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अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड मैच रद्द: ग्रेनो में टॉस तक नहीं हो सका, भारत के 91 साल के टेस्ट इतिहास में ये पहली बार
Fri, 13 Sep 2024 09:57 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 13 Sep 2024 09:57 AM IST
सार
एशिया में इससे पहले सिर्फ एक मैच बिना गेंद फेंके रद्द किया गया है। ऐसा 1998 में फैसलाबाद में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच मैच में हुआ था। कुल मिलाकर दुनिया भर में केवल आठ टेस्ट बिना गेंद फेंके रद्द कर दिए गए हैं।
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खेल जगत की रोचक खबर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच ग्रेटर नोएडा टेस्ट बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया है। शुक्रवार को भी एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी, न ही इस टेस्ट में टॉस हो सका। आज भारी बारिश की वजह से सुबह-सुबह ही आज आखिरी दिन के खेल को रद्द करने का फैसला किया गया। भारत में 1933 से टेस्ट खेला जा रहा है और यह पहली बार है जब भारतीय जमीन पर कोई टेस्ट मैच बिना टॉस के या बिना एक गेंद फेंके रद्द कर दिया गया है। एशिया में इससे पहले सिर्फ एक मैच बिना गेंद फेंके रद्द किया गया है। ऐसा 1998 में फैसलाबाद में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच मैच में हुआ था।
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अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट
- फोटो : PTI
इस मैच में पांचों दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी है। पहले दो दिन आउटफील्ड गीली थी जिससे अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए इस मैदान की तैयारी पर भी सवाल उठे। वहीं, अगले तीन दिन बारिश की वजह से खेल नहीं हो सका। टेस्ट क्रिकेट इतिहास का आठवां ऐसा मैच है जब बिना गेंद फेंके मैच रद्द किया गया। ऐसा 26 साल बाद हुआ है। पिछली बार वर्ष 1998 में भारत और न्यूजीलैंड का मैच बिना गेंद फेंके समाप्त हुआ था। जबकि पहली बार 1890 में ऐसा हुआ था। वहीं, अब ग्रेटर नोएडा का स्टेडियम टेस्ट मैदान भी नहीं बन सकेगा।
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अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने न्यूजीलैंड के साथ मैच खेलने की पूरी तैयारी की थी। न्यूजीलैंड बड़ी टीम है। इस कारण बोर्ड के साथ खिलाड़ी भी काफी उत्साहित थे, लेकिन ग्रेटर नोएडा के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को चुनकर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड पछता रहा है। दोनों देश के बीच टेस्ट इतिहास का 2549वां मैच खेला जाना था, लेकिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। अफगानिस्तान इस मैच का मेजबान है जिसे शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिलता। आईसीसी से 2017 में टेस्ट टीम का दर्जा मिलने के बाद यह उसका 10वां टेस्ट था। यह टेस्ट आईसीसी विश्व चैम्पियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं है। न्यूजीलैंड टीम अब श्रीलंका में दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी जिसके बाद भारत में 16 अक्तूबर से तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी।
अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : ACB
दिल्ली और काबुल के पास होने के कारण चुना ग्रेटर नोएडा
अफगानिस्तान बोर्ड को ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ कानपुर व बंगलुरू का विकल्प मिला था, लेकिन दिल्ली और काबुल पास होने के कारण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा को चुना। टीम यहां पर पहले भी खेल चुकी थी। टीम को उम्मीद थी कि यहां पहले खेलने का उनको फायदा मिलेगा, लेकिन अब एसीबी पछता रहा है। हालांकि, एसीबी ने काफी प्रयास किया। आखिरी समय में मैच को दूसरी जगह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब इतना समय नहीं बचा था। वहीं, बीसीसीआई की मदद से दिल्ली से क्यूरेटर भी बुलाया गया। अतिरिक्त सुपर सोपर की व्यवस्था की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
अफगानिस्तान बोर्ड को ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ कानपुर व बंगलुरू का विकल्प मिला था, लेकिन दिल्ली और काबुल पास होने के कारण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा को चुना। टीम यहां पर पहले भी खेल चुकी थी। टीम को उम्मीद थी कि यहां पहले खेलने का उनको फायदा मिलेगा, लेकिन अब एसीबी पछता रहा है। हालांकि, एसीबी ने काफी प्रयास किया। आखिरी समय में मैच को दूसरी जगह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तब इतना समय नहीं बचा था। वहीं, बीसीसीआई की मदद से दिल्ली से क्यूरेटर भी बुलाया गया। अतिरिक्त सुपर सोपर की व्यवस्था की, लेकिन सफलता नहीं मिली।