी सामान्य क्रिकेट कहानी जैसी नहीं है। लंबे ऑफिस के दिन और सीमेंट के पिचों पर देर शाम तक खेलते हुए, इन खिलाड़ियों ने वह संघर्ष किया जो ज्यादातर लोग उनके ड्रेसिंग रूम से बाहर कभी नहीं देख पाए। यह मेहनत अब उन्हें एशिया कप 2025 तक ले गई है। कप्तान जतिंदर सिंह और ऑलराउंडर सूफियान महमूद न केवल टीम की उम्मीदों को लेकर खेल रहे हैं, बल्कि पूरी तरह से उस देश की कहानी भी सामने ला रहे हैं जो विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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कप्तान जतिंदर ने क्या कहा?
जतिंदर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 'जब हमने शुरुआत की, तो हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी नौकरी पाना था, क्रिकेट हमारे लिए सेकेंडरी था। ज्यादातर खिलाड़ी ऑफिस में काम करते थे और क्रिकेट को साइड में मैनेज करते थे। लेकिन अब मैं कह सकता हूं कि ओमान का प्रतिनिधित्व करना और एशिया कप में खेलना एक सपना सच होने जैसा है। हमारा कैंप बहुत उत्साहित है और टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।'
जतिंदर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, 'जब हमने शुरुआत की, तो हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी नौकरी पाना था, क्रिकेट हमारे लिए सेकेंडरी था। ज्यादातर खिलाड़ी ऑफिस में काम करते थे और क्रिकेट को साइड में मैनेज करते थे। लेकिन अब मैं कह सकता हूं कि ओमान का प्रतिनिधित्व करना और एशिया कप में खेलना एक सपना सच होने जैसा है। हमारा कैंप बहुत उत्साहित है और टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।'
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शुरुआती संघर्ष और सीमित संसाधन
जतिंदर ने अपने शुरुआती अनुभव साझा किए, जब उन्होंने ओमान में क्रिकेट खेलना शुरू किया। जतिंदर ने बताया, 'शुरुआत में हमारे पास टर्फ ग्राउंड नहीं थे। हमने सीमेंट की विकेट्स पर खेलना शुरू किया, फिर 2008 में एस्ट्रो टर्फ मिला और 2011 में हमें पहला सही टर्फ ग्राउंड मिला। कई बार मैंने सोचा, बिना किसी परिणाम के मैं इतनी मेहनत क्यों कर रहा हूं? लेकिन हमारी भूख और जुनून हमें आगे बढ़ाता रहा।' इस कठिनाई की वजह से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी बीच में ही छोड़कर चले गए, लेकिन जतिंदर और सूफियान जैसे खिलाड़ियों ने टॉर्च को थामे रखा।
जतिंदर ने अपने शुरुआती अनुभव साझा किए, जब उन्होंने ओमान में क्रिकेट खेलना शुरू किया। जतिंदर ने बताया, 'शुरुआत में हमारे पास टर्फ ग्राउंड नहीं थे। हमने सीमेंट की विकेट्स पर खेलना शुरू किया, फिर 2008 में एस्ट्रो टर्फ मिला और 2011 में हमें पहला सही टर्फ ग्राउंड मिला। कई बार मैंने सोचा, बिना किसी परिणाम के मैं इतनी मेहनत क्यों कर रहा हूं? लेकिन हमारी भूख और जुनून हमें आगे बढ़ाता रहा।' इस कठिनाई की वजह से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी बीच में ही छोड़कर चले गए, लेकिन जतिंदर और सूफियान जैसे खिलाड़ियों ने टॉर्च को थामे रखा।
जतिंदर और सूफियान की उपलब्धियां
36 वर्षीय जतिंदर ने अब तक 36 वनडे में 1,704 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और सर्वश्रेष्ठ 118* का स्कोर भी शामिल है। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम 1,120 रन हैं, स्ट्राइक रेट 115 से ज्यादा का है। 34 वर्षीय सूफियान महमूद ने आठ वनडे में 107 रन बनाए हैं, जिसमें शीर्ष स्कोर 72 रन का है और साथ ही उन्होंने छह विकेट लिए हैं।
सूफियान ने बताया कि घर से भी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'जब मैंने राष्ट्रीय टीम जॉइन की, मेरे माता-पिता ने कहा कि ओमान क्रिकेट का कोई भविष्य नहीं है और मुझे पढ़ाई और नौकरी पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन आत्मविश्वास हमेशा था। खेलने की भूख हमें आगे बढ़ाती रही। 2016 विश्व कप में जगह बनाने के बाद लगा कि हमारी सारी मेहनत रंग लाई।'
36 वर्षीय जतिंदर ने अब तक 36 वनडे में 1,704 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और सर्वश्रेष्ठ 118* का स्कोर भी शामिल है। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम 1,120 रन हैं, स्ट्राइक रेट 115 से ज्यादा का है। 34 वर्षीय सूफियान महमूद ने आठ वनडे में 107 रन बनाए हैं, जिसमें शीर्ष स्कोर 72 रन का है और साथ ही उन्होंने छह विकेट लिए हैं।
सूफियान ने बताया कि घर से भी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'जब मैंने राष्ट्रीय टीम जॉइन की, मेरे माता-पिता ने कहा कि ओमान क्रिकेट का कोई भविष्य नहीं है और मुझे पढ़ाई और नौकरी पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन आत्मविश्वास हमेशा था। खेलने की भूख हमें आगे बढ़ाती रही। 2016 विश्व कप में जगह बनाने के बाद लगा कि हमारी सारी मेहनत रंग लाई।'
टी20 में स्थिति और विश्व स्तर पर डेब्यू
2015 में ओमान ने विश्व टी20 क्वालिफायर में नामीबिया को हराकर टी20 देश का तमगा हासिल किया। इसके बाद 2016 टी20 विश्व कप में उनकी पहली ग्लोबल उपस्थिति हुई। उन्होंने अपने ओपनिंग मैच में आयरलैंड को हराकर सभी को चौंका दिया। हालांकि, नीदरलैंड के खिलाफ बारिश और बांग्लादेश से हार ने उनका अभियान समाप्त कर दिया। जतिंदर ने कहा, '2016 टी20 विश्व कप के बाद हमारी असली यात्रा शुरू हुई। अनुशासन, प्रोफेशनलिज्म, कोचिंग...सब कुछ बदल गया। खिलाड़ी अब खेल का आनंद लेने लगे। 2025 तक टीम पहले से अधिक भूखी है।'
2015 में ओमान ने विश्व टी20 क्वालिफायर में नामीबिया को हराकर टी20 देश का तमगा हासिल किया। इसके बाद 2016 टी20 विश्व कप में उनकी पहली ग्लोबल उपस्थिति हुई। उन्होंने अपने ओपनिंग मैच में आयरलैंड को हराकर सभी को चौंका दिया। हालांकि, नीदरलैंड के खिलाफ बारिश और बांग्लादेश से हार ने उनका अभियान समाप्त कर दिया। जतिंदर ने कहा, '2016 टी20 विश्व कप के बाद हमारी असली यात्रा शुरू हुई। अनुशासन, प्रोफेशनलिज्म, कोचिंग...सब कुछ बदल गया। खिलाड़ी अब खेल का आनंद लेने लगे। 2025 तक टीम पहले से अधिक भूखी है।'
एशिया कप में चुनौती
अब चुनौती पहले से बड़ी है। ओमान को ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान और यूएई के साथ रखा गया है। जतिंदर ने कहा, 'हम निडर क्रिकेट खेलना चाहते हैं। कम से कम हमें पता चलेगा कि हम कहां खड़े हैं क्योंकि हमें टॉप टीमों के खिलाफ खेलने का मौका कम मिलता है। यह एक सुनहरा अवसर है।' भारत के खिलाफ खेलना ओमान के लिए एशिया कप का मुख्य आकर्षण है। यह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खुद को मापने का अवसर है।
अब चुनौती पहले से बड़ी है। ओमान को ग्रुप A में भारत, पाकिस्तान और यूएई के साथ रखा गया है। जतिंदर ने कहा, 'हम निडर क्रिकेट खेलना चाहते हैं। कम से कम हमें पता चलेगा कि हम कहां खड़े हैं क्योंकि हमें टॉप टीमों के खिलाफ खेलने का मौका कम मिलता है। यह एक सुनहरा अवसर है।' भारत के खिलाफ खेलना ओमान के लिए एशिया कप का मुख्य आकर्षण है। यह दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खुद को मापने का अवसर है।
भारतीय सितारों से प्रेरणा
जतिंदर ने भारतीय खिलाड़ियों में अपने आदर्श के रूप में शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा का नाम लिया। सूफियान महमूद ने स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को आदर्श माना। सूफियान ने कहा, 'जैसे वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों संभालते हैं। लेकिन सच कहूं तो मैं भारतीय टीम के अधिकांश खिलाड़ियों से सीखना चाहूंगा। वे कैसे तैयारी करते हैं, दबाव को कैसे संभालते हैं। उनके साथ हर पल सीखने वाला होगा।'
जतिंदर ने भारतीय खिलाड़ियों में अपने आदर्श के रूप में शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा का नाम लिया। सूफियान महमूद ने स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को आदर्श माना। सूफियान ने कहा, 'जैसे वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों संभालते हैं। लेकिन सच कहूं तो मैं भारतीय टीम के अधिकांश खिलाड़ियों से सीखना चाहूंगा। वे कैसे तैयारी करते हैं, दबाव को कैसे संभालते हैं। उनके साथ हर पल सीखने वाला होगा।'
ओमान क्रिकेट का भविष्य
एशिया कप के परे, ओमान क्रिकेट का ध्यान स्थायी भविष्य बनाने पर है। डिप्टी हेड कोच सुलक्षण कुलकर्णी स्कूलों में संरचित कार्यक्रम चला रहे हैं। फुटबॉल की प्रधानता के बावजूद क्रिकेट को अधिक युवा ओमानियों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। जतिंदर ने कहा, 'क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में समय, प्रयास और उपकरण की जरूरत होती है, लेकिन काम जारी है। अकादमी कोच स्कूलों में जा रहे हैं, बेसिक सिखा रहे हैं और कम उम्र से ही प्रतिभा को निखार रहे हैं। लक्ष्य है कि एक ऐसा बेस तैयार करना जो ओमान क्रिकेट को आने वाले वर्षों तक आगे ले जाए।'
एशिया कप के परे, ओमान क्रिकेट का ध्यान स्थायी भविष्य बनाने पर है। डिप्टी हेड कोच सुलक्षण कुलकर्णी स्कूलों में संरचित कार्यक्रम चला रहे हैं। फुटबॉल की प्रधानता के बावजूद क्रिकेट को अधिक युवा ओमानियों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। जतिंदर ने कहा, 'क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में समय, प्रयास और उपकरण की जरूरत होती है, लेकिन काम जारी है। अकादमी कोच स्कूलों में जा रहे हैं, बेसिक सिखा रहे हैं और कम उम्र से ही प्रतिभा को निखार रहे हैं। लक्ष्य है कि एक ऐसा बेस तैयार करना जो ओमान क्रिकेट को आने वाले वर्षों तक आगे ले जाए।'