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कोहली के पास था आखिरी मौका, ठोका शतक, बनाया रिकॉर्ड
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 18 Nov 2014 10:28 AM IST
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वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया ने वनडे सीरीज में लाजवाब प्रदर्शन कर श्रीलंका की एक नहीं चलने दी और सभी पांचों मैच जीतकर क्लीन स्वीप कर लिया।
भारतीय क्रिकेट टीम की जीत इस मायने में बेहद खास है क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी इस सीरीज में नहीं खेल रहे थे। साथ ही सीरीज के दौरान काफी प्रयोग किए गए। कई अनुभवी खिलाड़ियों को आराम दिया गया।
कोहली के पास अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम थी लेकिन गजब का खेल दिखाते हुए टीम ने सीरीज में 5-0 से जीत हासिल कर ली। सीरीज का अंतिम मैच रांची में खेला गया जिसमें दोनों टीमों के कप्तानों ने शानदार शतक लगाए लेकिन कोहली का 21वां शतक एंजेलो मैथ्यूज के पहले शतक पर भारी पड़ गया और कड़ी टक्कर देने के बावजूद श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही टीम इंडिया ने श्रीलंका पर लगातार छठी द्वीपक्षीय वनडे सीरीज जीती है।
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भारतीय क्रिकेट टीम की जीत इस मायने में बेहद खास है क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी इस सीरीज में नहीं खेल रहे थे। साथ ही सीरीज के दौरान काफी प्रयोग किए गए। कई अनुभवी खिलाड़ियों को आराम दिया गया।
कोहली के पास अपेक्षाकृत कम अनुभवी टीम थी लेकिन गजब का खेल दिखाते हुए टीम ने सीरीज में 5-0 से जीत हासिल कर ली। सीरीज का अंतिम मैच रांची में खेला गया जिसमें दोनों टीमों के कप्तानों ने शानदार शतक लगाए लेकिन कोहली का 21वां शतक एंजेलो मैथ्यूज के पहले शतक पर भारी पड़ गया और कड़ी टक्कर देने के बावजूद श्रीलंका को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही टीम इंडिया ने श्रीलंका पर लगातार छठी द्वीपक्षीय वनडे सीरीज जीती है।
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5 में 2-2 क्लीन स्वीप कोहली और धोनी के नाम
रांची वनडे में जीत हासिल कर भारत ने क्लीन स्वीप कर लिया। ऐसा पांचवीं बार हुआ है जब टीम इंडिया ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में विपक्षी टीम का सूपड़ा साफ किया हो। भारत ने सबसे ज्यादा इंग्लैंड के खिलाफ 2 बार ऐसा किया है। जबकि उसने न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे के बाद श्रीलंका पर एक-एक बार यह कारनामा किया है।
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी भारत के ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में 2-2 बार 5 मैचों की वनडे सीरीज क्लीन स्वीप किया हो।
यह जीत इस लिहाज से भी बहुत खास है क्योंकि श्रीलंका पर भारत की जीत की सेंचुरी है। भारत ने 14 टेस्ट और 3 ट्वंटी-20 मुकाबलों में जीत के अलावा 82 वनडे मैचों में श्रीलंका को हराया है। श्रीलंका पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने भारत से 100 मैच गंवाए हैं। भारत ने श्रीलंका से 149 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उसे 83 में जीत और 54 में हार (11 के रिजल्ट नहीं और 1 टाई) मिली है। इस तरह भारत की जीत का औसत 60.50 प्रतिशत हो गया है।
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी भारत के ऐसे कप्तान बन गए हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में 2-2 बार 5 मैचों की वनडे सीरीज क्लीन स्वीप किया हो।
यह जीत इस लिहाज से भी बहुत खास है क्योंकि श्रीलंका पर भारत की जीत की सेंचुरी है। भारत ने 14 टेस्ट और 3 ट्वंटी-20 मुकाबलों में जीत के अलावा 82 वनडे मैचों में श्रीलंका को हराया है। श्रीलंका पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने भारत से 100 मैच गंवाए हैं। भारत ने श्रीलंका से 149 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उसे 83 में जीत और 54 में हार (11 के रिजल्ट नहीं और 1 टाई) मिली है। इस तरह भारत की जीत का औसत 60.50 प्रतिशत हो गया है।
दोनों टीमों के कप्तानों की दिलचस्प 'जुगलबंदी'
श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज का वनडे क्रिकेट में शतक लगाने का 6 साल पुराना सपना रांची में जाकर पूरा हुआ। इससे पहले उन्होंने 137 वनडे मैचों की 115 पारियों में 24 अर्धशतक लगाए थे लेकिन शतक उनसे दूर था। उनके 116वें वनडे पारी में जाकर शतक लगाने का सपना पूरा हुआ। वह 139 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी विशेषता यह भी रही उन्होंने जहां 6 चौके लगाए वहीं 10 छक्के भी जड़े।
बतौर कप्तान मैथ्यूज ने 139 रनों की नाबाद पारी खेली जो किसी विदेशी कप्तान की ओर से भारत में खेली गई तीसरी सबसे बड़ी पारी रही। साथ ही बतौर श्रीलंकाई कप्तान भारत के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी पारी है यह। मैथ्यूज से पहले सनत जयसूर्या ने 189 रनों की पारी खेली थी शरजाह में।
मैथ्यूज के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी शतक जमाया। वनडे क्रिकेट में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब दोनों टीमों की ओर से कप्तानों ने शतक लगाए हों। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों शतक 2013 के बाद से ही लगे हैं, जिसमें 2 बार भारतीय कप्तान शामिल रहे हैं।
दोनों कप्तानों की पारियों में एक और खास बात यह रही कि दोनों 139-139 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। इस मैच में शतक लगाकर दोनों ही कप्तान साल 2014 में वनडे में एक हजार रन बनाने का आंकड़ा पार करने के साथ ही पहले-दूसरे स्थान पर काबिज हैं। 1062 रन बनाकर मैथ्यूज सबसे आगे हैं जबकि कोहली 1054 रन बनाकर महज 8 रन से पहले स्थान से दूर हैं और दूसरे नंबर पर हैं।
बतौर कप्तान मैथ्यूज ने 139 रनों की नाबाद पारी खेली जो किसी विदेशी कप्तान की ओर से भारत में खेली गई तीसरी सबसे बड़ी पारी रही। साथ ही बतौर श्रीलंकाई कप्तान भारत के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी पारी है यह। मैथ्यूज से पहले सनत जयसूर्या ने 189 रनों की पारी खेली थी शरजाह में।
मैथ्यूज के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी शतक जमाया। वनडे क्रिकेट में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब दोनों टीमों की ओर से कप्तानों ने शतक लगाए हों। दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों शतक 2013 के बाद से ही लगे हैं, जिसमें 2 बार भारतीय कप्तान शामिल रहे हैं।
दोनों कप्तानों की पारियों में एक और खास बात यह रही कि दोनों 139-139 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। इस मैच में शतक लगाकर दोनों ही कप्तान साल 2014 में वनडे में एक हजार रन बनाने का आंकड़ा पार करने के साथ ही पहले-दूसरे स्थान पर काबिज हैं। 1062 रन बनाकर मैथ्यूज सबसे आगे हैं जबकि कोहली 1054 रन बनाकर महज 8 रन से पहले स्थान से दूर हैं और दूसरे नंबर पर हैं।
लगातार 4 साल से जारी है कोहली का ये कारनामा
विराट कोहली टीम इंडिया के मैच जीताऊ बल्लेबाज माने जाते हैं। वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने 14 मौकों पर शतक लगाए जिसमें भारत को 13 में जीत मिली।
वेस्टइंडीज के अचानक सीरीज रद होने और श्रीलंका के साथ 5 मैचों की वनडे सीरीज का कार्यक्रम बनने से कोहली को काफी फायदा हुआ। हालांकि रांची वनडे से पहले वह साल में एक हजार रनों के आंकड़ें से काफी दूर थे लेकिन इस मैच में उन्होंने 139 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने के साथ ही अपने करियर में एक हजार रन और बना लिए। उन्होंने लगातार चौथे साल वनडे में एक हजार से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा करने वाले वह दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं जो 2011 से लेकर हर साल वनडे में एक हजार से ज्यादा रन बना रहे हैं।
इससे पहले भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छूए बगैर ही पवेलियन लौट गए। भारतीय पारी की शुरुआत अजिंक्य रहाणे (2) और रोहित शर्मा (9) करने आए थे लेकिन दोनों ही बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर बोल्ड हो गए। 13 सालों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत के दोनों ओपनर श्रीलंका के खिलाफ दहाई का आंकड़ा छूए बगैर ही आउट हो गए। इससे पहले 2001 में कोलंबो में वनडे मैच के दौरान दोनों भारतीय ओपनर 10 रन बनाने से पहले ही पवेलियन लौट गए।
वहीं, श्रीलंका ने 50 ओवर में 286 रन बनाए, लेकिन एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम ढाई सौ भी बना ले तो बहुत होगा, लेकिन कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अंतिम 10 ओवर में 114 रन ठोक कर स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। 2001 के बाद से अंतिम 10 ओवरों में श्रीलंका की ओर से खेली गई दूसरी सबसे तेज पारी है। श्रीलंका ने 2013 में जमैका में भारत के ही खिलाफ अंतिम 10 ओवर में सबसे ज्यादा 124 रन ठोक दिए थे।
वेस्टइंडीज के अचानक सीरीज रद होने और श्रीलंका के साथ 5 मैचों की वनडे सीरीज का कार्यक्रम बनने से कोहली को काफी फायदा हुआ। हालांकि रांची वनडे से पहले वह साल में एक हजार रनों के आंकड़ें से काफी दूर थे लेकिन इस मैच में उन्होंने 139 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने के साथ ही अपने करियर में एक हजार रन और बना लिए। उन्होंने लगातार चौथे साल वनडे में एक हजार से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा करने वाले वह दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं जो 2011 से लेकर हर साल वनडे में एक हजार से ज्यादा रन बना रहे हैं।
इससे पहले भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छूए बगैर ही पवेलियन लौट गए। भारतीय पारी की शुरुआत अजिंक्य रहाणे (2) और रोहित शर्मा (9) करने आए थे लेकिन दोनों ही बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर बोल्ड हो गए। 13 सालों के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत के दोनों ओपनर श्रीलंका के खिलाफ दहाई का आंकड़ा छूए बगैर ही आउट हो गए। इससे पहले 2001 में कोलंबो में वनडे मैच के दौरान दोनों भारतीय ओपनर 10 रन बनाने से पहले ही पवेलियन लौट गए।
वहीं, श्रीलंका ने 50 ओवर में 286 रन बनाए, लेकिन एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम ढाई सौ भी बना ले तो बहुत होगा, लेकिन कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अंतिम 10 ओवर में 114 रन ठोक कर स्कोर 286 तक पहुंचा दिया। 2001 के बाद से अंतिम 10 ओवरों में श्रीलंका की ओर से खेली गई दूसरी सबसे तेज पारी है। श्रीलंका ने 2013 में जमैका में भारत के ही खिलाफ अंतिम 10 ओवर में सबसे ज्यादा 124 रन ठोक दिए थे।